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Takleef Shayari: प्यार में महसूस होने वाली तकलीफ़ पर शायरियां

Jab hume koi vyakti khas lagta hai to humara dil unke khayalo me dubta hai, lekin kuch dino baad hume ussi dil ko takleef hoti hai, aise hi haal par ye Takleef Shayari post likhi gyi hai.

जब आपको किसी बात की तकलीफ़ होती है, तो आपका दिल बहुत दुखी होता है. क्योंकि वह तकलीफ़ सिर्फ आपके शरीर को ही नहीं बल्कि आपके मन को भी तड़पाती है. लेकिन आपको तो दिल इतना सीधा साधा और भोला भला है कि आप खुद को चाहे कितनी भी हो, तो उसे आप सहन कर लोगे. ऐसे ही प्यार में महसूस होने वाली तकलीफ़ शायरी पर शायरियां आपको इस पोस्ट में मिलेगी.

Takleef Shayari in Urdu

आपके दिल ने जितनी तकलीफ आज तक सही है, शायद ही उतनी तकलीफ़ किसी और ने सही होगी. लेकिन फिर भी आप खुद को इतना तजुर्बे वार नहीं मानते हो. क्योंकि आपको पता है कि आपको जितनी तकलीफ़ का तजुर्बा है, उससे शायद कहीं अधिक दुनिया में तकलीफ या फिर कष्ट रहने वाले लोग हैं.

नासमज और नादान है वो
जो मेरे खुशमिज़ाज़ को देखती है..

जरा करीब आकर देख,
तेरे हर तकलीफ से वाकिफ हूँ मैं..

naasamajh aur nadan hai vo,
jo meri khush mijaj ko dekhti hai..
zara kareeb aakar dekh,
tere har takleef se waqif hu mai…

Takleef Shayari Hindi Image
Takleef Shayari Hindi Image

Pyar ke jitni khushi milti hai utna hi dard milta hai ya fir takleef hoti hai. Aise pyar me mile takleefo ko, Takleef Shayari post me Madhukar ji inki behtreen aawaz me sunkar aapko apne dil ki takleef ko rahat milegi.
Voice-Over: Madhukar Magar

Takleef Shayari WhatsApp DP

जिस तरह के दुनिया ने दी हुई तकलीफों का सामना आज तक आप करते आ रहे हो, उसके आगे तो आपके दिलबर ने दी हुई किसी भी तकलीफ  की आपको कोई फिक्र नहीं हो रही है. आप एक बात तो जरुर जानते हो कि जितना आपके दिलबर ने आपकी आज तक फिक्र की है, उतना शायद ही कोई आपकी तकलीफ को समझ पाया है.

कुछ ऐसी तकलीफ में हूँ की
दुश्वार सा हो गया इसका जिक्र..

दर्द तो और बढ़ने लगा है की
तेरे सिवा नहीं किसे इसकी फिक्र..

kuchh aisi takleef mein hun ki
dushwaar sa ho gaya iska zikr..
dard to aur badhane laga hai ki
tere siva nahin kise iski fikra..

Takleef Shayari DP
Takleef Shayari DP

Hindi Shayari on Takleef

जब भी आप किसी मुसीबत में फंसते थे, तो आप खूद अपने दिल को समझा-बुझाकर उसे और अधिक तड़पने से रोक लेते थे. या फिर आपका यार भी आपके साथ ही था, जो आपकी तकलीफ को समझते हुए आपको हर वक्त साथ देता था. लेकिन जब समंदर ही कश्ती को डूबा दे तो आप किससे अपने दर्द साझा करोगे.

काश कुछ ऐसा होता की
तकलीफ का कोई आईना होता..

जो अनजान वजह बन गया है
उसे यह दिख जाता, और मुझे बक्श देता..

kaash kuch aisa hota ki 
takleef ka koi aaina hota..
jo anjaan vajah ban gaya hai 
use yah dikh jata, aur mujhe bakhsh deta…

Final words on Takleef Shayari

दोस्तों, तकलीफ़ पर शायरियां की मदद से अगर आपको भी अपने कष्टदायक तकलीफों की याद आ गई हो, तो हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करते हुए जरूर बताइएगा. आपके Twitter पर हमारी हसीन शायरी अपडेट्स पाने के लिए हमारे शायरी सुकून केे अकाउन्ट को जरूर Follow करें.

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22 Comments

  1. Anirudhha sir aapne toh bahot hi bedardi se ki ye post…kahi aap hi taklif me nahi hai na

  2. सचमें अनिरुद्ध जी
    फिर एक बार आपकी दिल को छू जाने वाली बुलंद आवाज़ को सुनकर हम अपनी तकलीफ़ कुछ देर के लिए ही सही, भूल गए!
    बहोत ख़ूब

  3. – Aniruddh, your voice is like consistent magic, very much engaging, keep it good work!, thank you..!

  4. These are genuinely enormous ideas in concerning blogging.
    You have touched some fastidious points here. Any way keep up wrinting

  5. Madhukar ji, aapki aawaz man mohane wali hai, humesha ki tarah behtreen peshkash ka nazrana. Aapne in Takleef Shayari ke dard ko bakhubi se pesh kiya hai. Shukriya!

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