Aitbaar -1: Sad Shayari से शायरियों पर ऐतबार जरूर हो जाएगा

Aitbaar shayari :  दोस्तों, आज की हमारी Duat shayari में हम आपको प्यार में aitbaar करने पर कभी-कभी उसका क्या सिला होता है, यही बताना चाहते हैं. हमें यकीन है कि हमारी ये सैड शायरियां आपके जख्मी दिल को मरहम लगाने में जरूर कामयाब रहेगी.

अगर कोई प्रेमिका अपने प्रेमी पर aitbaar करती है, तो वो अपने आप से ज्यादा उस पर भरोसा करती है. उसकी हर बात को वो बिना सोचे ही सच मान लेती है. क्योंकि वह जानती है की यही तो होता है, किसी पर सच्चे दिल से aitbaar करना, विश्वास करना. एतबार अर्थात भरोसा विश्वास या फिर किसी का लिया हुआ आसरा. दोस्तों जब कोई प्रेमी अपनी प्रेमिका पर तहे दिल से एतबार करता है, तो उस एतबार का मतलब ही तो प्यार होता है ना.

के एतबार है मुझे मेरे
शिद्दत ए इंतजार पर

रुख हवाओं का बदलेगा जरूर
तु बरसेगा मुझ पर फिजा बनकर

-Vrushali

ke aitbaar hai mujhe mere
shiddat e intejaar par
rukh hawao ka badlega jarur
tu barsega mujhpar fiza bankar

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इन सैड शायरियों को RJ Bhavana Pohare & RJ Om Sonune इनकी आवाज़ में सुनकर कहीं आप अपने दिलबर पर एतबार ना करना!

क्योंकि प्यार ही एक ऐसी भावना है, जिसमें आप अपने दिल के अलावा या फिर दिल से ज्यादा किसी दूसरे पर aitbaar कर सकते हो. उस पर विश्वास कर सकते हो. और उसकी सारी तमन्नाओं को, इच्छाओं को आप अपना मानते हो. यही बात प्रेमिका भी तो अपने प्रेमी से जताती है. वो उसे यही बताना चाहती है कि वो अगर किसी पर ऐतबार करती है तो, वो बस उसका चहेता प्रेमी ही तो होता है. उसका अपना यार ही होता है. इस भीड़ भरी दुनिया में अपने प्रेमी के अलावा उसका कोई भी तो नहीं है. जिसे वो पहचान सके या अपना मान सके.

खुद पर तो एतबार आज भी है,
पर तुझपे खुद से ज्यादा था

क्योकी तु पसंद था मेरी,
और घमंड था मुझे मेरी पसंद पर,
पर कुछ इस कदर तुने चुर किया मेरा घमंड
कि अब मुझे नापसंद है मेरी हर पसंद

-Soumya

khud par to aitbaar aaj bhi hai,
par tujhpe khud se jada tha
kyoki tu pasand tha meri
aur ghamand tha mujhe meri pasand par
par kuch iss kadar tune chur kiya mera ghamand
ki ab mujhe napasand hai meri har pasand

एक आशिक भी यही सोचता है कि वो जब किसी पर aitbar करता है, तो वो उस पर अपनी जान से ज्यादा भरोसा करता हैं. उस पर विश्वास करता हैं. लेकिन अगर उस ऐतबार को तोड़ते हुए उसका महबूब ही उसके विश्वास को ठोकर मारेगा, तो उसका दिल शीशे के जैसे टूट कर चूर-चूर हो जाता है. बस इसी तरह की कुछ परिस्थितियां उस प्रेमी के दिल पर आन पड़ी है. यह बात ना वो किसी को बता सकता है और ना ही किसी को सुना सकता हैं.

ऐ दिल, अब उनका एतबार छोड़ दे वो, नहीं आएंगे..

जब कोई प्रेमिका अपने प्रेमी से सच्चे प्यार का इकरार करती है, तो एक तरह से वो अपने यार पर पूरी तरह से ऐतबार कर चुकी होती है. क्योंकि तभी तो उसे उसके यार की आंखों में मोहब्बत की चमक, उसके चाहत की कशिश नजर आती है.

एतबार है मुझे इस पागल दिल पर
जो बरसों से सिर्फ तेरा दीवाना है

हार मानने की इजाजत नहीं है मुझे
क्योंकि मैंने दिल तुझ से लगाया है

-Vrushali

aitbaar hai mujhe iss pagal dil par
jo barso se sirf tera deewana hai
haar manne ki ijajat nhi hai mujhe
kyoki maine dil tujhse lagaya hai

वो अपने यार पर पूरी तरह से कायल हो चुकी होती है. लेकिन एक समय ऐसा आता है, जब उसका यार उसके ऐतबार को समझ नहीं सकता, उसके विश्वास को वह जैसे ठुकरा देता है. और तब उस प्रेमिका के हाथ में कुछ भी नहीं रहता, सिवाय अपने दिल को समझाने के! वो तो बस रोते हुए अपने दिल को किसी भी तरह से तसल्ली देना चाहती है की वो अब उसे भूल जाएं.

ऐतबार है मुझे तेरी उस
अनसुनी आहट पर

जो एक दिन ले आएगी तुझे
मेरे हाथों की लकीरों पर

-Vrushali

aitbaar hai mujhe teri uss
ansuni aahat par
jo ek din le aayegi tujhe
mere haaton ki lakiro par

अपने यार को वो याद भी ना करें. क्योंकि वह अपने दिल को यही बात समझाना चाहती है कि जिसका वह इंतजार कर रही है, अब वह लौट कर कभी आने वाला नहीं है. वो खामखां परेशान ना हो. क्योंकि उसके यार को तो अब उस पर जरा भी यकीन नहीं है. और इसलिए वह वापस लौट कर कभी आना ही नहीं चाहता.

