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Listen, Read Romantic 30+ ‘Barish Shayari’ (बारिश पर शायरी)

बारिश के मौसम में भीगने का मजा कौन नहीं लेना चाहता है..! और ऐसे में अगर आप का दिलबर भी आपके साथ हो तो वह मजा दोगुना हो जाता है. कुछ ऐसा ही एहसास हमारी आज की बारिश रोमांटिक शायरी लेकर आई है. ताकि आप अपने दिलबर के साथ सुकून से बारिश में भीगने का मजा ले सको. और साथ ही अपने यार को तहे दिल से मोहब्बत का साथ देने के लिए शुक्रिया अदा कर सको. हम आपके लिए बारिश पर शायरी लेकर आए हैं.

हमें यकीन है कि आपको भी यह Barish Shayari Romantic In Hindi बहुत ज्यादा पसंद आएगी. और अगर आपको यह रोमांटिक शायरियां पसंद आए. तो आप इन्हें अपने दोस्तों के साथ साझा करना बिल्कुल ना भूलें.


Listen to Barish Shayari by Ruchi Bhairali

और साथ ही आप हमारे ऑफिशियल इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज को भी जरूर लाइक एंड शेयर करें. ताकि हमें आपके लिए इसी तरह से आपकी पसंदीदा शायरियां लाने में प्रोत्साहन मिल सके. तो चलिए दोस्तों बिना देर किए सुनते हैं आज के Barish Shayari!




Special 7 Barish Shayari from Moeen to Special One!

01:
जब भी वो… मेहंदी मेरे नाम की लगाती है
ज़माने भर से फिर हथेली अपनी छुपाती है


देती है खबर मुझे अपने शहर की बारिश की
दिन ढले ख़्वाबों में… मिलने मुझे बुलाती है


💕 Listen Uninterrupted Shayari 💕
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02:
अपने हाथों से जानम ज़ूलफें तेरी सँवारा करूँ मैं
यूँही अपनी ग़ज़लों में…. हुस्न तेरा उतारा करुँ मैं


मेरे शहर की बारिशों में….. जो तू हो साथ मेरे
दुनिया भुला कर…सिर्फ तेरी सूरत निहारा करुँ मैं

03:
तू खफा हो तो हर लम्हा उदास हो जैसे
लगता है…. तू हर दम मेरे पास हो जैसे


काश मैं भी साथ बारिश के तेरे शहर आता
सोचता हुँ… यही आखरी अहसास हो जैसे



04:
अब के जो घिरे घटाएँ…. तो काश हम मिले
मिले है कई बार हम मगर फिर भी कम मिले


बारिश में तेरा हाथ थामे दूर तक चलना है
खुदा तेरा लाख शुक्रिया जो वो ज़हे करम मिले

05:
अब के बारिशों में… साथ अपने भीग जाने दे
जान तुम हो सिर्फ मेरी…ज़माने को बताने दे


अब के बारिश हो….. तुम हो….. और मैं रहूँ
फिर कभी ना अपने दिवाने को होश में आने दे

06:
गीत सदा तेरी चाहत के ज़माने को सुनाता रहूँ
तुम्हारा नाम ग़ज़लों के बहाने मैं गुनगुनाता रहूँ


ये बारिशें कर दे… जब मौसम सुहाना शहर का
मेरी जान… तुझे मैं सीने से अपने लगाता रहूँ

07:
जिसे कभी मिटाना ना चाहूँ… वो लिखा हो तुम
जो क़बूल हुई सदीयों बाद… वो दुआ हो तुम


है वजूद तेरा सहेराओं में बरसती बारिश जैसा
मुझ खानाबदोश का जानम आखरी पता हो तुम



*सहेरा : desert

उस दिलबर के नाम जिस का वजूद सहेराओं में बरसती बारिश जैसा है… जो मेरी मक़बूल दुआ है… जिस के इश्क़ से मैं ने जीला पाई… जिस से मिल कर मेरी तलाश ख़त्म हुई… उम्मीद है मेरी जान को ये हक़ीर नज़राना पसंद आएगा….

Moeen

Barish Par Shayari | Rain Quotes in Hindi
Barish Par Shayari | Rain Quotes in Hindi

हमारी इन रोमांटिक बारिश शायरी को Santosh Salve इनकी आवाज में सुनकर महबूब के साथ बारिश का मजा लेना चाहोगे!

Barish Shayari In Hindi

1)

साथ तेरा पाकर दिल लगा है
ख्वाहिशें आंखों में संजोने..

तुम आ जाना बारिश बन कर
मेरी रूह को भिगोने..

-Santosh

sath tera paakar dil laga hai
khwahish aankhon mein sanjone..
tum aa jana barish bankar
meri rooh ko bhigone..

