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Read, Listen to Best Collection of 45+ Allama Iqbal Shayari!

दोस्तों, अगर आप अल्लामा इकबाल जी के बारे में बहुत ज्यादा नहीं जानते हैं. तो हम आपको उनके और अल्लामा इक़बाल शायरी के बारे में थोड़ी सी जानकारी जरूर देना चाहेंगे. इनका पूरा नाम मुहम्मद इक़बाल मसऊदी था. भारत और पाकिस्तान के अलग होने से पहले उन्होंने अपने शायराना अंदाज से सभी को अचंभित कर दिया था. वे उस वक्त के उम्दा शायर कवि और नेता भी थे.

उन्होंने कभी भी इस्लाम के अलग-अलग राष्ट्रों को समर्थन नहीं दिया था. वे सभी मुसलमानों को एक ही राष्ट्र का हिस्सा मानते थे. उन्होंने कई तरह की उर्दू शायरियां लिखी है. भारत के सबसे प्यारे गीत ‘सारे जहां से अच्छा’ को अल्लामा इकबाल जी के ‘तराना-ए-हिंद’ से ही लिया गया है. पूरे हिंदुस्तान को एक रहने की नसीहत देने वाले इक़बाल जी बाद में पाकिस्तान के बंटवारे पर अड़े रहे. और बाद में मोहम्मद अली जिन्ना भी इस कार्य में जुड़ गए.


हमारी इन अल्लामा इक़बाल शायरी को Aishwarya Pewal इनकी आवाज में सुनकर खुद को मोहब्बत की यादों में भुला देना चाहोगे!



अल्लामा इक़बाल जी को पाकिस्तान का राष्ट्रकवि एवं पाकिस्तान का जनक भी कहा जाता है. आज हम भी शायरी सुकून के मंच की मदद से आपके लिए तोहफा लेकर आए हैं. और इस तोहफे के रुप में हम आपको अल्लामा इक़बाल सर इन्होने जो शायरियां लिखी है, उनको सुनाना चाहते हैं. हमें यकीन है कि इन्हें सुनकर आप भी उनके चाहने वालों में से जरूर बन जाएंगे.


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Shayari of Allama Iqbal in Hindi | अल्लामा इक़बाल इनकी शायरियां

Shayari by Allama Iqbal
Shayari by Allama Iqbal
देख कैसी क़यामत सी बरपा हुई है 
आशियानों पर इक़बाल..
जो लहू से तामीर हुए थे पानी से बह गए..

dekh kaisi kayamat si barpa hui hai
aashiyaanon par ikbal
jo lahu se tamir hue the paani se bah gaye

अल्लामा इकबाल साहब अपनी रोमांटिक प्यार भरी शायरी में प्रेमी के दिल की हालत बताना चाहते हैं. वह अपनी शायरी में प्रेमी के दिल पर बरसने वाली कयामत के बारे में बात कर रहे हैं.



उम्र भर तेरी मोहब्बत 
मेरी खिदमत रही

मैं तेरी खिदमत के क़ाबिल 
जब हुआ तो तू चल बसी..

umr bhar teri mohabbat
meri khidmat rahi
main teri khidmat ke kabil
jab hua to tu chal basi

जो किसी भी सच्चे आशिक पर आशियाना तो बनाती है. लेकिन कभी-कभी उसी के चलते अपना कहर भी बरसाती है. और जिस तरह से पानी की तरह खून भी बहता है. उसी तरह से आशिक की खून में भी प्यार बहता रहता है.

Best Shayari by Allama Iqbal
Best Shayari by Allama Iqbal

Listen to Allama Iqbal ki Shayari in Urdu

अमल से ज़िन्दगी बनती है, 
जन्नत भी जहनुम भी..

यह कहा की अपनी फितरत में 
न नूरी है न नारी है..

amal se jindagi banti hai,
jannat bhi jahnum bhi
yah kaha ki apni fitarat main
na noori hai na naari hai

मुझ सा कोई शख्स नादान भी न हो.
करे जो इश्क़ कहता है नुकसान भी न हो.

mujh sa koi shaks nadan bhi n ho
kare jo ishq kahta hai nuksan ka



अल्लामा इक़बाल की शायरी की मदद से शांति और अमन की बात बताना चाहते हैं. जिस तरह से शांति से हमारी जिंदगी बेहतरीन होती है. और हमें जन्नत भी नसीब हो सकती है. लेकिन कभी किसी की फितरत में नूर होता है.