जब जज्बात ही नहीं रहे, तो ऐतबार (aitbaar) कहां से होगा..

जब कोई आशिक अपनी माशूका की याद में खोया रहता है, तो उसे उसकी हर एक बात जैसे उसकी आंखों के सामने से दोहराती हुई नजर आती है. वह तो अपनी जान से भी ज्यादा अपनी प्रेमिका से प्यार करता था. उसका ही एतबार करता था.

फितूर पर एतबार था तेरे
पर कभी यह ना सोचा था

एक दिन तुम्हारा यह फितूर
मुझे यू तोड़कर बिखर देगा

-Vrushali

fitur par aitbaar tha tere
par kabhi yah nhi socha tha
ek din tumhara yeh fitur
mujhe yu todkar bikhar dega

लेकिन आजकल उसकी माशूका ने उस पर aitbar करना छोड़ दिया है. उससे प्यार करना छोड़ दिया है. वह जब भी अपने दोस्तों और यारों से उसके बारे में बात करता था, तो वह उसकी तवज्जो करती थी. उसकी महफिल में शामिल होती थी. लेकिन आजकल तो यह किस्सा भी जैसे खत्म हो गया है.

ऐतबार किया था तुझ पर
वरना धोखा खाते ही सवर जाते

फिर एक बार यूं खुद को
तेरे हवाले कभी ना करते

-Vrushali

aitbaar kiya tha tujhpar
varna dhokha khate hi savar jaate
fir ek baar yun khud ko
tere hawale kabhi na karte

वो उसके किसी भी जज्बातों पर गौर नहीं करती. उसे तवज्जो नहीं देती. क्योंकि उसकी माशूका ने तो उसका दिल ही तोड़ दिया है. और अब बेचारा प्रेमी अपने आंसुओं की गिनती करते हुए अपने भूले बिसरे दिनों को याद कर रहा है. अपने यार की याद में तारों के साथ-साथ जैसे वो अपने अश्क भी गिन रहा है.

अब चाहे जो हो जाए, लेकिन वो उससे रिश्ता नहीं रखना चाहती..

प्रेमिका ने जब अपने प्रेमी का ऐतबार किया था. उसके प्यार का इजहार किया था, तो वो खुशी से मानो झूम रही थी. उसकी सारी तमन्नायेंं जैसे पूरी हो गई थी. उसने मांगी हुई अब तक की सारी दुआएं जैसे रंग लाई थी. वो अपने यार से बेइंतेहा इश्क करती थी. उस पर अपनी जान भी कुर्बान करती थी.

हर एक शख्स के चेहरे पर हैं नकाब
हर नक़ाब के पीछे एक मुस्कान

हर मुस्कान के पीछे एक राज
ऐसे में क्यों ना हो प्यार पर ऐतबार

-Vrushali

har ek shaksh ke chehre par hai nakab
har ek nakab ke piche ek muskan
har ek muskan ke piche ek raaj
aise me kyo n ho pyar par aitbaar

वो दिन भी कितने खुशनसीब थे. लेकिन अब जब उसके यार ने उसे ठुकरा दिया है, तो वह भी उससे नफरत करने लगी है. उसके दिल में अपने यार के लिए अब जरा भी मोहब्बत नहीं बची. अब तो वह अपने प्रेमी को चेतावनी दे चुकी है, कि जब वह उसे भुला ही चुका है, तो उसकी वापसी की कोई गुंजाइश ही नहीं है. वो अब उसे भूल जाए, तो ही बेहतर होगा.

अब उसके दिलबर के दिल में उसकी वापसी होना बिल्कुल मुमकिन नहीं है. वो तो अब उसे एक ही बात बताना चाहती है, की अब उसका अपने यार से कोई वास्ता नहीं है. उससे उसका कोई लेना-देना नहीं होगा. चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन वो अब उससे मिलना भी नहीं चाहती.


aitbaar par shayari in hindi urdu

ऐ दिल अब और
इंतजार मत कर..

मेरा ऐतबार कर..अब..
उनकी वापसी नहीं होगी

ae dil ab aur 
intezar mat kar..
mera aitbaar kar.. ab 
unki wapsi nahin hogi…

aitbaar-1-sad-shayari-bharosa-hindi-quotes-1

sad aitbaar shayari in hindi  | whatsapp status shayari

ऐतबार का किस्सा तो तभी
ख़त्म सा हो गया था..

जब मेरी जज्बातों को सरेआम,
नजरअंदाज किया जा रहा था..

aitbaar ka kissa to
tabhi khatm sa
ho gaya tha..
jab meri jazbaaton ko
sar-e-aam najarandaaz
kiya ja raha tha…


shayari on aitbaar in english hindi 

जब ठुकराया था तूने
अब वापसी हरगिज़ नहीं..

तू पक्का एतबार कर मेरा,
अब तुझसे जराभी राब्ता नहीं..

jab thukraya tha tune 
ab wapsi hargiz nahin..
tu pakka aitbaar kar mera 
ab tujhse jara bhi raabta nahin..

aitbaar-1-sad-shayari-bharosa-hindi-quotes-2

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Aitbaar Shayari -2: Sad Quotes in Hindi
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5 thoughts on “Aitbaar -1: Sad Shayari से शायरियों पर ऐतबार जरूर हो जाएगा”

  1. ओ हो, आपने तो दिल के तार ही छेड़ दिए हमारे
    बहोत खूब

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