The Best 51+ Shayari For Eyes You Must Be Searching For!

Shayari For Eyes: This is the best Shayari on eyes known to man. If you are searching for Shayari For Eyes on the internet, then you have come to the right page. We have compiled a list of the best Shayari for eyes and hope you liked that.

Collection of best writings on eyes. A beautiful and meaningful message can bright the entire day of your lover. Read this romantic Shayari for their eyes in Hindi. Have a nice read with these beautiful Shayari.

Table of Content

  1. Tareef Shayari On Eyes – तारीफ शायरी ऑन आईज
  2. Shayari On Eyes In Hindi – शायरी ऑन आईज इन हिंदी
  3. Shayari About Eyes – शायरी अबाउट आईज
  4. Shayari For Eyes – शायरी फॉर आईज
  5. Shayari On Eyes – शायरी ऑन आईज
  6. Conclusion

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Source: YouTube/ShayariSukun

दोस्तों हमें यकीन है कि आपको आज का हमारा प्रयास बहुत ज्यादा पसंद आएगा. साथ ही आप हमारे Shayari On Eyes In Hindi के इमेजेस को भी जरूर डाउनलोड कर सकते हैं.


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Tareef Shayari On Eyes – तारीफ शायरी ऑन आईज

Tareef Shayari On Eyes
Tareef Shayari On Eyes
1)

तुम्हारे ये प्यारे-प्यारे eyes..

पकड़ लेते हैं मेरे सभी lies..

-Vrushali

tumhare ye pyare-pyare eyes..
pakad lete hain mere sabhi lies..

2)

डोन्ट वरी डार्लिंग,
आई विल बी ऑलवेज योर..

आइज नोज लैंग्वेज
ऑफ लव एवरीव्हेयर..

-Kavya

don’t worry darling,
I’ll be always your..
eyes knows language
of love everywhere..

3)

जहां-जहां टिके रहते हैं तुम्हारे eyes..

वहां-वहां मेरे पैसे हो जाते हैं flies..

-Vrushali

jahan-jahan tike rahte hain tumhare eyes..
vahan-vahan mere paise ho jaate hain flies..

4)

महबूब की eyes में ही
मेरी जिंदगी है जानता हूं..

उसी की advice को
दिल के करीब मानता हूं..

-Santosh

mehboob ki eyes mein hi
meri jindagi hai jaanta hun..
usi ki advice ko
dil ke kareeb manta hun..

5)

जब भी देखता हुं मैं
तुम्हारे चमकीले eyes..

खुशियों में अपनी मैं
महसूस करता हूं rise..

-Vrushali

jab bhi dekhta hoon main
tumhare chamkile eyes..
khushiyon mein apni main
mahsus karta hun rise..

6)

मन में ही अल्फाज कई
प्यार के दबाए हैं उन्होंने..

उनकी आंखों में कई
राज छुपाए हैं उन्होंने..

-Gauri

man mein hi alfaz kai
pyar ke dabaye hai unhone..
unki aankhon mein kai
raj chupaye hai unhone..

7)

eyes तुम्हारे देखकर
lays लाना मैं भूल गया..

देखा जब चेहरा तुम्हारा
तो पागल मैं हो गया..

-Vrushali

eyes tumhare dekh kar
lays lana main bhul gaya..
dekha jab chehra tumhara
to pagal main ho gaya..

8)

वो ही तो है मेरी दिलनशीं महबूबा,
जिंदगी उसीपे अपनी वारना चाहूं..

उसकी झील जैसी आंखों में ही
आज मैं अपने आपको डूबोना चाहूं..

-Kavya

wo hi to hai meri dilnashi mehbooba,
zindagi usipe apni varna chahun..
uski jheel jaisi aankhon mein hi
aaj main apne aap ko dubona chahun..

9)

दिन हो या रात बस
खयालों में खोया रहता हूं मैं..

तेरी इन हसीन आंखों में
अब डूब जाना चाहता हूं मैं..

-Santosh

din ho ya raat bas
khayalon mein khoya rahata hun main..
teri in haseen aankhon mein
ab doob jana chahta hun main..

10)

देख ले एक बार ये
तेरी क़ातिलाना आंखें जो..

मर कर भी जीने की
तमन्ना करने लगता है वो..

-Santosh

dekh le ek bar yeh
teri katilana aankhen jo..
mar kar bhi jeene ki
tamanna karne lagta hai vo..