मिटा दे अपनी हस्ती को 
अगर कुछ मर्तबा चाहे

कि दाना खाक में मिलकर
गुले गुलज़ार होता है

mitade apni hasti ko
agar kuch martaba chahe
ki dana khak main milkar
gule gulzar hota hai

अल्लामा इक़बाल इनकी शायरियों को शाहीन की आवाज़ में सुनिए

Allama Iqbal Shayari Hindi
Allama Iqbal Shayari in Hindi
यह मत समझो के दीवाने जहनदीदा नहीं होते,
ताजुब क्या अगर इक़बाल दुनिया तुझ से नाखुश है,
बहुत से लोग दुनिया में पसंदीदा नहीं होते..

yah mat samjo ke diwane jahandida. ahi hote
tajub kya agar ikbal duniya tujh se nakhush hai
bahut se log duniya main pasandida nhi hote

तू ने ये क्या ग़ज़ब किया 
मुझको भी फ़ाश कर दिया,

मैं ही तो एक राज़ था
सीना-ए-काएनात में..

tu ne ye kya gajab kiya
mujhko bhi fash kar diya
main hi to ek raaz tha
seena-e-kayenat main



गुज़र जा अक़्ल से आगे कि ये
नूर चराग़-ए-राह है मंज़िल नहीं है

gujar ja akal se aage ki ye
noor charag-e-rah hai manjil nahi hai

allama iqbal shayari most popular collection
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Listen to Sad Allama Iqbal Shayari in Hindi

आज फिर तेरी याद मुश्किल बना देगी
सोने से काबिल ही मुझे रुला देगी

आँख लग गई भले से तो डर है
कोई आवाज़ फिर मुझे जगा देगी

aaj fir teri yaad mushkil bana degi
sone se kabil hi mujhe rula degi
aankh lag gai bhale se to dar hai
koi aavaj fir mujhe jaga degi

साकी की मुहब्बत में दिल साफ हुआ इतना
जब सर को झुकाता हूं शीशा नजर आता है..

saki ki muhabbat main dil saaf hua itna
jab sar ko jhukata hu shisha najar ata hai

अल्लामा इक़बाल की शायरी
अल्लामा इक़बाल की शायरी

और कभी कभी किसी की फितरत में कोई औरत भी नहीं होती है. इसी का पूरा परिणाम उसकी जिंदगी पर दिखाई देता है. और इसी वजह से शायद कोई आशिक सच्चा प्यार करता है. तो कोई प्रेमी चाहत को खिलवाड़ समझते हुए किसी के दिल से खेलता है.



मुझे रोकेगा तू ऐ नाख़ुदा 
क्या ग़र्क़ होने से,

कि जिन को डूबना है 
डूब जाते हैं सफ़ीनों में. -

mujhe rokega tu e nakhuda
kya gark hone se
ki jin ko doobna hai
doob jaate hai safino main

जिस खेत से दहक़ाँ को मयस्सर नहीं रोज़ी
उस खेत के हर ख़ोशा-ए-गंदुम को जला दो

jis khet se dahka ko mayssarnahj roji
us khet ke har khosha-e-gandum ko jala do

Allama Iqbal Shayari Status
Allama Iqbal Shayari Status

Allama Iqbal Shayari In Urdu

आह जो दिल से निकली जाये गी..
किया समझते हो खली जाये गी..

aaah jo dil se nikli jaaye gee
kiya samajte ho khali jaaye gee

Allama Iqbal Shayari की मदद से आप अपने दिल की बात को महबूब से जरूर साझा कर सकोगे. क्योंकि दिल से निकलने वाली हर एक आह प्यार की सौगात लाती है.



जमीर जाग ही जाता है
अगर दिल जिंदा हो तो..

कभी गुनाह से पहले
कभी गुनाह के बाद..

jameer jaag hi jata hai
agar dil jinda ho to..
kabhi gunah se pahle
kabhi gunah ke bad..

