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Best Collection of Rahat Indori Shayari (राहत इंदौरी शायरी)

Rahat Indori Shayari: दोस्तों राहत इंदौरी साहब का नाम किसी को मालूम ना हो ऐसा कोई शख्स नहीं है. उनका नाम तो गजलों एवं शायरियों के दुनिया में सबसे ज्यादा मशहूर है. खास तौर पर उनके लिखे हुए यह लोगों को बहुत पसंद आते हैं. और साथ ही उनका शायरी सुनाने का अंदाज और लहजा भी काबिले तारीफ है.

ऐसे मशहूर इंसान की राहत इंदौरी शायरी पेशकश हम आज लेकर आए हैं. राहत इंदौरी साहब ने बॉलीवुड मैं भी अपने कलम का परचम लहराया है. उन्होंने मुन्नाभाई एमबीबीएस, करीब, इश्क, मिशन कश्मीर जैसी मशहूर फिल्मों के लिए गाने भी लिखे हैं.

बहुत गुरूर है दरिया
को अपने होने पर..

जो मेरी प्यास से उलझे
तो धज्जियां उड़ जाएं..

-राहत इंदौरी

bahut guroor hai dariya
ko apne hone par..
jo meri pyas se uljhe
to dhajjiyan uda jaaye..



दुनिया भर में उनकी शायरियों एवं गजलों को बड़ी पसंद के साथ सुना जाता है. वे दुनिया भर में जहां जहां पर भी मुशायरों में शामिल होते थे. वहां पर उन्हें देखने के लिए जैसे भीड़ जमा हो जाती थी. आज हम उनके लिखे कुछ मजबूर कलाम आपके सामने पेश करना चाहते हैं. हमें यकीन है कि आपको आजकी Rahat Indori Shayari बहुत पसंद आएगी. जिन्हें आप अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें. राहत इंदौरी साहब की शायरियां उनके जाने के बाद भी अमर हो गई है!


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हमारी इन राहत इंदौरी साहब की शायरीओं को Avalokita Pandey इनकी आवाज में सुनकर उनके फैन हो जाओगे!

Table of Content

  1. Rahat Indori Shayari
  2. Rahat Indori Shayari In Hindi
  3. Rahat Indori Shayari In Urdu
  4. Rahat Indori Ki Shayari
  5. Rahat Indori Shayari
  6. Conclusion

Rahat Indori Shayari – राहत इंदौरी शायरी

Rahat Indori Shayari In English
Rahat Indori Shayari
1)

हाथ खाली है तेरे शहर से जाते जाते
जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते..

अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है
उम्र गुजरी है तेरे शहर में आते जाते..

hath khali hai tere shehar se jaate jaate
jaan hoti to meri jaan lutate jaate..



ab to har hath ka pathar hamen pehchanta hai
umr gujari hai tere shahar mein aate jaate..

राहत इंदौरी साहब जब भी अपनी शायरियों को अपने हटके अंदाज में बयां करते थे. तो हर कोई उनके कलाम तहे दिल से सुनना चाहता था. हम आपको आज जो शायरी बताने जा रहे हैं उसमें भी उनके दिल का दर्द झलकता है.

वे कहते हैं कि जब भी आशिक अपने यार के शहर से लौटता था. तो वह अपने खाली हाथ लेकर ही लौटता था. और जिस तरह से वह आशिक हरदम आते जाते हुए अपने यार की गली से गुजरता है. तो जैसे उसे उस गली का हर एक पत्थर और हर एक रास्ता भी पहचान लेता है.

2)

मैं आखिर कौन सा मौसम तुम्हारे नाम कर देता..

यहां हर एक मौसम को गुजर जाने की जल्दी थी..

mein aakhir kaun sa mausam tumhare naam kar deta..



yahan har ek mausam ko gujar jaane ki jaldi thi..

Rahat Indori Shayari से आप किसी आशिक के दिल का अंदाजा लगा सकते हो. आशिक के मन में अपने यार के लिए बहुत ज्यादा प्यार उमड़ आता है. तो वह उसे हर हाल में खुश रखना चाहता है. और चाहता है कि अपने दिलबर को कभी भी कोई गम ना छू सके.

