Allama Iqbal Shayari Hindi -5: Best Poetry

Allama Iqbal Shayari Hindi : दोस्तों अल्लामा इकबाल साहब की शायरी ओं का नूर ही अलग होता है. जिन्हें आप अगर तहे दिल से पढ़ोगे या सुनोगे. तभी आप उनकी गहराई को समझ पाओगे. और तभी आपके दिल में भी ये Allama Iqbal Shayari Hindi जरूर उतर सकेगी.

और आपके दिल को भी शायरियां थोड़ा सा सुकून जरूर दे जाएगी. क्योंकि इकबाल साहब अपनी हर एक शायरी को एक अलग ही अंदाज से लिखते हैं. और उनका यह अंदाज सभी को जैसे अपने ही दिल की बात कर रहे हो ऐसा लगता है. हमें यकीन है कि आपको भी हमारी यह Best Poetry बहुत पसंद आएगी.

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अल्लामा इकबाल साहब की इन एक से बढ़कर एक शायरियों को Reena Purohit इनकी आवाज़ में सुनकर अपने चहेते इंसान पर आपको और भी ज्यादा प्यार आएगा!

और इसी वजह से Shayari Sukun के मंच से हम अल्लामा इकबाल साहब को आदरांजली देना चाहते हैं. हमें यकीन है कि आपके भी मन में उनके लिए ऐसी ही भावनाएं जरूर होगी. आप भी उन भावनाओं को हमारे साथ कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें. और साथ ही आप हमारे यूट्यूब चैनल और इंस्टाग्राम पेज को भी जरूर जरूर फॉलो कर सकते हैं.

Allama Iqbal Shayari Hindi

उम्र भर तेरी मोहब्बत मेरी खिदमत रही
मैं तेरी खिदमत के क़ाबिल जब हुआ तो तू चल बसी..

umr bhar teri mohabbat meri khidmat rahi
main teri khidmat ke kabil jab hua to tu chal basi

दोस्तों कोई प्रेमी अपनी प्रेमिका को जो प्यार करता है. तब उसका दिल में तहे दिल से उसकी मोहब्बत के लिए मरता है. कभी-कभी उसे अपने आप पर इतना भरोसा नहीं होता है. जितना कि उसे अपने महबूब पर होता है. और इसी वजह से वह अपने प्यार को महबूब के काबिल नहीं समझता है.

और जब वह उस काबिलियत को बढ़ाने की कोशिश करता है. तब वह अपने महबूब कि अपनी जी जान लगाना चाहता है. लेकिन फिर उसे एहसास होता है कि जब वह उसका भी जब पहुंचा. तब उसका यार ही उसके साथ नहीं है. उसका महबूब उसे तब तक अलविदा कह चुका होता है.

मुझ सा कोई शख्स नादान भी न हो.
करे जो इश्क़ कहता है नुकसान भी न हो.

mujh sa koi shaks nadan bhi n ho
kare jo ishq kahta hai nuksan ka

Allama Iqbal Shayari Hindi आपको अपनी नादान इश्क की याद जरूर दिलाएगी. इस शायरी में अल्लामा इकबाल साहब अपनी मासूम और नादानी बताना चाहते हैं. क्योंकि मुझे लगता है कि जिंदगी भर उन्हें सुकून मिलता रहे. और दिल का कोई नुकसान भी ना हो.

allama iqbal shayari in urdu
allama iqbal shayari in urdu

लेकिन जब वह प्यार कर बैठे. तब उन्हें इस बात से रूबरू होना ही पड़ा. क्योंकि जब वह प्यार कर बैठे तो उनके दिल को बहुत ज्यादा ठेस पहुंची. हो और उनके दिल का बहुत बड़ा नुकसान भी हुआ. इसी वजह से वे अब दुनिया को यह हिदायत देते हैं प्यार करो तो सोच समझ कर करो.

Allama Iqbal Shayari Islamic

मिटा दे अपनी हस्ती को अगर कुछ मर्तबा चाहे
कि दाना खाक में मिलकर गुले गुलज़ार होता है

mitade apni hastiko agar kuch martaba chahe
ki dana khak main milkar gule gulzar hota hai

अगर आप जिंदगी में कुछ बेहतर और बड़ा करना चाहते हो. तो आपको खुद की कुछ बात खोनी ही पड़ेगी. या तो आपको अपनी ताकत खोनी पड़ेगी. या फिर आपको अपना मूल्यवान समय होना पड़ेगा. और तभी जाकर आपके दिल के जो सपने हैं वह साकार हो पाएंगे.