बारिश शायरी भीगने का मजा अपने महबूब के साथ जरूर होता है. और उसे पाकर आप भी तहे दिल से खुश हो. और यह खुशी आपकी आंखों में साफ साफ देखी जा सकती है. और अपने महबूब के साथ यार के जो सपने आपने सजाए हैं.



Barish Shayari for Boy
Barish Shayari for Boy

उन्हें भी आप अपने दिल में बसा कर रखे हैं. और इसी वजह से आप अपने महबूब को भी अपने साथ बुला रहे हैं. ताकि वह भी आपके साथ बारिश का मजा ले पाए. और आपके प्यार की बात को तहे दिल से सुन पाए.

2)

कानों में झुमका पैरों में पायल
खूब सजती है तुझे..

ये बारिश भी बिल्कुल तेरे
जैसी ही लगती है मुझे..

-Santosh

kano mein jhumka pairon mein payal
khoob sajti hai tujhe..
ye barish bhi bilkul tere
jaisi hi lagti hai mujhe..

Barish Shayari In Hindi की मदद से आप अपने महबूब की तारीफ करना चाहते हो. उसके कान के झुमके आपको बहुत पसंद आते हैं. और साथ ही आप अपनी यार की पायल छमकती हुई सुनते हो. तब जैसे आपका दिल अपने यार पर और ज्यादा प्यार बरसाना चाहता है.

और उसे यह सुंदरता की सारी बातें बहुत ज्यादा सजती है. इस बात पर आपको अपने यार पर और भी ज्यादा प्यार आता है. और जब बारिश छम छम बरसाता हुआ पानी अपने साथ लेकर आती है. तब आपको अपने दिलबर की याद जरूर आती है.



Listen to Barish Shayari Romantic In Hindi

4)

भूला नहीं हूं मैं वह कसमें और
सारे वादे मुझे याद है..

तेरे साथ भीगी हुई बारिशें
मुझे आज भी याद है..

-Santosh

bhulaa nahin hun main vah kasmi aur
sare vade mujhe yad hai..
tere sath bhigi hui barishe
mujhe aaj bhi yad hai..

अपने यार का आप तहे दिल से इंतजार करते हो. लेकिन जब आपका यार ना सही लेकिन यह बारिश आपको भीगाती हुई आती है. तब आपको अपने यार की सारी कसमे याद आती है. और उन सभी बातों को आप फिर एक बार अपने दिल पर के साथ दोहराना चाहते हो.

जब आप अपने महबूब के साथ मोहब्बत की बारिशों में भीगे थे. वह सारे दिन और सारी बारिश भी आज आपको बहुत याद आती है. क्योंकि आपका महबूब भी आपके लिए मोहब्बत की बारिश लेकर आता है. और इस बारिश में आपको जिंदगी भर भीगने का मन करता है.

Barish Shayari Image
Barish Shayari Image
5)

दरखास्त है फूलों से महबूब की
मुझे खुशबू देकर जाए..

गुजारिश है मेरी उस बारिश से
यार को मेरे, संग लेकर आए..

-Santosh

darkhaast hai phoolon se mehboob ki
mujhe khushbu dekar jaaye..
gujarish hai meri use barish se
yaar ko mere, sang lekar aaye..



Barish Shayari Romantic In Hindi की मदद से आप अपने महबूब को याद करना चाहते हो. और इसी वजह से आपको अपने महबूब की जब भी याद आती है. तब आप फूलों को उनकी खुशबू के साथ अपने यार की महक भी लाने की उम्मीद करते हो.

और साथ ही उसे अपने पास आने का संदेशा भी देना चाहते हो. ताकि आपका दिलबर दौड़ते हुए आपके पास चला आए. और बारिश से भी आप यही दरख्वास्त करते हो कि अब आपसे दिलबर के बिना रहा नहीं जाता है. वह जल्द से जल्द आए और अपने महबूब को भी साथ लेकर आए.

Listen to Barish Shayari Sad

Barish Shayari on Sad Emotion
Barish Shayari on Sad Emotion
6)

न जाने क्यों देखकर तुम्हें
आँखे लगती है सपने संजोना..

जरा भी पसंद नहीं है मुझे
बारिश का तुम्हें यूं भिगोना..

-Santosh

na jaane kyon dekhkar tumhen
aankhen lagti hai sapne sanjona..
jara bhi pasand nahin hai mujhe
barish ka tumhen yun bhigona..

आप अपनी यार की मूरत को अपनी आंखों में ही सजाना चाहते हो. ताकि मोहब्बत की सारी रस्में और कसमें आप उसी के साथ पूरी कर सको. और उसके साथ आपने जो भी प्यार के सपने सजाए हैं. उन्हें पूरा करने के लिए आपका यार भी आपको साथ दे पाए.



