Allama Iqbal Shayari -3 : Romantic Status In Hindi

Allama Iqbal Shayari : दोस्तों, अगर आप अल्लामा इकबाल जी के बारे में बहुत ज्यादा नहीं जानते हैं. तो हम आपको उनके और अल्लामा इक़बाल शायरी के बारे में थोड़ी सी जानकारी जरूर देना चाहेंगे. इनका पूरा नाम मुहम्मद इक़बाल मसऊदी था.

भारत और पाकिस्तान के अलग होने से पहले उन्होंने अपने शायराना अंदाज से सभी को अचंभित कर दिया था. वे उस वक्त के उम्दा शायर कवि और नेता भी थे.

उन्होंने कभी भी इस्लाम के अलग-अलग राष्ट्रों को समर्थन नहीं दिया था. वे सभी मुसलमानों को एक ही राष्ट्र का हिस्सा मानते थे. उन्होंने कई तरह की Romantic Status In Hindi लिखी है.

भारत के सबसे प्यारे गीत ‘सारे जहां से अच्छा’ को अल्लामा इकबाल जी के ‘तराना-ए-हिंद’ से ही लिया गया है. पूरे हिंदुस्तान को एक रहने की नसीहत देने वाले इक़बाल जी बाद में पाकिस्तान के बंटवारे पर अड़े रहे. और बाद में मोहम्मद अली जिन्ना भी इस कार्य में जुड़ गए.

अल्लामा इक़बाल जी को पाकिस्तान का राष्ट्रकवि एवं पाकिस्तान का जनक भी कहा जाता है. आज हम भी Shayari Sukun के मंच की मदद से आपके लिए तोहफा लेकर आए हैं.

और इस तोहफे के रुप में हम आपको Allama Iqbal Shayari सुनाना चाहते हैं. हमें यकीन है कि इन्हें सुनकर आप भी उनके चाहने वालों में से जरूर बन जाएंगे.

Allama Iqbal Shayari Hindi

देख कैसी क़यामत सी बरपा हुई है आशियानों पर इक़बाल..
जो लहू से तामीर हुए थे पानी से बह गए..

dekh kaisi kayamat si barpa hui hai aashiyaanon par ikbal
jo lahu se tamir hue the paani se bah gaye

अल्लामा इकबाल साहब अपनी रोमांटिक प्यार भरी शायरी में प्रेमी के दिल की हालत बताना चाहते हैं. वह अपनी शायरी में प्रेमी के दिल पर बरसने वाली कयामत के बारे में बात कर रहे हैं.

जो किसी भी सच्चे आशिक पर आशियाना तो बनाती है. लेकिन कभी-कभी उसी के चलते अपना कहर भी बरसाती है. और जिस तरह से पानी की तरह खून भी बहता है. उसी तरह से आशिक की खून में भी प्यार बहता रहता है.

अमल से ज़िन्दगी बनती है, जन्नत भी जहनुम भी..
यह कहा की अपनी फितरत में न नूरी है न नारी है..

amal se jindagi banti hai, jannat bhi jahnum bhi
yah kaha ki apni fitarat main na noori hai na naari hai

Allama Iqbal Shayari In Urdu की मदद से शांति और अमन की बात बताना चाहते हैं. जिस तरह से शांति से हमारी जिंदगी बेहतरीन होती है. और हमें जन्नत भी नसीब हो सकती है. लेकिन कभी किसी की फितरत में नूर होता है.

Allama Iqbal Shayari Hindi
Allama Iqbal Shayari Hindi

और कभी कभी किसी की फितरत में कोई औरत भी नहीं होती है. इसी का पूरा परिणाम उसकी जिंदगी पर दिखाई देता है. और इसी वजह से शायद कोई आशिक सच्चा प्यार करता है. तो कोई प्रेमी चाहत को खिलवाड़ समझते हुए किसी के दिल से खेलता है.

Allama Iqbal Shayari In Urdu

आह जो दिल से निकली जाये गी..
किया समझते हो खली जाये गी..

aaah jo dil se nikli jaaye gee
kiya samajte ho khali jaaye gee

Allama Iqbal Shayari In English की मदद से आप अपने दिल की बात को महबूब से जरूर साझा कर सकोगे. क्योंकि दिल से निकलने वाली हर एक आह प्यार की सौगात लाती है.