और तभी आप जिंदगी में सफलता के मकाम तक पहुंच पाएंगे. क्योंकि हर कोई जब मेहनत करता है. तभी वह अपने जिंदगी में सफल हो पाता है. उसे अपनी पूरी लगन से अपनी हस्ती को खोना ही पड़ेगा. क्योंकि इसी बात को पूरी दुनिया और प्रकृति भी दोहराती रहती है.

यह मत समझो के दीवाने जहनदीदा नहीं होते,
ताजुब क्या अगर इक़बाल दुनिया तुझ से नाखुश है,
बहुत से लोग दुनिया में पसंदीदा नहीं होते..

yah mat samjo ke diwane jahandida. ahi hote
tajub kya agar ikbal duniya tujh se nakhush hai
bahut se log duniya main pasandida nhi hote

Allama Iqbal Shayari Islamic की मदद से इकबाल साहब बहुत गहरी बात कहना चाहते हैं. यह बताना चाहते हैं कि दुनिया अजीबोगरीब लोगों से भरी पड़ी है. इसमें कई लोग हमें अपने दिल को भाते हैं. तो कई लोग हमें पसंद नहीं आते हैं.

दीवानों को जहनदीदा कहते हुए उन्हें कभी बुरा नहीं कहना चाहिए. क्योंकि दुनिया को कई बार किसी का काम पसंद नहीं आता है. तो किसी का स्वभाव बुरा लगता है. लेकिन ऐसा सब हर किसी के साथ हो सकता है. इसी वजह से हमें किसी को भी कभी बुरा नहीं मानना चाहिए.

Allama Iqbal Shayari In Urdu

तू ने ये क्या ग़ज़ब किया मुझको भी फ़ाश कर दिया,
मैं ही तो एक राज़ था सीना-ए-काएनात में..

tu ne ye kya gajab kiyamujhko bhi fash kar diya
main hi to ek raaz tha seena-e-kayenat main

इकबाल साहब की शायरी की हमेशा बात ही अलग होती है. जब कोई प्रेमी अपने यार की तारीफ करना चाहे तो वह किस तरह से करेगा. इस बात को उन्होंने इस शायरी की मदद से बताया है. प्रेमी अपने महबूब से कहता है कि उसने तो जैसे अपना दिल देकर बहुत ही गजब कर दिया है.

वो अपने महबूब से प्यार करता है इस बात को हमेशा छुपाता था. और यह राज उसे बस एक राज ही रखना था. लेकिन उसका महबूब उससे भी एक कदम आगे निकला. और उसने उसकी आंखों को पढ़कर प्यार का मतलब पहचान लिया है.

मुझे रोकेगा तू ऐ नाख़ुदा क्या ग़र्क़ होने से,
कि जिन को डूबना है डूब जाते हैं सफ़ीनों में. –

mujhe rokega tu e nakhuda kya gark hone se
ki jin ko doobna hai doob jaate hai safino main

Allama Iqbal Shayari In Urdu की मदद से यार को मनाना चाहोगे. और जिस तरह से कोई प्रेमी अपने यार से प्यार करता है. उसके दिल को अपना मान कर जैसे उसे मुकम्मल तौर पर अपना कर लेता है. और उसने उस प्रेमी को भी पूरी तरह से जैसे प्यार में हरा देता है.

लेकिन प्यार में हार जीत यह बात चलती रहती है. क्योंकि कभी-कभी प्रेमी अपने प्यार में जानबूझकर हार ना चाहते हैं. तभी तो वह अपने दिलबर के दिल को जीत पाएंगे. इसी वजह से आशिक प्यार में खुद को ना रोकने के लिए कहता है. और अपने आप को दुनिया से अलग रखने की कोशिश करता है. लेकिन इस प्यार के गहरे समंदर में जिनको डूबना होगा वह तो डूब ही जाएंगे.