Barish Shayari in Urdu
Barish Shayari in Urdu

लेकिन ये बारिशें मोहब्बत का साज लेकर तो आती है. लेकिन जब यह बूंद बूंद गिरता पानी आपके दिलबर को पूरी तरह से भिगो देता है. तो इस तरह से बारिश का आपके महबूब को छूना आपको जरा भी नहीं भाता है. और इसी वजह से आपको उस बारिश पर भी बहुत ज्यादा गुस्सा आता है.

7)

बारीश के मौसम में मेरे साथ चलने वाली
मेरी यादों में शमा की मानिंद जलने वाली..

ज़ूलफें पहरा देती हैं उस के हुस्न पर
मेरी मंज़िल हैं, मेरी खातिर लड़की सँवरने वाली..

-Moeen

barish ke mausam mein mere sath chalne wali
meri yaadon mein shama ki manind jalne wali..
julfe pahra deti hai uske husn per
meri manzil hai, meri khatir ladki sawarne wali..

Barish Shayari Sad ही आपके प्यार का सबसे पहला कारण बनी थी. क्योंकि आपने जिस तरह से इस शायरी को अपने यार के लिए लिखा था. उसे पढ़कर आपका महबूब भी आप पर मरने लगा था. और अब आप यार को तहे दिल से याद कर रहे हो.

ताकि वह फिर से आपकी जिंदगी में मोहब्बत की बारिश बन कर रहा है. और आपकी प्यार का तोहफा देने वाली बारिश को भी अपने संग लाए. आपको अपने प्यार की बारिश में भीगी हुई जुल्फें बहुत याद आती है. और आपको तो ऐसे लगता है जैसे आपकी दिलबर का हुस्न ही यह बारिश लेकर आई है.

Barish Shayari In Urdu

Barish Shayari Status in Hindi
Barish Shayari Status in Hindi
8)

मेरी खातिर अपनी ख्वाहिशों को मार देती हैं
मेरे इंतज़ार में सुहानी शामें गुज़ार देती हैं..

जब वो भीगती हैं बारीश के मौसम में
लगता हैं मौसम को हुस्न उधार देती हैं..

-Moeen

mere khatir apni khwahishon ko maar deti hai
mere intezar mein suhani shaame gujar deti hai..
jab vah bheegti hai barish ke mausam mein
lagta hai mausam ko husn udhar deti hai..

जिस तरह से हर वक्त महबूब की याद आप को आती है. आप बारिशों में भी अपनी दिलबर को याद कर पाते हो. और आप के खातिर ही तो आपका यार प्यार की हर एक बरसात लेकर आपके लिए आता है. मोहब्बत की हर एक बरसात में भीग कर आप का साथ देना चाहता है.

लेकिन आपको आज भी बिना बरसात के अपनी ख्वाहिशों को सजाने वाला दिलबर याद है. साथ ही जिस तरह से वो आप के बिना सुबह-शाम गुजरता था. वह वक्त भी अब आपको याद आ रहा है.

9)

हथेली मेरे नाम से सजा ली उस ने
बात दिल की आँखों में छुपा ली उस ने..

तूफानी बारिशों में थाम कर हाथ मेरा
फिर ऐसे मोहब्बत की राह निकाली उस ने..

-Moeen

hatheli mere naam se saja li usne
baat dil ki aankhon mein chupali usne..
tufani barishon mein tham kar hath mera
fir aise mohabbat ki raah nikaali usne..

Barish Shayari In Urdu को यादों को ताजा करने के लिए फिर एक बार पढ़ना चाहते हो. आपको आज भी याद है जब आपका दिल पर आपके लिए मेहंदी लगाता था. और उसकी ही हसीन और प्यारी सी हथेलियां आपके नाम से ही सजाता था.

और उसका यही स्वभाव आपको बहुत ही पसंद था. क्योंकि वो अपने दिल की बात दिल में ही छुपाना तो चाहता था. लेकिन उसकी आंखें उसे ही खुद धोखा दे देती थी. और आपको उसके दिल की सारी हकीकत बता देती थी.

Listen to Shayari on Barish by Milind Khanderao

10)

अब के बारिशों में उस की ज़ूलफें परेशान थी
वो लड़की एक काँपते चिराग की निगहबान थी..

उस ने बसकर इसे आबाद कर दिया
मुद्दतों से मेरे दिल की गली वीरान थी..

-Moeen

ab ke barishon mein uski julfe pareshan thi
vah ladki ek kaapte chirag ki nigahban thi..
usne baskar ise aabad kar diya
muddaton se mere dil ki gali veeran thi..

आपका दिलबर आपसे तहे दिल से प्यार तो करता था. लेकिन वह अपने दिल की सारी बातों को आपसे कह नहीं पाता था. उसे शायद आपसे बहुत सारी बातें करनी थी. लेकिन वह आपसे कुछ भी कहने के लिए घबराता था. भूतनी जुल्फों को लहराती हुई बारिश हो मैं देखती थी.