Tareef Shayari For Eyes को सुनकर आशिक अपनी महबूबा की नशीली आंखों में डूब कर ही जीना चाहता है. और अपने यार के खातिर नजरों को ही देख देख कर जिंदगी का बसेरा करना चाहता है.

Shayari On Eyes In Hindi – शायरी ऑन आईज इन हिंदी

11)

तुम्हारे ये नीले-नीले eyes
याद दिलाते हैं मुझे skies..

जब भी होता हैं sunrise
मैं याद करता हूं तुम्हारे eyes..

-Vrushali

tumhare ye neele neele eyes
yad dilate hain mujhe skies..
jab bhi hota hai sunrise
mein yad karta hun tumhare eyes..

12)

चाहत की बातें ऐसे की उसने
मैं बस उसी का हो बैठा..

उसकी eyes में नशा देखकर
मैं अपना होश खो बैठा..

-Santosh

chaahat ki baten aise ki usne
main bus usi ka ho baitha..
uski eyes mein nasha dekhkar
main apna hosh kho baitha..

13)

जब तुम्हारे eyes
देते हैं मुझे advice..

तब बाकी सब को मैं
कहता हुं goodbyes..

-Vrushali

jab tumhare eyes
dete hain mujhe advice..
tab baki sab ko main
kahta hun goodbyes..

14)

मानता हूं मैं उसी की चाहत में
जिंदगी ये मेरी संवर गई..

मेरे महबूबा की eyes मुझे
कुछ ऐसे दीवाना कर गई..

-Gauri

manta hun main usi ki chahat mein
zindagi ye meri sanwar gayi..
mere mahbuba ki eyes mujhe
kuch aise deewana kar gai..

15)

तुम्हारी आंखों के ये इशारें
याद दिलाते हैं मुझे कई नज़ारें..

शरमा जाती हैं ये हसीन बहारें
कयामत चलती हैं जब साथ तुम्हारे..

-Vrushali

tumhari aankhon ke ye ishare
yad dilate hain mujhe kai najare..
sharma jaati hai ye hasin baharen
kayamat chalti hai jab sath tumhare..

16)

उनका दिल भी धड़क रहा था
मेरे चाहत की पुकार सुनकर..

खुश हो गया मैं भी आज इस कदर
eyes में प्यार का इज़हार देखकर..

-Kavya

unka dil bhi dhadak raha tha
mere chahat ki pukar sunkar..
khush ho gaya main bhi aaj is kadar
eyes mein pyar ka ijhaar dekhkar..

17)

बहुत खूबसूरत हैं तुम्हारे ये eyes..

जिन्हें देखकर मैं होता हूं surprise..

-Vrushali

bahut khubsurat hai tumhare ye eyes..
jinhen dekhkar mein hota hun surprise..

18)

मेरे दिलबरा की
देखकर नशीली eyes..

बांधना चाहता हूं
उसके गले में ताबीज..

-Gauri

mere dilbara ki
dekhkar nashili eyes..
bandhna chahta hun
uske gale mein tabij..

19)

हुस्न से पागल कर चैन ओ सुकून
हासिल कर लिया..

निगाहों से ज़िगर पर वार कर मेरा
क़ तल कर दिया..

-Santosh

husna se pagal kar chain ho sukun
hasil kar liya..
nigaho se jigar per war kar mera
qa tal kar diya..

20)

रुख़्सत ना होना दिल से कभी,
प्यार आपसे ही होगा..

इन आंखों को इंतजार हमेशा
बस आपका ही रहेगा..

-Santosh

rukhsat na hona dil se kabhi,
pyar aapse hi hoga..
in aankhon ko intezar hamesha
bas aapka hi rahega..

Shayari On Eyes In Hindi को सुनकर प्रेमी आपने साथी के शराबी नैनों की तारीफ करता है. और हमेशा अपने महबूब के दीदार के लिए ही तरसता रहता है.

Shayari About Eyes – शायरी अबाउट आईज

Shayari About Eyes
Shayari About Eyes
21)

आंखों में तुम्हारी मैं
अपना जहान देखता हूं..

खुदा भी याद आए तो
तुम्हारी आंखों में देखता हूं..

-Vrushali

aankhon mein tumhari main
apna jahan dekhta hun..
khuda bhi yad aaye to
tumhari aankhon mein dekhta hun..

