Nafrat Shayari In Hindi -4: Hate Love Status

Nafrat Shayari In Hindi : जब किसी आशिक का यार उससे नफरत की बात छेड़ता है. तो उसके दिल को बहुत ज्यादा दुख होता है. क्योंकि वह आशिक आज तक अपने महबूब से तहे दिल से प्यार करता रहा है. लेकिन अब न जाने यह कैसा मंजर आ गया है.

जो उसका दिलबर अब उसके जिंदगी के लिए कोई दुआ भी नहीं मांग रहा है. और वह उसके प्यार के खातिर अपनी जिंदगी का एक पल भी लुटाना नहीं चाहता है. इस बात की खबर जब तक आशिक को नहीं थी. वह अपनी जिंदगी से बढ़कर अपने यार को मानता था. क्योंकि उसके जीवन में जो कुछ भी अच्छे बदलाव आए थे.

इन सभी बातों के लिए वह अपने महबूब को ही तहे दिल से शुक्रिया देता रहा है. लेकिन आज Nafrat Shayari In Hindi की मदद से उसने गहरा धोखा पाया है. और अपने दिलबर की आंखों में अब उसे प्यार बिल्कुल भी नजर नहीं आता है. कुछ यही बात Hate Love Status की मदद से वह कहना चाहता है.

Table of Content

  1. Nafrat Shayari
  2. Nafrat Shayari In Hindi
  3. Nafrat Shayari In English
  4. Nafrat Shayari For Boyfriend
  5. Nafrat Shayari DP
  6. Conclusion

Nafrat Shayari

1)

तुझ बिन बड़ा उदास ये खुशनुमा सवेरा हैं
मेरी शामों पर अब तेरी यादों का बसेरा हैं..

जहाँ रौशन रहते थे मोहब्बतों के चिराग कभी
उन पगडंडीयों पर अब नफरतों का डेरा हैं..

-Moeen

tujh bin bada udas ya khushnuma savera hai
meri shamon per ab teri yadon ka basera hai

jahan roshan rahte the mohabbatan ke chirag kabhi
un pagdandiyon par ab nafraton ka dera hai

आशिक अपनी जिंदगी में अब बहुत ज्यादा उदास रहने लगा है. क्योंकि उसका महबूब ही अब उसके साथ जिंदगी में रहना नहीं चाहता है. क्योंकि अब उसके महबूब की नजर में अब आशिक के लिए जरा भी प्यार नहीं बचा है. आप उसके दिल में बस नफरत ही नफरत पैदा हो रही है.

लेकिन वह इस बात को बिल्कुल भी बताने के लिए तैयार नहीं है. आखिर उसके दिल में अपने आशिक के लिए यह नफरत क्यों पैदा हो रही है. उसके आशिक के बिना अब उसकी शामे भी उदासी गुजर रही है. और वह अपनी जिंदगी कि दिनों को मुश्किल से काट रहा है.

2)

चाहतों में उस मुकाम से गुज़र गए होते
यादों का सहारा हैं वरना बिखर गए होते..

गमों ने संभाला, तन्हाई ने दी पनाह हमें
वरना नफरतों के शहर में किधर गए होते..

-Moeen

chahaton mein use mukam se gujar gaye hote
yadon ka sahara hai varna bikhar gaye hote

gamon ne sambhala tanhai ne deepa na hamen
varna nafraton ke shahar mein kidhar gaye hote

Nafrat Shayari की मदद से अपने यार को यादों से निकालना चाहोगे. क्योंकि दिलबर का ख्याल आशिक के मन में होता तो है. लेकिन वह अब उसे भुलाने की कोशिश कर रहा है. क्योंकि जिस तरह से उसने अब प्यार का सिला दिया है. उस नफरत को भला आशिक कैसे भूल पाएगा?

क्योंकि उसकी यादों का अब उसे सहारा है. और शायद इसी सहारे की मदद से वह अब अपने जिंदगी के आखिरी दिनों तक गुजारा कर लेगा. लेकिन वह जानता है कि किसी भी आशिक के लिए अकेले जिंदगी गुजारना बहुत ही मुश्किल होता है.

Nafrat Shayari In Hindi

3)

ज़िंदगी का ज़हर अब चुपचाप पी लेते हैं
ज़ख्म मिले लाख मगर ख़ामोशी से सी लेते हैं..

उन्हें मोहब्बतों की बहारें भी रास ना आई
हम नफरतों की आंधीयों में भी जी लेते हैं..

