Gulab Shayari In Hindi -2: Rose Poetry in Urdu and Hindi

Gulab Shayari In Hindi : अपने महबूब की यादों में जब भी आशिक खोया हुआ रहता है. उसे हमेशा अपने दिलबर का गुलाब जैसा खिला हुआ चेहरा नजर आता है. और हमेशा अपने महबूब की यादों में खोए रहना ही उसका काम होता है.

वह अपने महबूब से सच्चे दिल से प्यार करता है. इस बात से वह हमेशा उसके यार को रूबरू करवाता रहता है. क्योंकि उसे पता है कि प्यार सिर्फ करने से नहीं बल्कि कहने से भी बढ़ता है. और इस बात को वह अलग अलग अंदाज में भी कहने की कोशिश करता है.

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हमारी इन प्यार भरी गुलाब शायरियों को Manpreet Kaur इनकी आवाज में सुनकर अपने दिलबर की यादों में खो जाओगे!

इसी में Gulab Shayari In Hindi की यह कोशिश भी बहुत काम आती है. क्योंकि इस Rose Quotes का रंग भी बिल्कुल उसके दिलबर के गालों की तरह चमकता है. और उसकी होठों की लाली भी जैसे गुलाब की पंखुड़ियों की तरह ही होती है. एक तरह से वह अपने दिलबर में ही गुलाबों का बगीचा देखता है. और उसे देखने के बाद किसी भी गुलाब को देखने की उसे जरूरत ही नहीं लगती है.

Table of Content

  1. Gulab Shayari In Hindi
  2. Gulab Shayari 2 Lines Hindi
  3. Gulab Shayari In English
  4. Gulab Shayari Image
  5. Gulab Shayari
  6. Conclusion

Gulab Shayari In Hindi

1)

यूँ सिमट आती हो तुम मेरी गज़ल में
जैसे रहती हो मलेका किसी महल में..

उस गुलाब सी लड़की पर क्या लिखुँ
पाकबाज़ी हो जैसे गंगा किनारे खिलते कँवल में..

-Moeen

yun simat aati ho tum meri gazal mein
jaise rahti ho malika kisi mahal mein..
us gulab se ladki par kya likhu
paak bazi ho jaise ganga kinare khilte kamal mein..


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अपने महबूब की यादों में जिस तरह से आशिक डूबता रहता है. उसकी यादों में ही वह हमेशा कोई ना कोई नज़्म या ग़ज़ल लिखता रहता है. लेकिन उसकी यह ग़ज़ल तो जैसे किसी राजकुमारी या फिर मल्लिका के लिए लिखी लगती है.

क्योंकि जिस कदर वह अपनी गजल और शायरी में अपनी महबूबा का वर्णन करता है. उस जिक्र के सामने तो जैसे गुलाब का बगीचा भी फीका पड़ जाएगा. लेकिन आशिक का दिल उसका जिक्र करते हुए नहीं थकेगा.

Gulab Shayari In Hindi
Gulab Shayari In Hindi
2)

ये फिज़ाएं बेरंग हैं ज़रा मुस्कुराओ तो सही
चाँद शरमाएँ तुम अपना चेहरा दिखाओं तो सही..

गुलशन के गुलाब मदहोश हो कर झूमेंगे
तुम हवाओं में आँचल अपना लहराओं तो सही..

-Moeen

yeh fizayen berang hai zara muskurao to sahi
chand sharmaye tum apna chehra dikhao to sahi..
gulshan ke gulab madhosh hokar jhumenge
tum hawaon mein anchal apna lahraho to sahi..

Gulab Shayari In Hindi की मदद से अपने महबूब का जिक्र करना चाहोगे. क्योंकि आशिक अपने प्यार की रंगत जमाने को बताना चाहता है. और जिस तरह से इन फिजाओं में गुलाबों की महक खिलती रहती है.

ठीक उसी तरह से उसकी माशूका की दिलकश अदाएं भी होती है. और उन सभी अदाओं को वह हमदम इस कायनात में बिखेरते रहता है. एक तरह से वह पूरे मौसम पर अपना रुतबा ही कायम करती है.

Gulab Shayari 2 Lines Hindi

3)

सूरज ढले तारे टुटे तेरे दिलफरेब अंदाज़ से
गिरने वाले सँभलते हैं तेरी मदहोश आवाज़ से..

गुलाब जिसे देख खिलते हैं वो मुझे चाहती हैं
खुदा करें ना उठे परदा कभी इस राज़ से..

-Moeen

suraj dhale tare tute tere dil fareb andaaz se
girne wale sambhalte hain teri madhosh aavaj se..
gulab jise dekh khilte hain vah mujhe chahti hai
khuda kare na uthe parda kabhi is raaz se..

अपने गुलाब जैसे सुंदर महबूब को देख कर ही तो आशिक जिंदगी जीना चाहता है. उसे लगता है कि इस कायनात की हर एक चीज उसके महबूब की देन है. क्योंकि जिस तरह से सूरज अपनी लाली को धरती पर भी खेलता है.