लेकिन फिर उन्हीं जुल्फों को सुखाने के लिए परेशान होती रहती थी. जैसे वो आपकी जिंदगी में प्यार बनकर आई थी. आपके वीरान से जिंदगी में जैसे मोहब्बत की बरसात ही हो गई थी. और इसी मोहब्बत की बरसात में आप जिंदगी भर देखते रहने का मजा लेना चाहते हो.

11)

तेरी ज़ुल्फों से पाई रौनक घटाओं ने
तेरे चेहरे से पाया नूर फिज़ाओं ने..

दुआ माँगी थी मोहब्बत की बारिशें हो
तेरे बाद दम तोड़ दिया मेरी दुआओं ने..

-Moeen

teri zulfon se pai ronak ghatao ne
tere chehre se paya fizaon ne..
dua mangi thi mohabbat ki barish ho
tere baad dam tod diya meri duaon ne..

Barish Shayari in Hindi
Barish Shayari in Hindi
12)

देती थी वो दिलासे उम्र भर के मुझे
बिछड़ गई वो लड़की उदास कर के मुझे

अब बारीश तो आती हैं मगर वो नहीं
बहोत तड़पाते हैं ये मरहले* सफर के मुझे

*मरहले: पड़ाव, stages

-Moeen

deti thi vo dilase umr bhar ke mujhe
bichad gai vo ladki udas kar ke mujhe
ab baarish to aati hai mgar vo nahi
bahot tadpate hai ye marhale safar ke mujhe

13)

अहसान उस का मेरी ज़िंदगी पर था
कर्ज़ उस का मेरी हर खुशी पर था

बारिशों में गम की छोड़ गई तनहा
दुःख का साया मेरी हर हँसी पर था

-Moeen

ahasan us ka meri jindagi par tha
karz us ka meri har khushi par tha
baarishon main gam ki chhod gai tanha
dukh ka saya meri har hasi par tha

14)

ज़िंदगी ने हर डगर का सफर कराया हैं
काँटों ने राहत बख्शी गुलों ने तड़पाया हैं

कहीं इलज़ाम के तूफान कहीं दुखों की बारिशें
बड़ी मुश्किल से किरदार का आईना बचाया हैं

-Moeen

jindagi ne har dagar ka safar karaya hai
katon ne rahat bakhshi gulon ne tadpaya hai
kahi iljaam ke tufan kahi dukhon ki baarishe
badi mushkil se kirdar ka aaina bachaya hai

15)

शायद अब हम कभी बारिशों में मिले
तेरे दिल में प्यार की ज़ंजीर फिर हिले

सावन की सुहानी रातों में याद किया तुझे
देख मेरी आँखों में कितने हसीन फुल खिले

*यहाँ आँखों में फुल खिलने से मुराद अश्क हैं…

-Moeen

shayad ab hum kabhi baarishon main mile
tere dil main pyar ki janjir fir hile
saawan ki suhani raaton main yaad kiya tujhe
dekh meri aankho main kitne hasin phool khile

16)

बारीश हो तो कई अरमान मचलते हैं
शमा की तरह तेरी यादों में जलते हैं

मुद्दतें गुज़री इधर मैं हुँ बेकरार बहोत
सुना हैं उधर वो भी करवटें बदलते हैं

-Moeen

baarish ho to kai armaan machlate hai
shama ki tarah teri yaadon mai jalate hai
muddate gujari idhar main hu bekrar bahot
suna hai udhar vo bhi karvate badalte hai

17)

तुम ने कहा था हम मिलेंगे बारिशों में
सोचते रहे रौशनी होगी फिर अंधियारों में

कई सावन गुज़ार दिए तेरे इंतज़ार में
तुझ बिन दिल तड़पता हैं अब बहारों में

-Moeen

tum ne kaha tha hum milenge baariahon main
sochte rahe roshani hogi fir andhiyaaron main
kai saawan gujar diye tere intjaar main
tujh bin dil tadpata hai ab baharon main

18)

तुम किस वफा की बात करते हो
जीने की तमन्ना में हर दम मरते हो

तुम्हारी आँखों की बारीश कहती हैं
दिल की बात कहने से तुम डरते हो

-Moeen

tum kis vafa ki baat karte ho
jine ki tamnna main har dum marte ho
tumhari ankhon ki baarish kahti hai
dil ki baat kahne se tum darte ho

19)

काश मैं वक़्त रहते सँवर गया होता
तेरी आँखों में काजल सा बिखर गया होता

बेवफाई की बारिशों ने मिटाया इश्क़ का निशाँ
काश तू भी मेरे दिल से उतर गया होता

-Moeen

kaash main vakt rahte sawar gaya hota
teri aankhon main kajal sa bikhar gaya hota
bevafai ki baarishon ne mitaya ishq ka nishan
kaash tu bhi mere dil se utar gya hota

20)