-Moeen

jindagi ka jahar ab chupchap pi lete hain
zakhm mile lakh magar khamoshi se si lete hain

unhe mohabbaton ki bahare bhi raas na aayi
ham nafraton ki aandhiyon mein bhi jee lete hain

आशिक अपने महबूब से प्यार कर बहुत ज्यादा पछता रहा है. क्योंकि जिस कदर उसकी अपने महबूब से प्यार में धोखा खाया है. उसने कभी भी अपने सपने में भी यह बात सोची नहीं थी. और जिस कदर उसका दिलबर अब उसे नजरअंदाज कर रहा है.

वह कभी भी दुनिया के किसी आशिक के साथ ऐसा हो, यह नहीं चाहेगा. और शायद इसी वजह से वह अब जिंदगी में इस तन्हाई के जहर को खुद ही पी रहा है. अपने महबूब के दिए हुए सभी जख्मों को अकेले ही सी रहा है.

4)

तुझ बिन शहर की गलीयों में नूर नहीं
बिन तेरे मेरी साँसें चले मुझे मंज़ूर नहीं..

चाहत की महफिलों में मिले जाम नफरतों के
लबों पर लाऊँ शिकायत ये मेरा दस्तूर नहीं..

-Moeen

tujh bin shahar ki galiyon mein nur nahin
bin tere meri sanse chale mujhe manjur nahin

chahat ki mehfil mein mile jaam nafraton ke
labon per lau shikayat yah mera dastur nahin

Nafrat Shayari In Hindi की मदद से प्यार की नफरत से शिकायत करोगे. क्योंकि यह बात उस आशिक तक ही सीमित नहीं रहती है. जब भी वह अपने महबूब से प्यार की बात करता था. तो उसके लिए जैसे पूरी कायनात ही अपना रूप बदल लेती थी.

जब भी उसका दिल पर उसे मिलने के लिए आता था. तो वह इस मौसम को भी साथ लेकर आता था. और ऐसे महबूब के अब दूर हो जाने से उसकी सांसे भी अब उसे बोझ लगने लगी है. उसे अब किसी से भी कोई शिकायत नहीं रही है. क्योंकि उसका दिल अब सारी बातों से ऊब गया है.

Nafrat Shayari In English

5)

तेरे बाद ज़िंदगी का बोझ उठा रहा हुँ मैं
तेरी यादों के निशाँ अब मिटा रहा हुँ मैं..

मुझे हैं अंदाज़ा नफरतों के अंधेरों का
फिर तेरे खयालों के दीप जला रहा हुँ मैं..

-Moeen

tere bad jindagi ka bojh utha raha hun main
teri yadon ke nishan ab mita raha hun main

mujhe hai andaaza nafraton ke andhero ka
fir tere khayalon ke dip jala raha hun main..

अपने महबूब के जाने के बाद आशिक अब सिर्फ उसी की यादों में जी रहा है. उसे तो यह भी पता नहीं है कि आखिर उसका यार कहां है. क्योंकि जब से उसका दिलबर उसे छोड़ चला गया है. ना ही उसका कोई संदेश आशिक को मिला है.

और ना ही कोई अता पता वह किसी के पास छोड़ गया है. इसी वजह से अब आशिक उसके जाने पर बिल्कुल भी शौक नहीं कर रहा है. वह अपनी जिंदगी को अब जैसे तैसे कट रहा है. ताकि उस के मोहब्बत के सभी यादों को वह अपनी जिंदगी से मिटा सके.

6)

नफरत करने के लायक भी ना थे..

प्यार हम उनसे तहे दिल से कर बैठे..

nafrat karne ke layak bhi naa the

pyar ham unse tahe dil se kar baithe..!

Nafrat Shayari In English को सुनकर नफरत करने वाले महबूब को याद करोगे. यह बात आशिक के लिए बहुत ज्यादा दर्द देने वाली होती है. क्योंकि उसका सबसे चहेता यार उसे छोड़ चला गया है. और उसकी जिंदगी में अब फिर से एक बार अंधियारे का साथ आ चुका है.

जब उसकी सुनी सुनी महफिल में कोई नहीं आता था. तब उसकी महफिल को सजाने का सबसे बड़ा काम उसके यार ने किया था. और शायरी इसी वजह से यह बात आशिक के लिए सबसे ज्यादा मायने रखती है. लेकिन आज वही प्यार करने वाला उसके नफरतों का हिस्सा बन चुका है.

Nafrat Shayari For Boyfriend

7)

बैठे रहो तुम कयामत तक
नफरत के अनशन पर..

इस्तीफा चाहत का हम भी
आखरी सांस तक ना देंगे..

baithe raho tum kayamat tak
nafrat ke anshan per

istifa chahat ka hum
aakhri saans tak na denge..