और यही बात हर किसी के प्यार में मौजूद नहीं होती. लेकिन जब भी आप तहे दिल से किसी से प्यार करो. तब आपके लिए यह बात जरूर यादगार हो जाएगी. और जब भी आपके दिल से सच्ची आह निकलेगी. तब वह प्यार की आह कभी खाली नहीं जा सकती.

तुम से गिला किया ना ज़माने से कुछ कहा.
बर्बाद हु गये बड़ी साग्दी से हम..

tum se gila kiya n jamane se kuch kaha
barbad hu gaye badi sagdi se hum

Allama Iqbal Shayari Hindi
Allama Iqbal Shayari Hindi

Sad Allama Iqbal Shayari in Hindi की मदद से आप प्यार का शिकवा गिला कर सकते हो. ताकि आपके यार को आपके प्यार पर पूरा भरोसा भी जरूर आ सके. लेकिन कभी-कभी आपके दिल के हालात ऐसे नहीं होते है. आप अपने महबूब से भी किसी बात का शिकवा कर नहीं सकती हो. आपको पता है की अल्लामा इकबाल साहब जैसे बड़े शायर की शायरी में कितनी गहराई होती है. वे जब भी अपनी कलम से कोई ग़ज़ल या शायरी लिखते हैं. तो उसमें बहुत गहरी बात कह देते हैं.



हम जब निभाते है 
तो इस तरह निभाते है

सांस लेना तो छोड़ सकते है 
पर दामन यार नहीं

ham jab nibhate hain
to kis tarah nibhate hain
sans lena to chhod sakte hain
par daman yaar nahin

और ना ही जमाने को अपने दिल की आपबीती बता सकते हो. और जब आप इस तरह से सच्चे प्यार की वजह से बर्बाद होती हो. तो आप अपने दिल से बस एक ही बात कह सकते हो. आपके यार की सादगी ही ऐसी थी जिस कारण आप बर्बाद हो चुके हो.

Allama Iqbal Shayari in Hindi

जिन का मिलना नसीब में नहीं होता..
उनकी मोहब्बत कमाल कि होती है..

jin ka milna nasib maib nahi hota
unki mohabbat kamal ki hoti hai

खुद को कर बूलंद इतना की 
हर तकदीर सें पहलें

अल्लाह बदे से खुद पूछें 
बता तेंरी रजा क्या हे

Khud ko kar buland itna ki
har Taqdeer se pahle
Allah bande se khud pooche
Bata Teri Raza kya hai

अल्लामा इकबाल शायरी में प्यार के लिए तड़पते हुए आशिक की बात कही है. इकबाल साहब दुनिया को बताना चाहते हैं जो आशिक सच्चे होते हैं. और जब वह अपने सच्चे प्यार की खातिर अपने दिलबर से मिल भी नहीं पाते हैं. वही सच्ची चाहत का दर्द समझ पाते हैं.

ढूंढता रहता हूं ऐ इकबाल अपने आप को
आप ही गोया मुसाफिर आप ही मंजिल हूं मैं

dhoondta rehta hoon iqbal apne aap ko
aap hi goyaa musafir aap hi manjil hu mai

क्योंकि जमाने में तो ऐसे कई सारे ढोंगी है. जो बस मोहब्बत को दिल लगी समझते हैं. और दिल भर जाने पर अपने साथी को छोड़ भी देते हैं. लेकिन इकबाल साहब उन आशिकों के चाहत की बात कर रहे है. जो तहे दिल से अपने यार पर मरते हैं. क्योंकि उनकी मोहब्बत भी दिल से निकली हुई और कमाल की होती है.

सब कुछ हासील नहीं होता ज़िन्दगी में यहाँ..
किसी का कास तो किसी की आह रहे जाती है..

sab kuch hasil nahi hota jindagi main yaha
kisi ka kas to kisi ki aah rahe jaati hai

अल्लामा इक़बाल इनकी शायरी को जब आप पढ़ोगे तो जिंदगी की असली हालात के बारे में जान जाओगे. क्योंकि इकबाल साहब ने जिस तरह से जिंदगी का नजरिया बताया है. शायद हर कोई आशिक जिंदगी के उस पल को बार-बार जीना चाहेगा.