वह तो जैसे उसके महबूब ने ही सूरज को दी हुई होती है. उसका दिलबर जब भी खुले मैदानों में चलता है. तब उसके पीछे पीछे यह हवाएं भी मदहोश हो जाती है. और ऐसी गुलाब के फूल जैसी शक्ल सूरत वाली महबूबा मिलना हर किसी के नसीब में नहीं होता है.

4)

जब कभी वो रातों को करवट बदलती हैं
मौसम रक्स करता हैं बहारें मचलती हैं..

जब से देखा तुझे मुंह मोड़ लिया गुलाबों से
तेरे हुस्न से ये हूरें भी जलती हैं..

-Moeen

jab kabhi woh raaton ko karvat badalti hai
mausam raks karta hai bahare machalti hai..
jab se dekha tujhe muh mod liya gulabo se
tere husn se ye hure bhi jalti hai..

Gulab Shayari 2 Lines Hindi की मदद से दिलबर की तारीफ करोगे. क्योंकि उसके रातों की नींद भी जैसे गुलाब की कली जैसी होती है. गुलाब की कलियां जिस तरह से रातों में धीरे से खिल जाती है.

ठीक उसी तरह से आशिक का हमदम भी अपनी करवट चुपके से बदलता है. और उसे लगता है कि जब भी वो अपनी करवट बदलती है. तो जैसे पूरे मौसम में ही बदलाव छा जाता है. फिजाओं में एक नई रोनक आ जाती है. और उसकी यह अदाएं देखकर तो जैसे हूरे भी उस पर जलने लगती है.

Gulab Shayari In English

5)

कितना सुकून हैं तेरी ज़ुल्फ़ों की छाव में
हैं शामे अवध तेरे परदे की अदाओं में..

लिए हाथों में गुलाब चली आओ ज़िंदगी में
बजने लगेगी शहनाइयाँ इन बेरंग फिज़ाओं में..

-Moeen

kitna sukun hai teri julfon ki chhanv mein
hai shame avadh tere parde ki adaon mein..
liye hathon mein gulab chali aao zindagi mein
bajne lagi shehnaiyaa in berang fizaon mein..

अपने महबूब की अदाएं देख कर आशिक उस पर मर मिटना चाहता है. क्योंकि उसके दिल पर उसकी महबूबा वार ही कुछ ऐसे करती है. उसकी गुलाब जैसी सूरत याद कर वह महबूब रातों में भी मचल उठता है. और जब वह अपने हाथों में गुलाब की कली लेकर उससे मिलने आती है.

तो मानो आशिक के दिल में जैसे शादी की शहनाई बजने लगती है. उसकी वजह से ही तो वह अपनी जिंदगी में करार पाता है. और अपने महबूब से मिलने के लिए वह ख्वाबों में भी तड़प उठता है. लेकिन जब उसकी आंखें खुलती है. तो वह खुद को अकेला पाकर मायूस हो जाता है.

6)

आने से आपके जिंदगी मेरी हो गई है खूबसूरत
बस गई जो दिल में, वो है तुम्हारी मूरत..

ना जाना एक पल भी दूर, छोड़कर साथ
हर कदम पर मुझे अब सिर्फ तेरी है जरूरत..

aane se aapke Jindagi meri ho gai hai Khubsurat
bas Gai Jo Dil Mein vo Hai Tumhari Murat..
Na Jana Ek Pal Bhi Dur, chhodkar sath
Har Kadam per Mujhe ab sirf Teri Hai jarurat..

Gulab Shayari In English को सुनकर दिलबर को मनाना चाहोगे. कोई भी आशिक अपने यार की यादों में जब ऐसी Rose Quotes लिखता है. तब उसके मन में अपने यार के लिए दिल की गहराई से इश्क निकलता है.

और इसी वजह से वह अपनी जिंदगी में महबूब को बुलाना चाहता है. क्योंकि उसके रोम रोम में बस अपने दिलबर की ही मूरत बैठी होती है. वह हमेशा अपने यार को ही दिल में छुपाता है. और इसी वजह से वह अपनी जिंदगी से उसे कभी दूर जाने नहीं देना चाहता है.

Gulab Shayari Image

7)

तोड़ लेता मैं अगर तू फूल गुलाब का होती
जवाब मैं बनता अगर तू सवाल होती..

जानती है दुनिया शराब नहीं पीता मैं
लेकिन उठा लेता जाम अगर तू शराब होती..

Tod Leta mein agar tu Phool Gulab Ka hoti
Jawab Mein banta agar tu Sawal hoti..
Janti Hai Duniya Sharab Nahin Pita main
lekin utha leta Jaam agar tu Sharab hoti..

अपने यार की यादों में आशिक खोया हुआ रहता है. और तब वह दुनिया को कई सारी मिसाले देता रहता है. अपने महबूब की अदाओं का वह जिक्र बार-बार करता रहता है. उस पर और उसकी हर एक अदा पर नई नज्में लिखना चाहता है.