रात दिन नाम तेरा हम लेते रहते हैं
हसीन खयालों की भीड़ में खोए रहते हैं

आसमान भी रो पड़ा मेरी दास्ताँ सुन कर
नादान हैं ज़माने वाले इसे बारीश कहते हैं

-Moeen

raat din naam tera hum lete rahte hai
hasin khayalon ki bhid main khoye rahte hai
aasman bhi ro pada meri dastan dun kr
nadan hai jamane vaale ise baarish kahte hai

21)

बहोत तड़पाता हैं मुझ से बिछड़ जाना तेरा
याद आता हैं वो बारीश में कपकपाना तेरा

बारिशों में मिटटी की खुशबू उसे पसंद थी
मैं रो पड़ा जब याद आया मुस्कुराना तेरा

-Moeen

bahot tadpata hai mujh se bichad jaana tere
yaad aata hai vo baarish main kapkapana tera
baarishon main mitti ki khushboo use pasand thi
main ro pada jab yaad aaya muskurana tera

Barish Shayari in Hindi
Barish Shayari in Hindi
22)

बारिश का मौसम भी हम से रूठ गया
बहारों में उस का साथ भी छूट गया..

अब क्यों मातम मनाते हो तुम, उसका
वादा पानी का बुलबुला था, टुट गया..

-Moeen

baarish ka mausam bhi hum se ruth gaya
baharon main us ka saath bhi chhut gaya
ab kyon matam manate ho tum, uska
vada paani ka bulbula tha, tut gaya

23)

बारिश का मौसम अजनबी लगने लगा
रात के दामन में सवेरा सजने लगा..

साँस चलती रहे तेरे लौट आने तक
मेरी उम्मीद का दीप अब बुझने लगा..

-Moeen

baarish ka mausam ajanabi lagne laga
raat ke daman main sawera sajne laga
saans chalti rahe tere laut aane tak
meri ummid ka dip ab bujhane laga

24)

जगाती हैं मुझे अब रात भर तेरी यादें
बारिश में फिरती हैं खुले सर तेरी यादें..

महफिलों में खूब हँसता हुँ मैं ज़माने वालों
तन्हाई में रुला देती हैं अकसर तेरी यादें..

-Moeen

jagati hai mujhe ab raat bhar teri yaadein
baarish main firti hai khule sar teri yaadein
mahafilon main khub hasta hu main jamane walon
tanhai main rula deti hi aksar teri yaadein

25)

कहना हैं उसे कुछ, रहती हैं मगर खामोश
बारिश का मौसम और ये सफर खामोश..

तेरे आने से जहाँ रौनकें आती थी कभी
मुद्दतें हुई रहता हैं अब वो घर खामोश..

-Moeen

kahna hai use kuch rahti hai magar khamosh
baarish ka mausam aur ye safar khamosh
tere aane se jaha raunake aati thi kabhi
muddate hui rahta hai ab wo ghar khamosh

Love Feeling Barish Shayari
Love Feeling Barish Shayari
26)

तेरी यादों को अपने दिल से भुला दूँगा
इस तरह बारिश में आग लगा दूँगा..

तेरे शहर से तोड़ दूँगा हर ताल्लुक मैं
एक दिन खुद को इतनी बड़ी सज़ा दूँगा..

-Moeen

teri yaadon ko apne dil se bhula dunga
is tarah baarish main aag laga dunga
tere shahar se tod dunga har talluk main
ek din khud ko itni badi saja dunga

27)

अब बारिश के मौसम में क्या रखा हैं
यादों के तूफान ने शोर मचा रखा हैं..

इलज़ाम की आँधीयों में भी हम ने
तेरी मोहब्बत का दीप जला रखा हैं..

-Moeen

ab baarish ke mausam main kya rakha hai
yaadon ke tufan ne shor macha rakha hai
iljaam ki aandhiyon main bhi hum ne
teri mohabbat ka dip jala rakha hail

28)

कभी उस से मुलाक़ात की दुआ करते थे
बारिशों में उस के साथ भीगा करते थे..

जहाँ आबाद हैं तन्हाइयों के आशियाने आज
उस जगह कभी हम रोज़ मिला करते थे..

-Moeen

kabhi us se mulakat ki dua karte the
baarishon main us ke saath bheega karte the
jaha aabad hai tanhaiyon ke aashiyane aaj
us jagah kabhi hum roj mila karte the

29)

जब कभी शामें ढलने लगी
तेरी यादों की हवा चलने लगी..

अब बारिशें हैं और ये तन्हाई
हसरतें दूर खड़ी हाथ मलने लगी..

-Moeen

jab kabhi shaame dhalne lagi
teri yaadon ki hawa chalne lagi
ab baarishe hai aur ye tanhai
hasrate dur khadi hath malne lagi

30)

ज़हर मिले या अमृत चुपचाप पी लेते हैं
तन्हाई में बैठकर अपने ज़ख्म सी लेते हैं..