खुदा के बन्दे तो हैं 
हजारों बनो में फिरते हैं मारे-मारे

मैं उसका बन्दा बनूंगा जिसको
खुदा के बन्दों से प्यार होगा

khuda ke bande to hai
hajaron bano mein phirte hain mare mare
main uska banda banunga jisko
khuda ke bando se pyar hoga

Allama Iqbal Shayari Image
Allama Iqbal Shayari Image

क्योंकि प्यार में सब कुछ मिल जाता है. लेकिन आपको लगता है कि आपने कुछ भी पाया नहीं है. क्योंकि आपके महबूब की जो भी इच्छाएं होती है. अगर आप उन्हें पूरी कर दो तो ही वह खुश होता है. और इसी वजह से कभी कभी चाहत में किसी की आह भी निकल जाती है. तो कईयों की वाह भी हो जाती है.

अच्छा है दिल के साथ रहे 
पासबान-ए-अक़्ल 

लेकिन कभी कभी 
इसे तन्हा भी छोड़ दे

Accha hain dil ke sath rahe
paasban-e-akl
lekin kabhi kabhi
ise tanha bhi chhod de

अनोखी वज़्अ' है सारे ज़माने से निराले हैं 
ये आशिक़ कौन सी बस्ती के या-रब रहने वाले हैं

Anokhi vajah hain sare jamane se nirale hain
ye ashiq kaun si basti ke ya-rab rahane wale hain.

Best Shayari by Allama Iqbal

ज़रूरी तो नहीं मोहब्बत लफ्ज़ुं में बयाँ हो
किया सच मेरी आँखें तुम्हे कुछ नही कहेती…

jaruri to nahi mohabbat lafjun main baya hu
kiya sach meri aankhe tumhe kuch nahi kaheti

अल्लामा इकबाल साहब की शायरियों को आप जब भी तहे दिल से सुनोगे. तब आपके दिल में अजीब सी हलचल जरूर मचाएगी. और आपको लगेगा कि जैसे आपने कुछ नई बात सीख ली हो. क्योंकि इकबाल साहब बड़ी-बड़ी बातें अपने सहज लफ्जों में बता देते हैं. जो कि पढ़ने और सुनने वालों को काफी आसान लगती है.

माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं 
तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख

Mana ki teri deed ke kabil nahin Hun main
tu Mera shauk dekh Mera intezar dekh.

जानते हो तुम भी फिर भी अजनान बनते हो
इस तरह हमें परेशान करते हो..

पूछते हो तुम्हे किया पसंद है
जवाब खुद हो फिर भी सवाल करते हो..

jante ho tum fir bhi anjaan bante ho
is tarah hamen pareshan karte ho..
puchte ho tumhen kiya pasand hai
jawab khud ho fir bhi sawal karte ho..

न पूछो मुझ से लज़्ज़त ख़ानमाँ-बर्बाद रहने की 
नशेमन सैकड़ों मैं ने बना कर फूँक डाले हैं

Na pucho mujhse lajjat khanaman- barbad rahane ki
nasheman sekadaun main ne bana kar funk dale hain.

2 Line Sher by Allama Iqbal Sir
2 Line Sher by Allama Iqbal Sir

कुछ इसी तरह की बात वह अपनी इस शायरी की मदद से कहना चाहते हैं. वह बताते हैं कि चाहत को हर कोई लफ्जों में बता दे. तो उस चाहत की कोई कीमत लगा देगा. और जब चाहत की कीमत लगाई जाती है. तो वह सच्ची चाहत नहीं होती है. इसी वजह से उनका मानना है कि दिलबर की आंखें भी पढ़ना चाहिए. क्योंकि दिल के सच्चे हालात लफ्जों से नहीं बल्कि आंखों से बयां होते हैं.

शाखों से टूट जाए वह पत्ते नहीं हैं हम.
आंधियों से कोई कह दो, अपनी औकात में रहे..!

shaakhon se tut jaaye vah patte nahi hai hum
aandhiyon se koi kah do, apni aukat main rahe

उरूज-ए-आदम-ए-ख़ाकी से अंजुम सहमे जाते हैं कि 
ये टूटा हुआ तारा मह-ए-कामिल न बन जाए

Uruj-e-aadam-e-khaki se Anjum sahame jaate hain
ki yeh toota hua Tara mah-e-kamil n ban jaye

हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है
बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा

Hajaron sal Nargis apni be-nuri pe roti hain
Badi mushkil se hota hain chaman main dida-var paida

Shayari written by Allama Iqbal की मदद से आप सच्ची चाहत का अनुमान लगा सकते हो. क्योंकि कभी-कभी प्यार में अनुमान लगा लेना ठीक होता है. लेकिन कई बार तो इस तरह का अनुमान झूठा साबित हो जाता है.