चरागों का घराना चल रहा है
हवाओं से दोस्ताना चल रहा है..

नए किरदार आते जा रहे हैं
मगर नाटक पुराना चल रहा है..

-राहत इंदौरी

chirago ka gharana chal raha hai
hawaon se dostana chal raha hai..
naye kirdar aate ja rahe hain
magar natak purana chal raha hai..

लेकिन जब उसके हाथ में इस मौसम की कोई भी चीज नहीं होती है. वह तो अपने ख्यालों में भी अपने महबूब के नाम पर सृष्टि के सारे मौसम करना चाहता है. लेकिन उसे इस बात का भी पता होता है कि यह बदलते मौसम उसके प्यार के काबिल नहीं है. क्योंकि इस बदलते मौसम जैसा उसका प्यार कभी बदलने वाला नहीं है.



rahat indori shayari in hindi life thoughts 2
राहत इंदौरी शायरी इन हिंदी

Rahat Indori Shayari In Hindi – राहत इंदौरी शायरी इन हिंदी

3)

सूरज, सितारे, चांद मेरे साथ में रहे
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे..

शाखों से टूट जाएं वो पत्ते नहीं हैं हम
आंधी से कोई कह दे कि औकात में रहे..

suraj, sitare, chand mere sath mein rahe
jab tak tumhare hath mere hath mein rahe..

shakhon se tut jaaye vo patte nahin hai ham
aandhi se koi kah de ki aukat mein rahe..

जब आशिक अपने यार से दूर होता है. तो खुद को बहुत ज्यादा अकेला सा महसूस करता है. वह अपने दिलबर से बहुत ज्यादा प्यार करता है. और इसीलिए वह दुनिया की हर चीज उसे देना चाहता है.

जितने अपने थे सब पराए थे
हम हवा को गले लगाए थे..

है तेरा कर्ज मेरी आंखों पर
तूने सपने बहुत दिखाए थे..

-राहत इंदौरी

jitne apne the sab paraye the
ham hawa ko gale lagaya the..
hai tera karz meri aankhon per
tune sapne bahut dikhaye the..



लेकिन साथ ही वह अपने महबूब के इस भरोसे पर ही जिंदगी जीता रहता है. ताकि उसका दिलबर जब तक जान से तारे आसमान में रहेंगे उसके साथ रहने का वादा कर चुका है. और जब तक उसके दिल पर का हाथ आशिक के हाथ में होता है. वह जिंदगी में कभी हार नहीं मानना चाहता है.

4)

अगर खिलाफ है, होने दो, जान थोड़ी है
ये सब धुँआ है, कोई आसमान थोड़ी है..

लगेगी आग तो आएंगे, घर कई ज़द में
यहां पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है..

agar khilaf hai, hone do, jaan thodi hai
yah sab dhua hai koi aasman thodi hai..

lagegi aag to aaenge ghar kai zad mein
yahan par sirf hamara makan thodi hai..

Rahat Indori Shayari In Urdu
Rahat Indori Shayari In Urdu

Rahat Indori Shayari In Hindi में आपको एक अलग सा जज्बा नजर आता है. और साथ ही उनके लिखने का रुतबा भी उनकी हर शायरी में उतरता है. वह तो अपनी शायरी में आंधी और तूफानों को भी चेतावनी देते हैं. वे अपने ख्यालों में कुछ इस तरह से अपने कलाम लिखते हैं.



लोग हर मोड़ पे रुक रुक के संभलते क्यों है
इतना डरते हैं तो फिर घर से निकलते क्यों है..

मोड होता है जवानी का संभलने के लिए
और सब लोग यही आके फिसलते क्यों है..

log har mod pe ruk ruk ke sambhalte kyon hai
itna darte hai to fir ghar se nikalte kyon hai..
mod hota hai jawani ka sambhalne ke liye
aur sab log yahi aake fisalte kyon hai..

जिससे इस दुनिया या फिर किसी भी चीज से उन्हें डर नहीं लगता है. और साथ ही वे लिखते हैं कि अगर दुनिया में आग भी लग गई हो. फिर भी वह खुद अकेले ही इसके चपेट में नहीं आने वाले हैं. एक तरह से यह भी उनके लिखने का रुतबा ही बताता है.