और अपनी जिंदगी के सभी सवालों के जवाब बनने वाली महबूबा को याद करता है. कुछ इस कदर अपने दिलबर से प्यार करता है. सारा जमाना इस बात को जानता है कि प्रेमी शराब नहीं पीता है. लेकिन अगर उसकी दिलरुबा उसके लिए शराब बन जाती. तो वह उस जाम को सबसे पहले उठाकर अपने होठों से लगाता.

8)

हर फूल को हम गुलाब बना देते
हर एक अदा पर तुम्हारी ग़ज़ल बना देते..

करती नहीं तुम प्यार मुझसे वरना
घर के सामने तुम्हारे ताजमहल बना देते..!

Har Phool Ko Ham Gulab banaa Dete
Har EK Ada per Tumhari Gazal banaa dete..
karti nahin tum Pyar Mujhse Varna
Ghar Ke Samne Tumhare Tajmahal banaa dete..!

Gulab Shayari Image को सुना कर अपने महबूब को इशारा देना चाहते हो. अपने दिलबर की अदाओं का आशिक हमेशा जिक्र करता है. और उन सभी अदाओं पर वह शायरी और गजल लिखना चाहता है.

वह अपने उन शायरियों में महबूब के लिए क्या-क्या करना चाहता है. इसके बारे में ही सब बातें बताता रहता है. वह तो अपने दिलबर के लिए अच्छा सा दूसरा ताजमहल भी बना देता. इस बात का भी जिक्र हो अपनी प्यार की कसमों में करता है.

Gulab Shayari

9)

देखे जो मैंने ख्वाब, वो सारे पूरे हो जाए
साथ तुम्हारा मिले तो मेरी जिंदगी बन जाए..

तोहफे में दूँ मैं जो गुलाब तुम्हें
खुदा करे, चाहत की हमारे शुरुआत बन जाए..

dekhe jo maine Khwab vah Sare pure Ho Jaaye
Sath Tumhara Mile To Meri Jindagi Ban Jaaye..
Tohfe me dun main jo Gulab Tumhen
Khuda Kare, Chahat Ki Hamare shuruaat Ban Jaaye..

अपने महबूब के साथ जिंदगी गुजारने का उस आशिक का सपना होता है. और उस सपने को पूरा करने के लिए वह हमेशा ही अपने अल्लाह से दुआएं मांगता रहता है. वह अपने दिलबर से दूर रहकर भी हमेशा उसके दिल के करीब होना चाहता है. कुछ इसी तरह के सपने वह दिन-रात देखते रहता है.

जब वह अपने महबूब के लिए उसके पसंदीदा गुलाब का फूल लेकर जाएगा. तो उसके मन में हमेशा यही बात होती है. यह गुलाब का फूल ही उनके प्यार की पहली निशानी बन जाए. कुछ इसी तरह की दरख्वास्त वह अपने खुदा से बार-बार करता रहता है.

10)

कॉलेज के लिए जब वो घर से नकाब में निकली
जैसे सारी गली भी उसके साथ निकली..

करती थी इनकार वह चाहत का हमेशा
तस्वीर मेरी ही उसकी किताब में निकली..

college ke liye Jab vah Ghar Se nakab Mein Nikali
jaise saari Gali bhi uske sath Nikali..
karti thi Inkaar vo Chahat ka Hamesha
tasvir Meri Hi uski Kitab Mein Nikali..

Gulab Shayari की मदद से अपने प्यार का ज़िक्र करना चाहोगे. अपनी यार की हर एक अदा को आशिक कुछ इस कदर चाहता है. उसकी हर बात पर वह अपनी जिंदगी वार देना चाहता है. और ऐसा कहने वाला वह अकेला ही नहीं है. उसे पता है कि पूरी गली और मोहल्ला भी उसके प्यार में पागल है.

इसी वजह से वह जब भी कॉलेज जाती है. तब वह बिना नकाब के कभी भी नहीं निकलती है. लेकिन वह अपने आशिक के प्यार का भी इजहार कभी नहीं करती है. लेकिन जब उसकी किताब में अपने यार की तस्वीर दिखाई देती है. तो वह शर्म से पानी-पानी हो जाती है.

Conclusion

इन Rose Quotes को पढ़कर आपको भी अपने हसीन महबूब की याद जरूर सताने लगी होगी. हमें यकीन है कि यह शायरियां सुनकर आपकी महबूबा को भी आप पर बहुत प्यार आएगा… क्योंकि इस तरह की प्यार भरी नायाब शायरियां आपको सिर्फ Shayari Sukun के मंच पर ही पढ़ने और सुनने के लिए मिल सकती है.

हमारी इन प्यारी सी Gulab Shayari In Hindi -2 को सुनकर अगर आपकी महबूबा भी आपके प्यार में दीवानी हो गई हो. तो हमें नीचे comment area में comments करते हुए जरुर बताएं!

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4 Comments

  1. Santosh July 12, 2021
  2. ASHOK KUMAR PRAJAPAT July 12, 2021
  3. Kalyani Shah July 12, 2021
  4. Vinita July 12, 2021

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