Shayari For Muharram: Best 20+ Imam Hussain Ki Shahadat 🤲

Shayari For Muharram: दोस्तों, हिजरी सन् अर्थात इस्लामी नव वर्ष की शुरुआत मोहर्रम के पाक महीने से होती है. और यह महीना इस्लाम के चार पवित्र महीनों में से एक माना जाता है. कहा जाता है कि मोहर्रम का यह महीना ‘अल्लाह का महीना’ होता है. और इसी वजह से रमजान के अलावा मोहर्रम के रोजे सबसे ज्यादा अहमियत रखते हैं. माना जाता है कि इस महीने में अगर रोजा रखो, तो मांगने वाले के दिल की हर मुराद अल्लाह पूरी कर देता है.

Now let’s recall who martyred Hussain? He was Yazeed, who claimed to be the caliph of Muslims. इसी बात को आज हम Islamic New Year Shayari की मदद से आपके सामने पेश करना चाहते हैं. क्योंकि इसी महीने के दसवें दिन हजरत मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन की शहादत हुई थी. जिन्होंने अपने जीवन में सर्वोच्च संघर्ष एवं इंसानियत का उदाहरण पेश किया था.


Listen to Muharram Shayari by Aleema Zaidi

Table of Content

  1. Muharram Shayari – Imam Hussain Shayari
  2. Muharram Shayari In Hindi – मोहर्रम शायरी इन हिंदी
  3. Muharram Ki Shayari – मोहर्रम की शायरी
  4. Muharram Shayari Image – मोहर्रम शायरी इमेज
  5. Shayari For Muharram – शायरी फॉर मोहर्रम
  6. Conclusion

We are going to tell you some important points about Shayari For Muharram, Muharram Shayari, Islamic New Year Shayari.




Imam Hussain Ki Shahadat Full Video
Source: dailymotion/Shayari Sukun

तो आइए दोस्तों, संपूर्ण मानव जाति के लिए प्रेरणा स्त्रोत बने Imam Hussain Shayari को सुने. ताकि आप भी Imam Hussain Ki Shahadat को Muharram Ki Shayari की मदद से याद कर पाओ.

Muharram Shayari – Imam Hussain Shayari

Muharram Shayari
Muharram Shayari | Imam Hussain Ki Shahadat
1)

करबला में वादा अपना निभाने वाला हुसैन हैं
हक़ की खातीर सर कटाने वाला हुसैन हैं..

वो कैसे हो सकते हैं गुमराह ज़माने में
जिन्हें जहाँ में रास्ता बताने वाला हुसैन हैं..

-Moeen

karbala mein wada apna nibhaane wala hussain hai
haq ki khatir sar katane wala hussain hai..
vah kaise ho sakte hain gumrah jamane mein
jinhen jahan mein rasta batane wala hussain hai..

2)

मुझे क्या फ़िक्र, हुसैन जन्नत का इमाम होगा
दम-ए-आखिर लबों पर हुसैन का नाम होगा..

थामे रहो तुम युँही दामन मेरे हुसैन का
देखना एक रोज़ वक्त भी तुम्हारा गुलाम होगा..

-Moeen

mujhe kya fikr hussain jannat ka imam hoga
dam aakhir labon per husain ka naam hoga..
thamen raho tum yun hi daman mere husain ka
dekh na ek roz waqt bhi tumhara gulam hoga..

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Muharram Shayari Islamic New Year Status | Imam Hussain Shayari in Urdu

Muharram Shayari मदद से हुसैन साहब की शहादत को याद कर पाओगे. क्योंकि हर किसी को सच्चाई का रास्ता दिखाने वाले हुसैन पर पूरा भरोसा होता है. और उन्होंने ही सभी को प्रेरणा देते हुए इंसानियत की राह दिखाई है.

3)

हक़ का परचम, वजूद-ए-हुसैन से बुलंद हैं
बातील के आगे सर झुकाना उसे नापसंद हैं..

खून से अपने सींचा हैं सच्चाई का दरख़्त
ज़माना आज तक हुसैन का अहसानमंद हैं..

-Moeen

haq ka parcham, vajud a husain se buland hai
baatil ke aage sar jhukana use na pasand hai..
khoon se apne seencha hai sacchai ka darakht
zamana aaj tak hussain ka ehsan mand hai..

4)

करबला की वादीयों में कुछ रोज़ क़याम हो
आँखों में अश्क और लबों पर सलाम हो..

वहाँ खड़े हो कर पढू मैं कभी फ़ातीहा
हुसैन के कदमों में ये ज़िन्दगी तमाम हो..

Happy Muharram..!

-Moeen

karbala ki wadiyon mein kuchh roj kayam ho
aankhon mein ashq aur labon par salam ho..
vahan khade hokar padhu main kabhi fatiha
hussain ke kadmon mein ye jindagi tamam ho..