Rahat Indori Shayari In Urdu – राहत इंदौरी शायरी इन उर्दू

Rahat Indori Shayari In Urdu
Rahat Indori Shayari In Urdu

हमारी इन राहत इंदौरी साहब की शायरियों को Nitu Yadav इनकी आवाज में सुनकर जिंदगी का मकसद समझ जाओगे!!
5)

रंग चेहरे का जर्द कैसा है
आईना गर्द-गर्द कैसा है..

काम घुटनों से जब लिया ही नहीं
फिर ये घुटनों में दर्द कैसा है..?

rang chehre ka jard kaisa hai
aaina gard gard kaisa hai..

kaam ghutnon se jab liya hi nahin
fir yah ghutnon mein dard kaisa hai..?



इंदौरी साहब इस बदलती दुनिया से एक सवाल करना चाहते हैं. वे अपनी शायरी में कुछ इस तरह से ख्याल करते हैं. जब कोई अपनी जिंदगी से बहुत ज्यादा दुखी हो जाता है. तो उसके चेहरे का रंग ही जैसे उठ जाता है.

उंगलियां यू ना सब पर उठाया करो
खर्च करने से पहले कमाया करो..

जिंदगी क्या है खुद ही समझ जाओगे
बारिशों में पतंगे उड़ाया करो..

-राहत इंदौरी

ungliyan yun na sab par uthaya karo
kharch karne se pehle kamaya karo..
jindagi kya hai khud hi samajh jaaoge
barishon mein patange udaya karo..

उसे दुनिया की कोई भी चीज अपनी नहीं लगती है. वह जब भी खुद की शक्ल भी आईने में देखता है. तो उसे वह आईना भी जैसे झूठा लगता है. और जो कोई बात उसने आज तक की ही ना हो. उसकी सजा आखिर उसे क्यों मिल रही है? बस इस बात से ही वह इंसान दुखी होता है.

6)

आंख में पानी रखो, होठों पे चिंगारी रखो
जिंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो..

एक ही नदी के है ये दो किनारे दोस्तों
दोस्ताना जिंदगी से, मौत से यारी रखो..

aankh mein pani rakho hothon pe chingari rakho
jinda rahana hai to tarkeeb bahut sari rakho..

ek hi nadi ke hai yah do kinare doston
dostana zindagi se maut se yaari rakho..

वाह दोस्तों! Rahat Indori Shayari In Urdu में तो सचमुच राहत इंदौरी साहब ने जीवन जीने की कला ही बताई है. वे ख्याल करते हैं कि हमें अपने जीवन में हर तरह की बात सीखनी चाहिए. एक तरफ से हमें अपने मन में दयालु पन भी रखना चाहिए.

जागने की भी जगाने की
भी आदत हो जाए..

काश तुझे भी किसी शायर से
मोहब्बत हो जाए..

-राहत इंदौरी

jaagne ki bhi jagaane ki
bhi aadat ho jaaye..
kash tujhe bhi kisi shayar se
mohabbat ho jaaye..

और दूसरी तरफ अगर कोई किसी पर अन्याय कर रहा हो. तो उस अन्याय के खिलाफ आवाज भी उठानी चाहिए. क्योंकि जिस तरह से हमें अपनी जिंदगी प्यारी होती है. उसी तरह से हमें इस बात को भी याद रखना चाहिए. मौत भी हमें एक दिन जरूर आनी है. उससे कभी कोई छूटने वाला नहीं है.

Rahat Indori Shayari In Hindi
Rahat Indori Shayari In Hindi

Rahat Indori Ki Shayari – राहत इंदौरी की शायरी

7)

जुबाँ तो खोल, नज़र तो मिला, जवाब तो दे
मैं कितनी बार लुटा हूं, मुझे हिसाब तो दे..

तेरे बदन की लिखावट में है उतार चढ़ाव,
मैं तुझको कैसे पढूँगा, मुझे किताब तो दे..

zubaan to khol, nazar to mila, jawab to de
main kitni baar luta hun, mujhe hisab to de..

tere badan ki likhawat mein hai utaar chadhav
mein tujhko kaise padhunga, mujhe kitab to de..