पानी पानी कर गयी मुझको 
कलंदर की वो बात

तू झुका जो ग़ैर के आगे 
न तन तेरा न मन तेरा

pani pani kar gai mujhko
qalandar ki vah baat
tu zuka jo gair ke aage
na tan tera na mann mera

और इसी वजह से इकबाल साहब सच्चे आशिक के प्यार की बात बताना चाहते हैं. सच्चा आशिक खुद को किसी शाख के पत्ते की तरह नहीं मानते हैं. वह तो तूफानों को भी खुद से दूर रहने की हिदायत देना चाहते हैं. ताकि तूफान भी खुद की सीमा में ही रह सके.

अपने मन में डूब कर पा जा सुराग़-ए-ज़ि़ंदगी
तू अगर मेरा नहीं बनता न बन अपना तो बन

Apne man mein doob kar pa ja surag ye jindagi
Tu agar Mera nahin Banta Na ban apna to ban

Motivational Allama Iqbal Shayari in Hindi

Motivational Allama Iqbal Shayari in Hindi
Motivational Allama Iqbal Shayari in Hindi
मत तरसा इतना किसी को 
अपनी मोहब्बत के लिए..

किया पता तेरी महोब्बत 
पाने के लिए जी रहा हो कोई..

mat tarsa itna kisi ko
apni mohabbat ke liye
kiya pata teri mohabbat
paane ke liye ji raha ho koi

अल्लामा इकबाल शायरी की मदद से इकबाल साहब मोहब्बत की दास्तान बयां करते हैं. और आशिक की प्रेमिका को उसे ना तड़पाने के लिए कहते हैं. ताकि वो आशिक अपनी मोहब्बत को इसी तरह से महबूबा के लिए जताता रहे. और हमेशा उसे खुश रखने की ही तमन्ना करता रहे.

Shayari by Allama Iqbal
Shayari by Allama Iqbal
तू शाही है परवाज़ है काम तेरा
तिरे सामने आसमां और भी हैं

Tu shahi hain parwah hain kam tera
Tere samne aasman aur bhi hain

दिल की बस्ती अजीब बस्ती है, 
लूटने वाले को तरसती है.

मुमकिन है कि तू जिसको समझता है बहारां
औरों की निगाहों में वो मौसम हो खिजां का

dil ki basti ajeeb basti hai
lootnewale ko tarasti hai
mumkin hai ki tu jisko samajhta hai bahara
auron ki nigahon mein vo mausam ho khijaa ka

लेकिन अगर वह उसकी माशूका उसे इसी तरह से तड़पाती रही. तब शायद उस प्रेमी की हालत बहुत खराब हो सकती है. क्योंकि वह आशिक भी तो उसी महबूबा के लिए ही जी रहा होता है. और उसके बगैर वो एक पल भी अलग नहीं रह सकता है.

मुलाकातें नहीं मुमकिन 
हमें अहेसास है लेकिन..

तुम्हे हम याद करते है 
बस इतना याद रखना तुम…

mulakate nahi mumkin
hume ahesaas hai lekin
tumhe hum yaad karte hai
bas itna yaad rakhna tum

Allama Iqbal Shayari Urdu
Allama Iqbal Shayari Urdu
जफा जो इश्क़ में होती है वह जफा ही नहीं,
सितम न हो तो मोहब्बत में कुछ मजा ही नहीं..

jafaa jo ishq me hoti hai vo jafaa hi nahi,
seetam naa ho to mohabbat me kuch majaa hi nhi..