आशिक अपने यार को नफरत के काबिल भी नहीं समझता है. क्योंकि जिस तरह का दर्द उसने आशिक को प्यार में दिया है. शायद ही उस तरह की बात को कोई यार कर सकता है. और अपनी जिंदगी मैं मिला हुआ सच्चा प्यार छोड़कर शायद ही कोई जा सकता है.

लेकिन इस तरह का बचपना सा व्यवहार ही आशिक के साथ हुआ है. इसी वजह से वह आशिक अपने दिलदार को कभी बुलाना नहीं चाहता है. और वह अपने यार की नादानी को अनशन का नाम देता है. और खुद कभी प्यार का इस्तीफा ना देने के बारे में सोचता है.

8)

नहीं मानता हिस्सा अब तुम्हें
किसी भी हसरत का..

क्योंकि नफरत से किया तुमने
खून मेरी चाहत का..

nahin manta hissa ab tumhen
kisi bhi hasrat ka

kyunki nafrat se kiya tumne
khoon meri chahat ka..

Nafrat Shayari For Boyfriend की मदद से अपने झूठे यार को छोड़ना चाहोगे. क्योंकि आशिक का महबूब अब उसे धोखा दे चुका है. और उससे प्यार का नाटक जिस तरह से उसने रचाया था. उसका खुद ही उसने अब पर्दाफाश कर लिया है. इसी वजह से अब आशिक अपनी दुआओं में किसी भी तरह से यार का नाम नहीं शामिल करता है.

और वह से अपनी जिंदगी का किसी भी तरह से कोई हिस्सा नहीं मानता है. जिस तरह की धोखेबाजी को उसने आज तक कभी सुना भी नहीं था. उस तरह कि नफरत का हो आज खुद सामना कर रहा है.

Nafrat Shayari DP
Nafrat Shayari DP

Nafrat Shayari DP

9)

चाहत ना सही बस नफरत ही
करते रहो मुझसे तुम..

याद तो रहेंगे कम से कम
जिंदगी भर तुम्हें हम..

chahat na sahi bus nafrat hi
karte raho mujhse tum

yad to rahenge kam se kam
jindagi bhar tumhen ham..

अपने रूठे यार को जब आशिक चाहत का शीला पूछता है. तब वह अपने सूरत की आंधियों में ही उसे हमेशा जलाता रहता है. लेकिन वह इस बात को जरूर कुछ देर के लिए भूल जाता है. की उससे चाहत करने पर भी वह उसके जिंदगी का हिस्सा था.

लेकिन आज जब वह खुद ही उसकी जिंदगी छोड़ जा रहा है. तो कम से कम वह अपने साथी अपनी मोहब्बत को याद तो रखेगा. लेकिन यह बात तब ही सच हो सकती है. जब कोई इस तरह से अपने आशिक का नाम लेता रहे.

10)

हर किसी से नफरत कर
खुद को जला लेते हो..

दिखावे की हंसी आखिर
चेहरे पर क्यों दिखाते हो..?

har kisi se nafrat kar
khud ko jala lete ho

dikhave ki hansi aakhir
chehre per kyon dikhate ho..?

Nafrat Shayari DP की मदद से अपनी मोहब्बत का जिक्र यार को करना चाहोगे. आजकल किसी भी आशिक को अपने दिलबर की खुशी तो पसंद होती है. इन लेकिन वह उसे इस बात के बारे में बताना नहीं चाहता है. वह उसे सरप्राइस देने की बात सोचता है.

लेकिन जब भी कोई उसे अपने बारे में या फिर दूसरों के बारे में पूछता है. तब उसके चेहरे पर जैसे हवाइयां उड़ती है. और वह अपने चेहरे पर एक दिखावे की हंसी लाता है. जो इस आशिक को बिल्कुल भी पसंद नहीं होती है.

Conclusion

दोस्तों हमें कभी भी किसी से नफरत तो नहीं करनी चाहिए. लेकिन अगर कभी कोई हमारे दिल को बहुत ज्यादा धोखा देता है. तो हमारे मन में उसके लिए नफरत आना लाजमी होता है. क्योंकि Hate Love Status आपके दिल में उस इंसान के लिए नफरत पैदा करती है. और यह बात आगे चलकर और ज्यादा बड़ी हो सकती है.

हमारी इन Nafrat Shayari In Hindi -4 को सुनकर आपके दिल में भी अगर महबूब के लिए नफरत पैदा हो. तो हमें comment area में comments जरूर करें.

नफरत शायरी पर लिखी गयी हमारी ये पोस्ट भी आपको अच्छी लगेगी

  1. Nafrat Shayari -1: अपने दिल की नफरत को जाहिर करना चाहोगे!
  2. Nafrat Shayari -2: Sad Hate Status in Hindi
  3. Nafrat Shayari DP -3: Top 10 Hate Thoughts in Hindi

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