बारिश हैं, तेरी यादें हैं मगर तू नहीं
ज़िंदगी से कैसा शिकवा, हँसते गाते जी लेते हैं..

-Moeen

jahar mile ya amrut chupchap pee lete hai
tanhai main baith kar apne jakhm si lete hai
baarish hai, teri yaadein hai magar tu nahi
jindagi se kaisa shikva haste gaate ji lete hai

31)

गाता रहा कोई रात के अंधेरों में
दूर पँछी जब लौटने लगे बसेरों में..

बारिशें खून रोती हैं मेरी हालत पर
खो जाऊँगा किसी दिन उगते सवेरों में..

-Moeen

gaata raha koi raat ke andheron main
dur panchi jab lautane lage baseron main
baarishe khun roti hai meri halat par
kho jaunga kisi din ugte saweron main

Sad Shayari on Barish | Barish Shayari for Sad Emotion
Sad Shayari on Barish | Barish Shayari for Sad Emotion
32)

ठंडक मिलती है आपके
ख़यालो में डूबकर..

ऐसी ठंडक कहां मिलेगी
बारिश में भीगकर..

thandak milti hai aapke
khayalon mein doob kar..
aisi thandak kahan milegi
barish me bheeg kar…

33)

इस मौसम के बारिश को
करूंगा मैं एक अर्जी..
थोड़ा ऐसे बरसना के वो
मेरे पास आ सकें..

फिर कुछ ऐसे बरसना
के वो जाने का नाम ना ले सकें..

is mausam ki barish ko
karunga mai ek arji..
thoda aise barasna ke vo
mere paas aa sake..
fir kuchh aise barasna
Ki vo jaane ka
naam na le sake…!

34)

जरा सोचो तो ये
बात कैसी होगी..

आप और हम करीब होंगे
और पूरी रात बारिश होगी..

jara socho to ye
baat kaisi hogi..
aap aur ham kareeb honge
aur puri raat barish hogi…

Romantic Barish Shayari in Urdu
Romantic Barish Shayari in Urdu

Barish Shayari

6 + 26 (Santosh) = 32 shayaris

35)

बारीश में ये तनहाई
मुझे तड़पाती नहीं है..

रोज़ रुलाने वाली यादें
मुझे आज रुलाती नहीं है..

-Vrushali

barish mein ye tanhai
mujhe tadapaati nahin hai..
roj rulane wali yaden
mujhe aaj rulati nahin hai..

36)

ये बहती हवा तेरे दिल को
मेरे पास छोड़ जाती है..

ये बारिश जब बरसती है,
मुझे तेरी यादें तड़पाती है..

-Rasika

ye behti hawa tere dil ko
mere paas chhod jaati hai..
ye barish barasti hai,
mujhe teri yaden tadapaati hai..

37)

बारीश मुझे मेरे
हमसफ़र से मिला देती है..

ऐसा लगता है उसे
छूकर ही मुझ पर बरसती है..

-Vrushali

barish mujhe mere
humsafar se mila deti hai..
aisa lagta hai use
chhukar hi mujh per barasti hai..

38)

देखा था जब तुझे, तेरे चेहरे पर
मुझे खुमार नजर आया था..

बरसती हुई बारिश का असर पहली
मुलाकात में भी नजर आया था..

-Krutika

dekha tha jab tujhe, tere chehre per
mujhe khumar najar aaya tha..
barasti hui barish ka asar pehli
mulakat mein bhi najar aaya tha..

39)

बारीश की वो पहली बूंद
बहते अश्कों को खुद में समा लेती है..

तेरी याद भी कुछ ऐसे ही
मिट्टी की खुशबू में कहीं खो जाती है..

-Vrushali

barish ki vo pehli boond
behte ashkon ko khud mein sama leti hai..
teri yad bhi kuch aise hi
mitti ki khushboo mein kahin kho jaati hai..

40)

मिलने जा रहा हूं दिलरुबा से,
अड़ा हूं मैं आज इजहार पर..

अजीब सा नशा छा रहा है
इस बारिश का मेरे यार पर..

-Santosh

milne ja raha hun dilruba se,
ada hun main aaj izhaar per..
ajeeb sa nasha chha raha hai
is barish ka mere yaar per..

41)

बारीश के दिनों में हुआ था
शुरू हमारे प्यार का सफ़र..

जुदाई में वो बारिश अब मुझे
याद दिलाती है मेरा हमसफ़र..

-Vrushali

barish ke dinon mein hua tha
shuru hamare pyar ka safar..
judaai mein vo barish ab mujhe
yad dilati hai mera humsafar..

42)

तुम पास नहीं हो जानम मगर
तेरी यादें मुझे सताती है..

बारिश की हर बूंद में मुझे
तस्वीर तुम्हारी नजर आती है..