22)

मुझसे करती है प्यार,
पैगाम ये दे गई..

उसकी नशीली आंखें
मेरी जान ले गई..

-Kavya

mujhse karti hai pyar,
paigam ye de gai..
uski nashili aankhen
meri jaan le gai..

23)

आंखों में तुम्हारी हैं हसीं शोखियाँ
बहारों की अनगिनत मस्तियाँ..

झील जैसी गहराई है इसमें
और जहान की सभी वादियाँ..

-Vrushali

aankhon mein tumhari hai hasin shokhiyan
baharon ki anginat mastiyan..
jhil jaisi gehrai hai ismein
aur jahan ki sabhi wadiyan..

24)

न जाने क्या क्या थे राज
जो वो दिल में छुपाने लगी..

उसकी आंखें ही मुझे आज
प्यार की दास्तान बताने लगी..

-Santosh

na jane kya kya the raj
jo vo dil mein chhupane lagi..
uski aankhen hi mujhe aaj
pyar ki dastan batane lagi..

25)

तुम्हारी आंखें बरसती बरसात जैसी
कोई गहरी खाई हो वीराने में जैसी..

डूब जाता हूं जब भी मैं इनमें
पलके झपकाती हो तुम तितली के जैसी..

-Vrushali

tumhari aankhen barsati barsat jaisi
koi gehri khai ho virane mein jaisi..
doob jata hun jab bhi main inmein
palke jhapkati ho tum titli ke jaisi..

26)

देखा तुम्हें तो सच्चा इश्क
मुझे तुम्हारी आंखों से हुआ था..

भरोसा तो जिंदगी में मैंने
सिर्फ तकदीर पर किया था..

-Kavya

dekha tujhe to saccha ishq
mujhe tumhari aankhon se hua tha..
bharosa to jindagi mein maine
sirf takdeer per kiya tha..

27)

आंखों में तुम्हारी एक कशिश सी हैं
जो दिल में मेरे तिश्नगी जगाती हैं..

नींद खो बैठा हूं मैं अपनी इस कदर
के तेरी जरा सी जुदाई मुझे तड़पाती हैं..

-Vrushali

aankhon mein tumhari ek kashish si hai
jo dil mein mere tishnagi jagati hai..
neend kho baitha hun main apni is kadar
ke teri jara si judaai mujhe tadpati hai..

28)

मेरे दिलबर को ही जिंदगी
अपनी तकदीर बना रही है..

ये कैसा जुल्मों सितम उसकी
आंखें मुझ पर कर रही है..

-Santosh

mere dilbar ko hi jindagi
apni takdeer banaa rahi hai..
ye kaisa julmo sitam uski
aankhen mujh par kar rahi hai..

29)

ना कोई माहताब चाहिए,
और ना ही आफ़ताब चाहिए..

चाहत के दीवाने हैं तेरी,
आंखों का बस दीदार चाहिए..

माहताब : चाँद
आफ़ताब : सूरज

-Santosh

na koi mahtab chahiye
aur na hi aftab chahiye..
chahat ke deewane hain teri,
aankhon ka bas didar chahiye..

30)

तुम्हारे आने से ज़िंदगी का फ़साना बदल जाएगा
तेरे वजूद से मेरी तक़दीर का ख़म निकल जाएगा..

खुदा जाने क्या कशिश हैं उन निगाहों में
उठ गई तो सूरज वक़्त से पहले ढल जाएगा..

-Moeen

tumhare aane se jindagi ka fasana badal jaega
tere wajood se meri takdeer ka kham nikal jaega..
khuda jaane kya kashish hai un nigahon mein
uth gayi tu suraj waqt se pahle dhal jaega..

Shayari About Eyes को सुनकर प्रेमी अपने यार की कातिलाना नजरों को अपने शहर में बसाना चाहता है. और अपने महबूब की दीवानगी के सिवा जिंदगी में और किसी भी बात की हसरत नहीं करना चाहता है.

Shayari For Eyes – शायरी फॉर आईज

31)

यूं अपनी आंखों से मेरे
दिल से खेला ना करो..

दिल है ये मेरा इसे तुम
बस चुरा लिया करो..

-Vrushali

yu apni aankhon se mere
dil se khela na karo..
din hai ye mera ise tum
bus chura liya karo..

32)

डूब गया हूं मैं देख कर
अपने महबूब की eyes..

