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Ijazat Shayari से उनकी इजाजत से ही उन पर प्यार बरसाना चाहोगे

ijazat shayari: आप तो अपने महबूब से इतना प्यार करते हैं कि आप उनकी इजाज़त के बिना और उनके दिल के विरुद्ध कोई भी काम नहीं करना चाहते हो. और इसी बात में आपके दिलबर को आपकी शराफत दिखती है. और वह भी आपकी इन्हीं बातों से दिल लगाना चाहती है और लुटाना भी चाहती है.



इन ijazat shayari को Rishabh Punekar इनकी आवाज़ में सुनकर उनसे फिर एक बार मिलने की इजाजत मांगना चाहोगे!


Ijazat Shayari
Ijazat Shayari

Ijazat Shayari आपकी यार को छूने की इजाजत किसी और को कहां..?

आपने तो इन बैठी हुई ठंडी हवाओं को भी कब से नसीहत दे रखी है. अगर वह बहारों में और इन फिजाओं में बहना चाहती है, तो वे पूरी शराफत के साथ बहे. ताकि वो खुद बहते हुए किसी और को और खासकर आपके दिलबर को कोई तकलीफ ना पहुंचाए. और अगर वह कहीं बहते हुए आपकी महबूबा को छू कर चली जाएगी तो आप भी उसी बात कर रखना चाहोगे.



जानते नहीं हो तुम किस हद तक
तुमसे मोहब्बत है हमें..

हमें याद ना करो तो भी एक भूल
करने की इजाजत है तुम्हें..

jante nahin ho tum kis had tak
tumse mohabbat hai hamen..
hamen yad na karo to bhi ek bhul
karne ki ijazat hai tumhe..


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क्योंकि आपने अपने दिलबर कुछ होने की इजाजत किसी और को बिल्कुल भी नहीं दी है. और आप ने तकल्लुफ किसी और को देना भी नहीं चाहते हो. कुछ इस कदर आपका अपने यार पर इश्क का रंग चढ़ चुका है कि आप किसी की भी नसीहत और हिदायत सुनना नहीं चाहते हो.

जिंदगी की लड़ाई में खुद को मैं
कभी अकेला ना पाता..

गर होती इजाजत आपकी तो
मैं दुनिया जीत जाता..

zindagi ki ladai mein khud ko main
kabhi akela na pata..
gar hoti ijazat aapki to
main duniya jeet jata..



Ijazat Shayari Image -2
Ijazat Shayari Image

Listen to Ijazat Shayari | Voice-Over: Ayyushi Shukla

और आपको अब इस बात का भी यकीन हो गया है कि जिस कदर आप अपने यार के साथ मोहब्बत करते हो कुछ उसी प्रकार से आपका साथी भी आपसे तहे दिल से इश्क करता है.


Ijaazat shayari आपकी महबूबा शराफत से विदा लेने की आपसे इजाजत मांग रही है..

आपका साथी आपसे अगर कोई काम भी हो तो बिना इजाजत की कभी नहीं करता है. वह उनकी वजह से आपको किसी बात की कोई तकलीफ नहीं देना चाहता है. और शायद यह बातें सच्चे प्यार में ही हो सकती है. जब भी वह अपनी आँखें झुकाती है तो जैसे वह शर्म से आप से बिछड़ने की इजाजत ही मांगती है.

Ijazat Shayari in Hindi
Ijazat Shayari in Hindi

ijaazat shayari अपने दिलबर के पास रहने का इंतजाम करना चाहोगे..

आपको तो उनके साथ इश्क फरमाते हुए हर बात की इंतजाम करने का दिल होता है. और शायद इसी वजह से आप उनके संग किये हुए सारे वादे निभाने की तहे दिल से कोशिश करते हो. और उन वादों के साथ-साथ आपके दिल की कई तमन्नाए भी आज भी अधूरी है. उन तमन्नाओं को भी आप अपने यार के साथ साझा करते हुए उन्हें पूरा करने की कोशिश करना चाहते हो.



ijazat shayari in hindi urdu

गर्म हवाएं तुझको
क्यों ऐसे सता रही है..

मेरे अलावा ये इजाजत
मैंने किसीको नहीं दी है..

garm hawayein tujhko 
kyon aise sata rahi hai..
mere alava ye ijazat 
maine kisi ko nahin di hai..

top romantic shayari in urdu english thoughts  poetry | ijazat shayari

अपने कोमल हातों से
मेरी आंखे बंद करती रही..

बेइंतहा शराफत से वो मुझसे
रूखसत की इजाजत ले गई..

apne komal hathon se 
meri aankhen band karti rahi..
beinteha sharafat se vo mujhse
rukhsat ki ijaazat le gai…

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इस गर्मी के मौसम में भी,
कुछ खास इंतजाम कर लूं..

है मुझे अगर इजाज़त तो
लबों की नमी बरकरार रख लूं..

iss garmi ke mausam mein bhi,
kuch khas intezaam kar loon..
hai mujhe agar ijaazat hai to 
labon ki nami barkarar rakh lun…

Ijazat Shayari for WhatsApp
Ijazat Shayari for WhatsApp
ये नादान दिल करता रहा जिंदगी
भर जिसे पाने की चाहत..