-Rasika

tum paas nahi ho janam magar
teri yaadein mujhe satati hai..
barish ki har boond mein mujhe
tasveer tumhari najar aati hai..

43)

बारीश वो सुहाना सफ़र है
जो हमसफ़र के बिना ख़ास नहीं..

और मोहब्बत के बिना
बारीश में भीगने का एहसास नहीं..

-Vrushali

barish vo suhana safar hai
jo hamsafar ke bina khaas nahin..
aur mohabbat ke bina
barish mein bheegne ka ehsaas nahin..

44)

गरज रहे हैं बादल शायद,
दर्द उन्हें भी हो रहा है..

बारिश हो रही है शायद
आसमान भी रो रहा है..!

-Santosh

garaj rahe hain baadal shayad,
dard unhen bhi ho raha hai..
barish ho rahi hai shayad
aasman bhi ro raha hai..

45)

बारीश में तुम्हारा एहसास है
तू दूर है फिर भी मेरे पास है..

इन बूंदों से मिलता तेरा पैगाम
तू नहीं है फिर भी तेरा प्यार है..

-Vrushali

barish mein tumhara ehsaas hai
tu door hai fir bhi mere paas hai..
in boondon se milta tera paigam
tu nahin hai fir bhi tera pyar hai..

46)

कभी मुझे भी सपनों में देखना,
मेरी यादों में तुम भी तरस जाना..

तुम्हारा भी दिल मिलने को कहे,
तो बारिश में तुम चले आना..

-Krutika

kabhi mujhe bhi sapnon mein dekhna,
meri yaadon mein tum bhi taras jana..
tumhara bhi dil milne ko kahe,
to barish mein tum chale aana..

47)

एक दूसरे के दिल में आज
मोहब्बत भरे फूल खिलाएंगे..

आओ, हम दोनों भी प्यार की
इस बारिश में भीग जाएंगे..

-Rasika

ek dusre ke dil mein aaj
mohabbat bhare phool khilayenge..
aao, ham donon bhi pyar ki
is baarish mein bheeg jayenge..

48)

जानेमन, तुम्हें भी सच्चे
प्यार का एहसास कराऊंगा..

बारिश बनकर तुम्हें
भिगोने मैं चला आऊंगा..

-Santosh

jaaneman, tumhen bhi sacche
pyar ka ehsas karaaunga..
barish bankar tumhen
bhigone main chala aaunga..

49)

आज यह बारिश जैसे हम
दोनों के लिए ही बरसती है..

सनम, मेरी ये आंखें बस तुम्हारे
दीदार के लिए ही तरसती है..

-Krutika

aaj yah barish jaise ham
donon ke liye hi barasti hai..
sanam, meri ye aankhen bus tumhare
didar ke liye hi tarasti hai..

50)

तुम्हारे खूबसूरत कानों की
बाली तुम्हें तंग करती है..

बारिश की रिमझिम गिरती
बूंदे तुम्हे जो छू लेती है..

-Rasika

tumhare khubsurat kano ki
bali tumhe tang karti hai..
barish ki rimjhim girti
bunde tumhen jo chhu leti hai..

51)

सनम मेरे दिल पर तुम्हारे
प्यार की खुमारी छा गई..

तुम भी आओ ना, अब तो
बारिश भी भिगोने आ गई..

-Santosh

sanam mere dil per tumhare
pyar ki khumari chha gai..
tum bhi aao na, ab to
barish bhi bhigone aa gai..

52)

न जाने क्यों मेरे दिल में
प्यार की तड़प जगाती है..

यह बारिश मुझे तुम्हारे
चाहत की यादें दिलाती है..

-Krutika

na jaane kyon mere dil mein
pyar ki tadap jagati hai..
yah barish mujhe tumhare
chahat ki yaadein dilati hai..

53)

बस एक दीदार के लिए यारा
मेरे दिल को यूं ना तड़पाया करो..

जब जब ये बारिश आए जानम,
तुम मुझसे मिलने आया करो..

-Rasika

bus ek didar ke liye yara
mere dil ko yun na tadpaya karo..
jab jab ye barish aaye janam,
tum mujhse milne aaya karo..

54)

मेरे जज्बातों को महसूस कर जानम
तुम भी कोई प्यार का राग सुनाओ..

मोहब्बत की बरसती इस बारिश में
भीगने के लिए छत पर चली आओ..

-Santosh

mere jazbaaton ko mehsus kar janam
tum bhi koi pyar ka raag sunao..
mohabbat ki barasti is barish mein
bheegne ke liye chhat per chali aao..

55)

जो ना मिलेगा उसे ढूंढने चला था..

बारिश की बूंदों को मैं छूने चला था..

-Krutika

jo na milega use dhundhne chala tha..
barish ki boondon ko main chhune chala tha..

56)

तेरी खूबसूरत तस्वीर, रोते हुए
मेरे दिल को और भी तड़पाती है..