आशिक अपने महबूब से प्यार में सवालात करना चाहता है. वह अपने महबूब से जैसे प्यार का हिसाब ही मांग रहा होता है. क्योंकि उसने आज तक अपने दिलबर से तहे दिल से प्यार किया होता है.

ये हादसा तो किसी दिन गुजरने वाला था
मैं बच भी जाता तो मरने वाला था..

मेरा नसीब मेरे हाथ कट गए, वरना
मैं तेरी मांग में सिंदूर भरने वाला था..

ye hadsa to kisi din guzarne wala tha
main bach bhi jata to marne wala tha..
mera naseeb mere hath kat gaye, varna
main teri maang mein sindoor bharne wala tha..

लेकिन उसकी माशूका उसके किसी भी बात का अब तक जवाब नहीं दे रही है. और यही बात अब आशिक के दिल को खाए जा रही है. उसे यह भी पता नहीं लग रहा है कि आखिर उसके दिल में क्या है. इसी वजह से वह उसे समझ पाए कुछ इस तरह की बात करने को कह रहा है.

8)

जाके ये कह दो कोई शोलों से, चिंगारी से
फूल इस बार खिले हैं बड़ी तैयारी से..

बादशाहों से भी फेंके हुए सिक्के ना लिए
हमने खैरात भी मांगी है तो खुद्दारी से..

jaake yah kah do koi sholon se, chingari se
phool is bar khile hain badi taiyari se..

baadshaho se bhi feke hue sikke na liye
humne khairat bhi mangi hai to khuddari se..

Rahat Indori Ki Shayari में उनके रुतबे का जादू नजर आता है. जोक इस शायरी में बड़ी खूबी के साथ बयां किया हुआ है. वे अपने एटीट्यूड का अंदाजा ही इस शायरी की मदद से बताना चाहते हैं. यह शायरी बताती है कि तूफानों को और शोलों को अब जरा बचकर ही रहना चाहिए.

बनके एक हादसा बाजार में आ जाएगा
जो नहीं होगा वह अख़बार में आ जाएगा..

चोर उचक्कों की करो कद्र, की मालूम नहीं,
कौन, कब, कौन सी सरकार में आ जाएगा..

-राहत इंदौरी

banke ek hadsa bazar mein aa jaega
jo nahin hoga vah akhbar mein aa jaega..
chor, uchchako ki karo kadra, ki maloom nahin
kaun, kab, kaun si sarkar mein aa jaega…

क्योंकि उनसे दो हाथ करते हुए भी मौसम में नए बदलाव शुरू हो गए हैं. फिर चाहे फूलों का खिलना हो या फिर किसी नई बात का बदलना हो. और साथ ही किसी खुद्दार इंसान को अपनी खुद्दारी कभी बेचनी नहीं चाहिए. कुछ यह भी हिदायत वे अपनी शायरी की मदद से देना चाहते हैं.

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राहत इंदौरी शायरी

Rahat Indori Shayari – राहत इंदौरी शायरी

9)

हम अपनी जान की दुश्मन को
अपनी जान कहते हैं..

मोहब्बत की इसी मिट्टी को
हिंदुस्तान कहते हैं..

ham apni jaan ki dushman ko
apni jaan kahate hain..

mohabbat ki isi mitti ko
hindustan kahate hain..

हम चाहे जहां भी जाए. हमें अपनी देश की मिट्टी को कभी भूलना नहीं चाहिए. क्योंकि हमारा वतन ही हमारे जहन में बसा होता है. और इसी ने हमें अपने जीने को एक नया आयाम दिया होता है. और यही रुतबा हर इंसान में जरूर बसना चाहिए.

क्योंकि जब वह अपने दुश्मनों से दो हाथ करता है. तब उसके जीने का भी विकल्प और मरने का भी विकल्प सामने होता है. लेकिन दूसरी तरफ उस इंसान को अपने दुश्मन के अच्छाइयों के बारे में भी सोचना चाहिए. क्योंकि ऐसा सोचने वाले ही अपने वतन के सच्चे रखवाले होते हैं.