और यही बात हर किसी के प्यार में मौजूद नहीं होती. लेकिन जब भी आप तहे दिल से किसी से प्यार करो. तब आपके लिए यह बात जरूर यादगार हो जाएगी. और जब भी आपके दिल से सच्ची आह निकलेगी. तब वह प्यार की आह कभी खाली नहीं जा सकती.

तुम से गिला किया ना ज़माने से कुछ कहा.
बर्बाद हु गये बड़ी साग्दी से हम..

tum se gila kiya n jamane se kuch kaha
barbad hu gaye badi sagdi se hum

Allama Iqbal Shayari Islamic की मदद से आप प्यार का शिकवा गिला कर सकते हो. ताकि आपके यार को आपके प्यार पर पूरा भरोसा भी जरूर आ सके. लेकिन कभी-कभी आपके दिल के हालात ऐसे नहीं होते है. आप अपने महबूब से भी किसी बात का शिकवा कर नहीं सकती हो.

और ना ही जमाने को अपने दिल की आपबीती बता सकते हो. और जब आप इस तरह से सच्चे प्यार की वजह से बर्बाद होती हो. तो आप अपने दिल से बस एक ही बात कह सकते हो. आपके यार की सादगी ही ऐसी थी जिस कारण आप बर्बाद हो चुके हो.

Allama Iqbal Shayari In English

जिन का मिलना नसीब में नहीं होता..
उनकी मोहब्बत कमाल कि होती है..

jin ka milna nasib maib nahi hota
unki mohabbat kamal ki hoti hai

अल्लामा इकबाल शायरी में प्यार के लिए तड़पते हुए आशिक की बात कही है. इकबाल साहब दुनिया को बताना चाहते हैं जो आशिक सच्चे होते हैं. और जब वह अपने सच्चे प्यार की खातिर अपने दिलबर से मिल भी नहीं पाते हैं. वही सच्ची चाहत का दर्द समझ पाते हैं.

क्योंकि जमाने में तो ऐसे कई सारे ढोंगी है. जो बस मोहब्बत को दिल लगी समझते हैं. और दिल भर जाने पर अपने साथी को छोड़ भी देते हैं. लेकिन इकबाल साहब उन आशिकों के चाहत की बात कर रहे है. जो तहे दिल से अपने यार पर मरते हैं. क्योंकि उनकी मोहब्बत भी दिल से निकली हुई और कमाल की होती है.

सब कुछ हासील नहीं होता ज़िन्दगी में यहाँ..
किसी का कास तो किसी की आह रहे जाती है..

sab kuch hasil nahi hota jindagi main yaha
kisi ka kas to kisi ki aah rahe jaati hai

Allama Iqbal Shayari को जब आप पढ़ोगे तो जिंदगी की असली हालात के बारे में जान जाओगे. क्योंकि इकबाल साहब ने जिस तरह से जिंदगी का नजरिया बताया है. शायद हर कोई आशिक जिंदगी के उस पल को बार-बार जीना चाहेगा.

क्योंकि प्यार में सब कुछ मिल जाता है. लेकिन आपको लगता है कि आपने कुछ भी पाया नहीं है. क्योंकि आपके महबूब की जो भी इच्छाएं होती है. अगर आप उन्हें पूरी कर दो तो ही वह खुश होता है. और इसी वजह से कभी कभी चाहत में किसी की आह भी निकल जाती है. तो कईयों की वाह भी हो जाती है.

Allama Iqbal Shayari

ज़रूरी तो नहीं मोहब्बत लफ्ज़ुं में बयाँ हो
किया सच मेरी आँखें तुम्हे कुछ नही कहेती…

jaruri to nahi mohabbat lafjun main baya hu
kiya sach meri aankhe tumhe kuch nahi kaheti

अल्लामा इकबाल साहब की शायरियों को आप जब भी तहे दिल से सुनोगे. तब आपके दिल में अजीब सी हलचल जरूर मचाएगी. और आपको लगेगा कि जैसे आपने कुछ नई बात सीख ली हो. क्योंकि इकबाल साहब बड़ी-बड़ी बातें अपने सहज लफ्जों में बता देते हैं. जो कि पढ़ने और सुनने वालों को काफी आसान लगती है.