Allama Iqbal Shayari

आज फिर तेरी याद मुश्किल बना देगी
सोने से काबिल ही मुझे रुला देगी

आँख लग गई भले से तो डर है
कोई आवाज़ फिर मुझे जगा देगी

aaj fir teri yaad mushkil bana degi
sone se kabil hi mujhe rula degi
aankh lag gai bhale se to dar hai
koi aavaj fir mujhe jaga degi

जब अपने महबूब की याद आशिक को सताने लगती है. उसे जिंदगी भी दूसरी कोई भी बात याद नहीं रहती है. और वह उसका जीवन ही जैसे मुश्किल में डाल देती है. उसे तो बस अपने महबूब की यादों में खोने के सिवा और कोई सहारा नहीं है.

और इसी वजह से वह खुदा से यही दरख्वास्त करता है कि उसके दिल को सुकून मिले. और वह इत्मीनान से रातों की नींद ले सके. लेकिन उसे इस बात का भी डर हमेशा लगा रहता है. जब भी बड़ा आंख बंद करेगा, उसे अपने दिलबर की यादों की आहट जरुर जगा देगी.

गुज़र जा अक़्ल से आगे कि ये
नूर चराग़-ए-राह है मंज़िल नहीं है

gujar ja akal se aage ki ye
noor charag-e-rah hai manjil nahi hai

Allama Iqbal Shayari की मदद से अपने दिल का सुकून ढूंढना चाहोगे. और आप खुद के मन को भी एक नई प्रेरणा जरूर दे सकोगे. क्योंकि इकबाल साहब अपनी Best Poetry में लिखते हैं. जब भी हम अपनी अकलमंदी से कोई अच्छी बात करते हैं.

तो उस बात का हमें हमेशा ही फायदा होता है. और हमें हमेशा ही अपनी चौखट से आगे की बात को सोचना चाहिए. जिसे हम अंग्रेजी में Out Of The Box Thinking भी कह सकते हैं. क्योंकि जब भी आप कुछ नया और अलग सोचते हैं. तब आप कुछ नई और बड़ी बात करने का इरादा कर सकते हैं.

Allama Iqbal Shayari In English

जिस खेत से दहक़ाँ को मयस्सर नहीं रोज़ी
उस खेत के हर ख़ोशा-ए-गंदुम को जला दो

jis khet se dahka ko mayssarnahj roji
us khet ke har khosha-e-gandum ko jala do

अल्लामा इकबाल साहब की हर एक शायरी को हम जब भी तहे दिल से पढ़ते हैं. तब जैसे वह शायरियां हमारे दिलों दिमाग में उतर जाती है. क्योंकि वे अपने शायरियों का जादू सभी लोगों पर पूरी तरह से बना देते हैं. उन्हें इस बात का कोई घमंड भी नहीं है.

और यही बात होती है बड़े बड़े शायरों की! क्योंकि वह खुद के कलम से हर कठिन काम को आसान बना सकते हैं. और उस बात के लिए उनके मन में कोई भी अलग भाव नहीं होता है. और वे इसी तरह से सभी लोगों के सामने अपनी कला प्रदर्शित करते हैं.

साकी की मुहब्बत में दिल साफ हुआ इतना
जब सर को झुकाता हूं शीशा नजर आता है..

saki ki muhabbat main dil saaf hua itna
jab sar ko jhukata hu shisha najar ata hai

Allama Iqbal Shayari In English अपने आप में एक अलग नूर है. क्योंकि इसे बहुत ही मन हार और कामयाब शायर अल्लामा इकबाल साहब ने लिखा है. और वह नहीं लगता है कि किसी भी प्रेमी का दिल जब प्यार करता है. तब वह उसके लिए इतना लायक तो जरूर बन जाता है.

दुनिया का हर रिती रिवाज वह अपनी मोहब्बत से ही मानता है. और जब भी वह अपने दिलबर से सच्चा प्यार करता है. तब उसका दिल जैसे पानी की तरह साफ हो जाता है. और वह दुनिया में हर किसी से विनम्रता के साथ बात करता है. और इसी वजह से उसका मन भी हमेशा यूं ही खुश रह पाता है.

allama iqbal shayari in hindi
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हमारी इन Allama Iqbal Shayari Hindi को सुनकर अगर आपकी भी दिल को यह शायरियां छू जाए, तो हमें comment area में comment करते हुए जरूर बताईये.


Allama Iqbal Shayari Islamic -4: Poetry In Hindi
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3 thoughts on “Allama Iqbal Shayari Hindi -5: Best Poetry”

  1. Very very nice Reema ji and you recorded also very beautifully and nicely👌👌👌

    Regards,
    Sameera urf Manpreet

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