10)

कभी दिमाग, कभी दिल,
कभी नजर में रहो..

ये सब तुम्हारे ही घर है
किसी भी घर में रहो..

kabhi dimag, kabhi dil,
kabhi nazar mein raho..

ye sab tumhare hi ghar hai
kisi bhi ghar mein raho..

Rahat Indori Shayari की मदद से आशिक का प्यार नजर आता है. अपने दिलबर को आशिक अपने दिल में ही छुपाना चाहता है. और इसी वजह से वह हमेशा उसे अपने नजरों का पता बताता है. साथ ही वह उसके लिए अपने दिल, अपने दिमाग और नजर में बसने का भी इंतजाम कर देता है.

मेरी सांसों में समाया भी बहुत लगता है
और वही शख्स पराया भी बहुत लगता है..

उससे मिलने की तमन्ना भी बहुत है
लेकिन आने जाने में किराया भी बहुत लगता है..

-राहत इंदौरी

meri sanson mein samaya bhi bahut lagta hai
aur vahi shakhs paraya bhi bahut lagta hai..
usse milne ki tamanna bhi bahut hai
lekin aane jaane mein kiraya bhi bahut lagta hai..

क्योंकि वह उसे अपना सर्वस्व लुटा चुका होता है. इसी वजह से वह अपने यार को अपनी जिंदगी में पूरी तरह से बस जाने के लिए कहना चाहता है. और उसके लिए चाहे जो कुछ हो वह करने के लिए भी तैयार होता है.

जितना देख आए हैं, अच्छा है, काफी है
अब कहां जाइएगा दुनिया है यही काफी है..

हमसे नाराज हैं एक सूरज की पड़े सोते हो
जाग उठने की तमन्ना है, यही काफी है..

jitna dekh aaye hain, achcha hai, kafi hai
ab kahan jaiyega duniya hai yahi kafi hai..
ham se naraj hai ek suraj ki pade sote ho
jaag uthne ki tamanna hai, yahi kafi hai..

Conclusion

राहत इंदौरी साहब की हर शायरी में एक नया ही जलवा दिखाई देता है. उनकी लिखावट का सुरूर हमेशा उनके सुनने वाले एवं पढ़ने वालों पर कुछ ऐसा होता है. हर कोई उनकी शायरी का जैसे दीवाना हो जाता है. यही बात हम आज राहत इंदौरी शायरी की मदद से आपके सामने लेकर आए हैं. ताकी आपको भी उनके एक से बढ़कर एक कलाम के बारे में जानकारी प्राप्त हो सके. और आप भी उनके फैन ही हो जाए.

राहत इंदौरी साहब के लिखे कलामों की तारीफ जितनी की जाए उतनी कम है. यह बात तो आप भी उनकी लिखी शायरियों को सुनकर और पढ़कर जरूर जान जाओगे दोस्तों!

हमारी इन Rahat Indori Shayari को सुनकर अगर आपके भी दिल को उनके ख़याल छू गये हो. तो हमें comments area में comment करते हुए जरूर बताईये.

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6 Comments

  1. वाह वा अवलोकिता मॅम
    आपने बहोत खूबसूरती से राहत साब की शायरियां पेश की..
    सचमुच राहत इंदौरी साहब की शायरियों का जादू हम पर हमेशा कायम रहेगा. उन्हें शत शत नमन..💐💐

  2. राहत इंदौरी साहब के लिखे कलाम को तुमने बखूबी पेश किया है ।बहुत बहुत आशीर्वाद ।✋✋✋🌹

  3. हाथ खाली है तेरे शहर से जाते जाते
    जान होती तो मेरी जान लुटाते जाते..
    अब तो हर हाथ का पत्थर हमें पहचानता है
    उम्र गुजरी है तेरे शहर में आते जाते..
    कमाल!!!
    बेहतरीन अंदाज में पेश की है आप ने
    राहत इंदौरी साहब की इन नायब शायरीयों को अवलोकिता जी !!
    Script भी बढिया!!
    शुभेच्छा!
    – कल्याणी

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