ये बारिश अक्सर मुझे अपनी
पहली मुलाकात याद दिलाती है..

-Rasika

teri khubsurat tasvir, rote hue
mere dil ko aur bhi tadpati hai..
ye barish aksar mujhe apni
pahli mulakat yad dilati hai..

57)

चाहा था जिसे शिद्दत से मैंने
वह तो कभी मेरा ना हुआ..

मैं ही नादान था जो बारिश की
बूंदों को समेटने चला गया..

-Santosh

chaha tha jise shiddat se maine
vah to kabhi mera na hua..
main hi nadan tha jo barish ki
boondon ko sametne chala gaya..

58)

जिंदगी भर के लिए ओ दिलरुबा
तुम्हें अपना बनाना चाहता हूं..

अब तो मोहब्बत की बारिश में
दिल को अपने भिगोना चाहता हूं..

-Krutika

jindagi bhar ke liye o dilruba
tumhe apna banana chahta hun..
ab to mohabbat ki barish mein
dil ko apne bhigona chahta hun..

59)

बताना चाहता हूं ओ बेवफ़ा,
कितना दर्द दिल में छुपा रखा है..

बारिश की बूंदों में भी तुम्हारी ही
तस्वीर को सीने से लगा रखा है..

-Rasika

batana chahta hoon o bewafa,
kitna dard dil mein chhupa rakha hai..
barish ki boondon mein bhi tumhari hi
tasvir ko sine se laga rakha hai..

60)

तनहाई में दुनिया के पत्थर दिल
और भी नुकीले हो गए..

बेवफाई की बारिश के आने से
मेरे सपने भी गीले हो गए..

-Santosh

tanhai mein duniya ke patthar dil
aur bhi nukile ho gaye..
bewafai ki barish ke aane se
mere sapne bhi gile ho gaye..

61)

तन्हाइयों में याद आकर ओ बेवफा
आज भी मेरे दिल को रुला जाती हो..

भीगे इस बारिश के मौसम में तुम
न जाने क्यों मुझे तड़पा जाती हो..

-Krutika

tanhaiyon mein yad aakar o bewafa
aaj bhi mere dil ko rula jaati ho..
bheege is barish ke mausam mein tum
na jaane kyon mujhe tadpa jaati ho..

62)

खयालों में तेरे रात दिन मेरी
मोहब्बत तरसती रहती है..

तुम्हारी यादों की बारिश आज भी
मेरे दिल में बरसती रहती है..

-Rasika

khayalon mein tere raat din meri
mohabbat tarasti rahti hai..
tumhari yaadon ki barish aaj bhi
mere dil mein barasti rahti hai..

63)

अक्सर डूबे रहते हैं हम
मोहब्बत की कशिश में..

हमें भीगना पसंद है तुम्हारे
चाहत की बारिश में..

-Santosh

aksar dube rahte hain ham
mohabbat ki kashish mein..
hamen bhigna pasand hai tumhare
chahat ki barish mein..

64)

देखा जबसे दीवाना हो गया हूं
जानम मैं तुम्हारी तस्वीर का..

लुत्फ उठा रहा हूं अकेला ही
बारिश के भीगे मौसम का..

-Krutika

dekha jabse deewana ho gaya hun
janam main tumhari tasveer ka..
lutf utha raha hun akela hi
barish ke bhige mausam ka..

65)

आ भी जाओ, आंखें मेरी
दीदार को तेरे तरस रही है..

मोहब्बत की बारिश आज
मेरे मन में भी बरस रही है..

-Rasika

aap hi jao, aankhen meri
deedar ko tere taras rahi hai..
mohabbat ki barish aaj
mere man mein bhi baras rahi hai..

66)

तरसती निगाहों से की हुई वो,
प्यार भरी बातें याद दिलाती है..

बारिश की बूंदों में मुझे तुम्हारी
मासूम मुस्कान नजर आती है..

-Krutika

tarasti nigahon se ki hui vo,
pyar bhari baten yad dilati hai..
barish ki boondon mein mujhe tumhari
masoom muskan najar aati hai..

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बारिश पर शायरी आपके महबूब के प्यार को याद दिलाती है. जिस तरह से अपने हसीन जुल्फों का नूर वह दुनिया पर बरसाती थी. उससे रोनक पाकर तो जैसे यह कायनात भी चमकने लगती थी. और उसी की चेहरे की रौनक जैसे अब इन फिजाओं ने भी पाई है. इसी वजह से शायद घटाएं भी घूमड कर आ गई है. कुछ इस तरह से आपके दिलबर के नूर का इस दुनिया पर असर हो रहा है. कि आपका यार ही जैसे इस दुनिया के लिए जीने का सहारा बन चुका है.

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4 Comments

  1. Waoh…!!Very nice Sir and you recorded also very beautifully👌👌👌
    Regards,
    Sameera urf Manpreet

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