जिंदगी में बस मानता हूं उसे मैं
अपना सबसे अच्छा वाइज..

वाइज : उपदेशक, नसीहत देने वाला व्यक्ति

-Gauri

doob gaya hun main dekh kar
apne mehboob ki eyes..
jindagi mein bus manta hun use main
apna sabse achcha waaij..

33)

तुम्हारे आंखों की गुस्ताखी
मेरे दिल से शरारत करती हैं..

बताओ तुम्हारी क्या हैं ख्वाइश
बात बात पर महाभारत करती है..

-Vrushali

tumhari aankhon ki gustakhi
mere dil se shararat karti hai..
batao tumhari kya hai khwahish
baat baat per mahabharat karti hai..

34)

आई लव योर ब्लिंकिंग
आइज लाइक सनशाइन..

बेबी, आइ एम ग्रेटफुल
दैट यूआर ओन्ली माइन..!

-Santosh

I love your blinking
eyes like sunshine..
baby, I am grateful
that you’re only mine..!

35)

तुम्हारी आंखों में
अपनी खुशियां पाता हूं..

दूर हो जाऊं तो
खुद को गम में खोता हूं..

-Vrushali

tumhari aankhon mein
apni khushiyan pata hun..
dur ho jaaun to
khud ko gam mein khota hun..

36)

बस एक तुझ पर ही जानू
अपने दिलो जान से मरता हूं..

तेरी आंखों में नशा देखकर
मैं मोहब्बत महसूस करता हूं..

-Kavya

bus ek tujh par hi janu
apne dilo jaan se marta hun..
teri aankhon mein nasha dekhkar
main mohabbat mahsus karta hun..

37)

उम्र भर बस तुम्हारा ही
होकर रहना चाहता हूं..

तेरी आंखों में, मैं अपना
दिल खोना चाहता हूं..

-Gauri

umra bhar bus tumhara hi
hokar rahna chahta hun..
teri aankhon mein, main apna
dil khona chahta hun..

38)

न जाने क्या नशा है तुम्हारी
इन मदहोश सी आंखों में..

अब जिंदगी भर कैद होना
चाहता हूं मैं इन सलाखों में..!

-Santosh

na jaane kya nasha hai tumhari
in madhosh si aankhon mein..
ab jindagi bhar kaid hona
chahta hun main in salakhon mein..!

39)

उन आँखों में मेरी चाहत का दीप जलता हैं
तेरे दीदार से मेरी ज़िंदगी का निज़ाम चलता हैं..

बड़े अजीब होते हैं ये मोहब्बतों के दिन भी
इधर मैं जागता हुँ, उधर वो करवटें बदलता हैं..

-Moeen

un aankhon mein meri chahat ka deep jalta hai
tere didar se meri jindagi ka nizam chalta hai..
bade ajeeb hote hain yah mohabbaton ke din bhi
idhar main jagta hun udhar wo karvate badalta hai..

40)

तेरी आँखों में चाहत का उमड़ता समंदर देखा
हया और सादगी का एक सरापा पैकर देखा..

मेरे इंतज़ार में देखना राह चलते हर अजनबी को
हम ने हैं छुप कर बेचैनी का बारहा ये मंज़र देखा..

-Moeen

teri aankhon mein chahat ka umadta samander dekha
hayaa aur sadgi ka ek sarapa paikar dekha..
mere intezar mein dekhna raah chalte har ajnabi ko
humne hai chup kar bechaini ka barhaa yah manzar dekha..

Shayari For Eyes को सुनकर प्रेमी अपने महबूब की आंखों के सिवा और किसी बात का दीदार नहीं करना चाहता है. क्योंकि वह अपने दिलबर के निगाहों का ही जिंदगी भर इंतजार करने के लिए तैयार होता है.

Shayari On Eyes – शायरी ऑन आईज

41)

मोहब्बत का नशा भरा है
मचलती हुई इन सांसों में..

कुछ अजीब सा जादू ही
भरा है तुम्हारी आंखों में..

-Kavya

mohabbat ka nasha bhara hai
machalti hui in sanson mein..
kuchh ajeeb sa jadu hi
bhara hai tumhari aankhon mein..

42)

जिंदगी तुझ पर लुटा कर
तुम्हारा बनना चाहता था मैं..

हर रोज शाम की अंजुमन भी
आंखों में देखना चाहता था मैं..