कुछ इसी तरह की बात वह अपनी इस शायरी की मदद से कहना चाहते हैं. वह बताते हैं कि चाहत को हर कोई लफ्जों में बता दे. तो उस चाहत की कोई कीमत लगा देगा. और जब चाहत की कीमत लगाई जाती है. तो वह सच्ची चाहत नहीं होती है. इसी वजह से उनका मानना है कि दिलबर की आंखें भी पढ़ना चाहिए. क्योंकि दिल के सच्चे हालात लफ्जों से नहीं बल्कि आंखों से बयां होते हैं.

शाखों से टूट जाए वह पत्ते नहीं हैं हम.
आंधियों से कोई कह दो, अपनी औकात में रहे..!

shaakhon se tut jaaye vah patte nahi hai hum
aandhiyon se koi kah do, apni aukat main rahe

Allama Iqbal Shayari Hindi की मदद से आप सच्ची चाहत का अनुमान लगा सकते हो. क्योंकि कभी-कभी प्यार में अनुमान लगा लेना ठीक होता है. लेकिन कई बार तो इस तरह का अनुमान झूठा साबित हो जाता है.

और इसी वजह से इकबाल साहब सच्चे आशिक के प्यार की बात बताना चाहते हैं. सच्चा आशिक खुद को किसी शाख के पत्ते की तरह नहीं मानते हैं. वह तो तूफानों को भी खुद से दूर रहने की हिदायत देना चाहते हैं. ताकि तूफान भी खुद की सीमा में ही रह सके.

Allama Iqbal Shayari Islamic

मत तरसा इतना किसी को अपनी मोहब्बत के लिए..
किया पता तेरी महोब्बत पाने के लिए जी रहा हो कोई..

mat tarsa itna kisi ko apni mohabbat ke liye
kiya pata teri mohabbat paane ke liye ji raha ho koi

अल्लामा इकबाल शायरी की मदद से इकबाल साहब मोहब्बत की दास्तान बयां करते हैं. और आशिक की प्रेमिका को उसे ना तड़पाने के लिए कहते हैं. ताकि वो आशिक अपनी मोहब्बत को इसी तरह से महबूबा के लिए जताता रहे. और हमेशा उसे खुश रखने की ही तमन्ना करता रहे.

लेकिन अगर वह उसकी माशूका उसे इसी तरह से तड़पाती रही. तब शायद उस प्रेमी की हालत बहुत खराब हो सकती है. क्योंकि वह आशिक भी तो उसी महबूबा के लिए ही जी रहा होता है. और उसके बगैर वो एक पल भी अलग नहीं रह सकता है.

मुलाकातें नहीं मुमकिन हमें अहेसास है लेकिन..
तुम्हे हम याद करते है बस इतना याद रखना तुम…

mulakate nahi mumkin hume ahesaas hai lekin
tumhe hum yaad karte hai bas itna yaad rakhna tum

Allama Iqbal Shayari In Urdu की मदद से आपको अपने प्यार का एहसास जरूर होगा. क्योंकि आशिक अपनी प्रेमिका की मुलाकात के लिए ही तड़पता रहता है. हरदम वह अपने सपनों में भी अपने यार को ही बुला रहा होता है.

फिर चाहे उसे ख़ुशी का एहसास हो या फिर गम का. उसे इस बात से कोई लेना देना नहीं होता है. और वह हर वक्त अपने यार को याद करता रहता है. ताकि उसका प्रेमी उसे एक पल के लिए ही सही लेकिन मिलने के लिए आ जाए.

Allama Iqbal Shayari Urdu Image

Allama Iqbal Shayari Urdu
Allama Iqbal Shayari Urdu

हमारी इन Allama Iqbal Shayari को सुनकर अगर आप भी अपने दिलबर के प्यार में पागल हो जाओ, तो हमें comment area में comments करते हुए बताना ना भूलें.


Allama Iqbal Shayari Urdu -2: Top 10 Collection with Images
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