Muharram Shayari In Hindi – मोहर्रम शायरी इन हिंदी

Muharram Shayari In Hindi
Muharram Shayari In Hindi
5)

वक्त के बादशाह को खातीर में लाते नहीं
हुसैन के गुलाम हालात से कभी घबराते नहीं..

यज़ीदीयों पर हैं तारी हैबत आज तलक हुसैन की
ज़ालीम बादशाह भी हुसैनीयों से टकराते नहीं..

-Moeen

waqt ke badshah ko khatir mein latei nahin
hussain ke gulam halat se kabhi ghabrate nahin..
yajidiyon per hai tari haibat aaj talak husain ki
jalim badshah bhi hussainiyo se takrate nahin..

6)

करबला में हक़ बंदगी का अदा कर दिया
सर कटा कर वादा अपना वफ़ा कर दिया..

गुमनामी के अंधेरों में गुम हैं यज़ीद आज
परचम हक़ का हुसैन ने ऊँचा कर दिया..

Muharram Mubarak!

-Moeen

karbala main haq bandagi ka ada kar diya
sar kata kar vada apna wafa kar diya..
gumnami ke andheron mein gum hai yajid aaj
parcham haq ka husain ne uncha kar diya..

Muharram Shayari In Hindi की मदद से इंसानियत का वादा निभाने वाले हुसैन को याद करोगे. क्योंकि उन्होंने यजीद के सामने अपने हौसले बिल्कुल भी कम नहीं होने दिए. और सच्चाई का परचम हमेशा उंचा ही रखा.

7)

हुसैन की शान में कोई ऐसा कलाम हो जाए
मेरा शामील उन के गुलामों में नाम हो जाए..

चूमता फिरूँ वादी-ए-करबला के ज़र्रों को
हुसैन के पहलू में ज़िन्दगी की शाम हो जाए..

-Moeen

hussain ki shan mein koi aisa kalam ho jaaye
mera shamil unke gulamo mein naam ho jaaye..
chumtaa firu vadi-a-karbla ke zarron ko
husain ke pehlu mein jindagi ki sham ho jaaye..

8)

दुशमनों को गले से लगाना सिखाया हुसैन ने
रास्ता ज़माने को हक़ का बताया हुसैन ने..

कर दिया माफ़ कातीलों को अपने बाप के
सबक़ इंसानियत का ऐसा पढ़ाया हुसैन ने..

-Moeen

dushmanon ko gale se lagana sikhaya husain ne
rasta jamane ko hak ka bataya husain ne..
kar diya maaf katilon ko apne baap ke
sabak insaniyat ka aisa padhaya husain ne..

Muharram Ki Shayari – मोहर्रम की शायरी

Iman Hussain Ki Shahadat Par Shayari
Iman Hussain Ki Shahadat Par Shayari
9)

अली असगर का प्यास से तड़पना याद करो
वो मासूम सकीना का ज़रा सिसकना याद करो..

दिखाई हैं हुसैन ने, राह-ए-हक़ ज़माने को
नाम-ए-हुसैन से बादशाहत का लरज़ना याद करो..

-Moeen

ali asgar ka pyas se tadapna yad karo
vah masoom sakina ka zara sisakna yad karo..
dikhai hai hussain ne, rah a haq jamane ko
naam a hussain se badshahat ka larajna yad karo..

10)

शहादत से हुसैन की
ये दुनिया थी अनजानी..

देकर अपनी कुर्बानी,
सीखा गए वो जिंदगानी..

Happy Muharram..!

shahadat se husain ki
yah duniya thi anjani..
dekar apni kurbani,
sikha gaye vo zindagani..

Muharram Ki Shayari की मदद से आपको हुसैन साहब की शहादत की कहानी याद आयेगी. क्योंकि उन्होंने अपने जिंदगी की कुर्बानी देकर इंसानियत सिखाई थी. हमें भी उन्हीं की राह पर हमेशा चलना चाहिए.

11)

दबदबा हैं ज़माने में मगर लिबास सादा हैं
परचम-ए-हक़ बुलंद करना जिस का इरादा हैं..

कर दिया कुरबान सब कुछ हक़ की खातीर
मेरा हुसैन हक़ गोई में सब से ज़्यादा हैं..

-हक़ गोई : सच कहना

-Moeen

dab daba hai zamane mein magar libas sada hai
percham a haq buland karna jiska irada hai..
kar diya kurban sab kuchh hak ki khatir
mera husain hak goi mein sabse jyada hai..

12)

हर शख्स की जुबां पर है
हुसैन के कुर्बानी की बात..

मांगो दुआएं, आई है जो
मोहर्रम की ये पाक रात..