-Gauri

jindagi tujh per luta kar
tumhara banna chahta tha main..
har roj sham ki anjuman bhi
aankhon mein dekhna chahta tha main..

43)

प्यार की सादगी में तुम्हारी
हमेशा महकती बहारें देखूं..

तुम्हारी आंखों की तारीफ में
अब मैं क्या शायरी लिखूं..

-Santosh

pyar ki saadgi mein tumhari
hamesha mehakti baharen dekhun..
tumhari aankhon ki taarif mein
ab main kya shayari likhun..

44)

तुम कुछ ना कहो ये फिर भी
दिल की बातें हर बार करती है..

तुम्हारी आंखें मुझसे हमेशा ही
मोहब्बत का इजहार करती है..

-Kavya

tum kuch na kaho ye fir bhi
dil ki baten har baar karti hai..
tumhari aankhen mujhse hamesha hi
mohabbat ka izhaar karti hai..

45)

मोहब्बत का इजहार कर
मैंने इश्क की प्यास जता दी..

झुका कर आंखों को तुमने
इस जमाने को सादगी सीखा दी..!

-Gauri

mohabbat ka izhaar kar
maine ishq ki pyas jata di..
jhuka kar aankhon ko tumne
is jamane ko saadgi sikha di..

46)

खिड़की में छिपकर जब भी
जानम तू हल्के से मुस्कुराती है..

नशीली ये आंखें सपनों में भी
दीदार मुझे तेरा कराती है..!

-Santosh

khidki mein chhipkar jab bhi
janam tu halke se muskurati hai..
nashili ye aankhen sapnon mein bhi
didar mujhe tera karati hai..

47)

चुरा लो ना जानू दिल मेरा
तुम बातों ही बातों में..

मैं हमेशा ढूंढता रहता हूं
खुद को तुम्हारी आंखों में..

-Kavya

chura lo na janu dil mera
tum baton hi baton mein..
main hamesha dhundhta rahta hun
khud ko tumhari aankhon mein..

48)

सुबह शाम तेरी ही यादों में
शायरी लिखता हूं मैं..

तेरी आंखों को चमकते
तारों में भी देखता हूं मैं..

-Gauri

subah sham teri hi yadon mein
shayari likhta hun main..
teri aankhon ko chamakte
taaron mein bhi dekhta hun main..

49)

इश्क का नशीला जाम
पीना सिखा दिया..

तेरी आंखों ने जमाने को
जीना सिखा दिया..

-Kavya

ishq ka nashila jaam
pina sikha diya..
teri aankhon ne zamane ko
jina sikha diya..

50)

मैं हुँ बिखरता वजूद तू हैं संभालने वाला
आँखों के इशारों से हैरत में डालने वाला..

तेरी ख़ुशी से हैं वाबस्ता मेरी ये साँसें
बड़ा मासूम हैं मेरा ये फन उजालने वाला..

-Moeen

main hun bikharta vajud tu hai sambhalne wala
aankhon ke isharon se hairat mein dalne wala..
teri khushi se hai wabsta meri yah saanse
bada masoom hai mera yah fun ujalne wala..

51)

बात ये लबों से आज मुझे अपने कहने दो
नाम अपना तुम मेरे साथ जुड़ा रहने दो..

ना रोको इन्हें तुम अपनी हसीं आँखों में
पाक हो जाएगा इश्क़, दो अश्क बहने दो..

-Moeen

baat ye labon se aaj mujhe apne kahane do
naam apna tum mere sath juda rahane do..
na roko ine hi tum apni haseen aankhon mein
paak ho jaega ishq, do ashq bahane do..

Shayari On Eyes की मदद से आशिक अपने यार की नजरों के इशारे समझना चाहता है. और उसकी हसीन आंखों का खूबसूरत ख्वाब बनकर उसके जिंदगी में शामिल होना चाहता है.

Conclusion

Shayari on Eyes को सुनकर आप भी अपनी महबूबा को याद करना चाहोगे. और प्यार में हमेशा उसी की निगाहों में डूबना चाहोगे. शायद आपके भी दिल में कुछ ऐसे ही ख्याल आ रहे होंगे, है ना दोस्तों? हमारी इन Shayari For Eyes को सुनकर अगर आप भी अपने साथी के का तिल निगाहों के शिकार बन गए हो. तो हमें comments कर जरूर बताएं.

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