अक्सर उसकी यादों से मांगता हूं
अब मैं सोने की इजाजत..

ye nadan dil karta raha zindagi
bhar jise pane ki chahat..
aksar uski yadon se mangta hun
ab main sone ki ijazat..



तुमसे ही प्यार करता हूं, कहकर
मुझे गुमराह कर गया..

दिलबर मेरा बिना इजाजत
जिंदगी मेरी तबाह कर गया..

tumse hi pyar karta hun, kah kar
mujhe gumrah kar gaya..
dilbar mera bina ijazat
jindagi meri tabah kar gaya..

दिल ने कब चाहा था कि हम
तुमसे यूं जुदा हो जाए..

खुद को हम इस बात की कभी
इजाजत ही ना दे पाए..

dil ne kab chaha tha ki ham
tumse yun judaa ho jaaye..
khud ko ham is baat ki kabhi
ijazat hi na de paaye..

यूं जिंदगी भर ठोकरे ना खाता और ना ही
इस कदर खुद को भी भूल जाता..

अगर तुम देती सिर्फ एक बार इजाजत
तो हमेशा के लिए मैं तेरा हो जाता..

yu zindagi bhar thokre na khata aur na hi
is kadar khud ko bhi bhul jata..
agar tum deti sirf ek baar ijazat
to hamesha ke liye main tera ho jata..

तुम्ही से करता प्यार और
तुम्हीं को अपने दिल में रख पाता..

इजाजत कुबूल होती तो
मेरा दिया गुलाब कभी ना मुरझाता..

tumhi se karta pyar aur
tumhi ko apne dil mein rakh pata..
ijazat qubool hoti to
mera diya gulab kabhi na murjhata..



जो चुराए हरदम आंखें, उससे
कैसे करें कोई इकरार..

याद करने की मांगे जो इजाजत
वह कैसे हो सकता है प्यार..?

jo churaye hardam aankhen, usse
kaise karen koi iqrar..
yad karne ki mange jo ijaajat
woh kaise ho sakta hai pyar..?

ना हम दर-दर की ठोकरें खाते और
ना ही इश्क में यूं तड़पते..

बस एक बार प्यार की इजाजत
देने की मेहरबानी करते..

na ham dar-dar ki thokare khate
aur na hi ishq mein yun tadapte..
bus ek bar pyar ki ijaajat
dene ki meherbani karte..

यह कैसी है रुसवाई और
कैसी खलिश है हमसे..

बस प्यार करने की ही तो
इजाजत मांगी थी तुमसे..!

yeh kaisi hai ruswai aur
kaisi khalish hai humse..
bus pyar karne ki hi to
ijazat mangi thi tumse..!

हमें ठुकराने का सबब तुम से
इजाज़त मिली तो पूछेंगे फिर कभी..

इश्क़ वो सल्तनत हैं याराँ
उजड़े तो ना बसे फिर कभी..

-Moeen

hamen tukarane ka sabab tumse
ijazat mili to puchenge fir kabhi..
ishq vo saltanat hai yaara
ujade to na basse fir kabhi..



Ijazat Shayari Image -3
Ijazat Shayari Image
तेरे शहर ठहरूँ अगर इजाज़त हो
खुदा करें फख्र ऐसी इबादत हों..

क़ज़ा सर पर खड़ी हों और
घर से चली तेरी बारात हों..

-Moeen

tere shahar thehru agar ijazat ho
khuda kare fakhr aisi ibadat ho..
qajaa sar per khadi ho aur
ghar se chali teri baraat ho…

तुझे टूट कर चाहते हम भी
हाय, अफसोस तेरी इजाज़त ना मिली..

दोनों मजबूर थे हालात के सामने
उसे फुरसत, मुझे चाहत ना मिली..

-Moeen

tujhe toot kar chahte ham bhi
haye, afsos teri ijazat na mili..
donon majbur the halat ke samne
use fursat, mujhe chahat na mili..

लम्हों की सही रफाकत दे दे
सर बसजदा हूँ शहादत दे दे..

कल शब तेरा शहर छोड़ जाऊँगा
पर्दा हटा या इजाज़त दे दे..

-Moeen

lamhon ki sahi rafaqat de de
sar ba sajda hun shahadat de de..
kal shab tera shahar chhod jaunga
parda hata ya ijaajat de de..

इजाज़त होती तो कुछ बयाँ करते
प्यार तुझे सब से सिवा करते..

हालात ने इजाज़त ना दी जानाँ
ज़माने से टकरा कर वफ़ा करते..

-Moeen

ijazat hoti to kuchh bayan karte
pyar tujhe sab se siva karte..
halat nahin ja sakta na di jaana
zamane se takra kar wafa karte..



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5 Comments

  1. व्वाह आयुषीजी?????? बढीया ??????
    “कंगल इरंडल…” इस तमिल गीत की याद आ गयी पहली शायरी से….

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