तेरी दुआ से कज़ा तो 
बदल नहीं सकती मगर है,
इस से यह मुमकिन की

तू बदल जाये तेरी दुआ है,
की हो तेरी आरज़ू पूरी 
मेरी दुआ है तेरी आरज़ू बदल जाये

teri dua se qaza to
badal nahin sakti magar hai
isase yah mumkin ki
tu badal jaaye teri dua hai
ki ho teri arzoo puri meri dua hai
teri arzoo badal jaaye

भरी बज़्म में अपने आशिक़ को ताड़ा
तेरी आँख मस्ती में होश्यार क्या थी

bhari bazm mein apne aashiq ko tadaa
teri aankh mein masti mein hoshiyar kya thi

Allama Iqbal ki Shayari in Urdu
Allama Iqbal ki Shayari in Urdu
तिरे इश्क़ की इंतिहा चाहता हूँ
मिरी सादगी देख क्या चाहता हूँ

Tere Ishq ki intiha chahta hun
Meri sadagi dekh kya chahta hu

नशा पिला के गिराना तो सब को आता है
मज़ा तो तब है कि गिरतों को थाम ले साक़ी

Nasha pila ke girana to Sab ko ata hain
Maja to tab hain ki giraton ko tham le sakti

जानते हो तुम भी फिर भी अजनान बनते हो
इस तरह हमें परेशान करते हो

पूछते हो तुम्हे किया पसंद है
जवाब खुद हो फिर भी सवाल करते हो

Jante ho tum phir bhi Anjaan bante Ho
Is tarah hamen pareshan karte ho
Puchte Ho tumhen kya pasand hai
Jawab khud Ho fir bhi sawal karte ho

दिल से जो बात निकलती है असर रखती है
पर नहीं ताक़त-ए-परवाज़ मगर रखती है

Dil se jo baat nikalati hain asar rakhati hain
Par nhi takat-e-parvaj magar rakhati hain

तेरे सझ्दे कहीं तुझे काफ़िर ना कर दे ऐ इकबाल
तो झुकता कहीं और है सोचता कहीं और है.

Tere Sajde kahin tujhe kafir na karde e Iqbal
Tu jhukta kahin aur hai sochta kahin aur hai

मत पूछ के हम मोहब्बत कि किस रह से गुज़रे है
ये देख के तुझ पर कोई इलज़ाम ना आने दिया

Mat poochh ke ham Mohabbat ki kis rah se gujre Hain
Yeh dekh ke tujh par koi ilzaam na aane diya

बात सझ्दों कि नहीं खुलूस 
दिल कि होती है इकबाल

हर मयखाने में सराबी और
हर मस्जिद में कोई नमाजी नहीं होता

Baat sajdon ki nahin khulus
Dil ki Hoti hai Iqbal
Har mein khane mein Sharaabi aur
masjid mein koi namaji nahin hota

तेरे इश्क़ की इन्तहा चाहता हूँ 
मेरी सादगी देख क्या चाहता हूँ

भरी बज़्म में राज़ की बात कह दी 
बड़ा बे-अदब हूँ सज़ा चाहता हूँ

Tere Ishq ki Inteha chahta hun
meri sadgi dekh kya chahta hun
Bhari bajm mein Raj ki baat kah Di
bada be- adab Hu sada chahta hun

हम वक़्त गुज़ारने वाले 
नहीं रौनक महेफिल में

ज़िन्दगी भर याद करोगे के 
ज़िन्दगी में आया था कोई

Ham waqt gujarne wale
nahin Raunak mahfil mein
Jindagi bhar yad karoge ke
jindagi mein aaya tha koi

इक़रार .ऐ.मुहब्बत ऐहदे.ऐ.वफ़ा 
सब झूठी सच्ची बातें हैं इक़बाल.

हर शख्स खुदी की मस्ती में
बस अपने खातिर जीता है

Ikrar e muhabbat ehde e vafa
sab jhuti sacchi bate hain Iqbal
Har shaks khudi ki masti main
bas apne khatir jita hain

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7 Comments

  1. जिन का मिलना नसीब में नहीं होता..
    उनकी मोहब्बत कमाल कि होती है..
    वाह ऐश्वर्याजी!! बेहद खूबसुरत…!
    अल्लामा इकबाल जी की शायरीयों के बारेमें महत्त्वपूर्ण जानकारी से भरी यह पेशकश आप के अंदाज में सून कर मजा आ गया l script भी बहुत बढिया!!
    शुभेच्छा!!
    कल्याणी

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