Happy Muharram!!

har shaks ki zubaan par hai
hussain ke qurbani ki baat..
mango duaayen, aayi hai jo
muharram ki ye paak raat..

Muharram Shayari Image – मोहर्रम शायरी इमेज

13)

मैदान-ए-कर्बला में कर दिया
यज़ीदियों हौसला कच्चा..

होकर शहीद हुसैन ने बताया
कुर्बानी का मतलब सच्चा..

मुहर्रम मुबारक़!

maidan a karbala me kar diya
yajidiyon ka hosla kachcha..
hokar shahid hussain ne bataya
qurbani ka matlab sachha..

14)

लड़ी जंग और बताई जमाने को
कुर्बानी की अहमियत..

शहादत थी हुसैन की जिसने
याद दिलाई इंसानियत..

ladi jung aur batai jamane ko
qurbani ki ahmiyat..
shahadat thi hussain ki jisne
yad dilai insaniyat..

Muharram Shayari Image की मदद से मोहर्रम के पाक महीने की अहमियत समझोगे. जिस तरह से शहीद होकर हुसैन साहब ने इंसानियत की जंग जीत ली थी. उनकी शहादत को दुनिया हमेशा याद करती रहेगी.

15)

हिम्मत और जुनून रखना
साथ तू बंदगी में..

दास्तां-ए-शहादत को रखना
याद तू जिंदगी में..

मुहर्रम मुबारक..

himmat aur junoon rakhna
sath tu bandagi mein..
dastan e shahadat ko rakhna
yad tu jindagi mein..

16)

संदेसे याद करते रहना हुसैन के..

सजदे सर झुकाते रहना हुसैन के..

sandese yad karte rahana husain ke..
sajde sar jhukate rehana hussain ke..

Shayari For Muharram – शायरी फॉर मोहर्रम

Shayari For Muharram | Imam Hussain Shayari
Shayari For Muharram | Imam Hussain Shayari
17)

करें जो याद कुर्बानी को
चमके हाथों की तकदीर..

कर्बला में शहीद होने वाला
हुसैन ही था सच्चा वीर..

मोहर्रम मुबारक हो!!!

kare jo yaad kurbani ko
chamke hathon ki takdeer..
karbla mein shahid hone wala
hussain hi tha saccha veer..

18)

इंसानियत का वजूद और
हर दिल का वो चैन है..

याद करो कुर्बानी उनकी,
नाम जिनका हुसैन है..!

insaniyat ka vajud aur
har dil ka vo chain hai..
yaad karo kurbani unki
naam jinka hussain hai..!

Imam Hussain Par likhi Shayari को सुनकर कर्बला के वीरों की गाथा सुनना पसंद करोगे. क्योंकि इमाम हुसैन जी भले ही शहीद हो गए हो. लेकिन उनकी शहादत के कारण ही इंसानियत का वजूद जिंदा रह पाया है. इसी वजह से हमें उनकी शहादत हमेशा याद करनी चाहिए.

19)

जानकर इंसानियत, सबको
अपना बनाया हुसैन ने..

परचम-ए-हक के लिए
मरना सिखाया हुसैन ने..

jaankar insaniyat, sabko
apna banaya husain ne..
pacham a haq ke liye
marna sikhaya husain ne..

20)

शहादत कर्बला के हुसैन की,
दिलों में जगाते हैं हम..

मातम कर मोहर्रम का,
नए साल को मनाते हैं हम..

Muharram Mubarak..!

shahadat karbala ke hussain ki
dilon mein jagate hain ham..
matam kar muharram ka,
naye sal ko manate hain ham..

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Kalyani Shah की आवाज़ में इन मोहर्रम शायरियों को सुनकर हजरत इमाम हुसैन जी की इबादत करना चाहोगे!


Conclusion

दोस्तों हजरत Imam Hussain Ki Shahadat को हमें कभी भी भूलना नहीं चाहिए. क्योंकि उनकी कुर्बानी ने सारी दुनिया को ही इंसानियत का अच्छा पाठ दिया है. इसी वजह से पूरी दुनिया उन्हें मोहर्रम के पाक मौके पर याद करती है. हमारी इन Shayari For Muharram को सुनकर अगर आप भी इमाम हुसैन साहब की शहादत को याद कर सको. तो हमें comment section में comment करते हुए जरूर बताये.

What is Muharram?

Muharram is the foremost month of the Islamic calendar and is believed to be admiringly religious, only coming next to Ramadan.

What happened in Muharram?

Imam Hussain (a.s.), who was the grandson of Prophet Muhammad (s.a.w.a.), was martyred with his family members after 3 days of no food and water in a desert.

Why was Hussain martyred?

Yazeed tried to bring unlawful changes in Islam. But Hussain (a.s.) was the grandson of Prophet Muhammad (s.a.w.a.). He stood against Yazeed and his unjust ways.

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