Express Your Sadness With These 45+ Gam Shayari Collection

Gam Shayari: For some reason, deep in the heart, you might be feeling sad. Sorrowful, empty and lonely. These 45+ Shayari will capture these feelings and help you express them. Express your sadness with this new and fresh Gam Shayari Collection. Get unlimited access to this gam love Shayari collection for only you.

दोस्तों क्या आपने भी प्यार में अपने साथी से धोखा खाया है? अगर हां, तो आज की हमारी Gam Bhari Shayari कि पेशकश आपके लिए ही है! आज हम आपके दिल के दर्द को बयां करने वाली चंद Gam Shayari Hindi लेकर आए हैं.

Table of Content

  1. Gam Wala Shayari – गम वाला शायरी
  2. Gam Shayari Hindi – गम शायरी हिंदी
  3. Gam Bhari Shayari Photo – गम भरी शायरी फोटो
  4. Gam Shayari – गम शायरी
  5. Gam Ki Shayari – गम की शायरी
  6. Conclusion

जिनकी मदद से आप अपने प्यार के गम को दुनिया के सामने बयां कर पाएंगे. अगर आपको आज की हमारी Gam Shayari की पेशकश पसंद आती है. तो इसको आप अपने व्हाट्सएप एवं फेसबुक के स्टेटस में भी जरूर रख सकते हैं. और साथ ही अपने दोस्तों के साथ भी इसे शेयर करना बिल्कुल ना भूलें.


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Source: YouTube/ShayariSukun

तो चलिए दोस्तों, अब बिना वक्त गवाएं हमारे बेहतरीन वॉइस ओवर आर्टिस्ट की आवाज में शायरी सुकून की Gam Shayari Hindi को सुने. हमें यकीन है कि आज की हमारी Gam Shayari Photo की पेशकश आपके दिल को जरूर छू जाएगी.

Gam Wala Shayari – गम वाली शायरी

Gam Wali Shayari
Gam Wali Shayari
1)

लोगों को बस नजर में
आती है हमारी मुस्कुराहट..

सीने में छुपे ग़म कहा
हर कोई देख पाता है..

-Vrushali

logon ko bus nazar mein
aati hai hamari muskurahat..
sine mein chhupe gam kaha
har koi dekh pata hai..

2)

बेवफा ने चाहत में
मुझे सितम दिए हैं..

दिलबर ने दिल को
मेरे ऐसे गम दिए हैं..

-Gauri

bewafa ne chahat mein
mujhe sitam diye hain..
dilbar ne dil ko
mere aise gam diye hain..

3)

ग़मों के साये में अपने
भी साथ छोड़ जाते हैं..

मगर कुछ होते हैं ऐसे
जो मुश्किलात में काम आते हैं..

-Vrushali

gamon ke saaye mein apne
bhi sath chhod jaate hain..
magar kuchh hote hain aise
jo mushkilat mein kaam aate hain..

4)

क्या प्यार नहीं है मुझसे
बता दो एक बार तुमको..

फिर क्यों जिंदगी में
गम दे रहे हो हमको..

-Santosh

kya pyar nahin hai mujhse
bata do ek baar tumko..
fir kyon jindagi mein
gam de rahe ho humko..

5)

हम उस मोड़ पर खड़े हैं
जहां गम बेहिसाब है..

उम्र की शाम पर आज
तनहाइयां बेमिसाल है..

-Vrushali

ham us mod per khade hain
jahan gam behisab hai..
umra ki shaam par aaj
tanhaiya bemisal hai…

6)

प्यार में तेरा दर्द पी रहा हूं मैं..

अब गम में अधूरा जी रहा हूं मैं..

-Kavya

pyar mein tera dard pi raha hun main..
ab gam mein adhura ji raha hun main..

7)

शाम के अंधेरे में
मिट जाए मेरे ये सारे गम..

प्यार के साथ आए
जिंदगी में एक नया मौसम..

-Vrushali

shaam ke andhere mein
mit jaaye mere ye sare gam..
pyar ke sath aaye
jindagi mein ek naya mausam..

8)

मोहब्बत एक धोखा हैं दोस्त
संभल के अपना कदम रख..

हो जायेगा एक दिन बर्बाद
जरा अपना खयाल तू रख..

-Vrushali

mohabbat ek dhokha hai dost
sambhal ke apna kadam rakh..
ho jayega ek din barbad
zara apna khyal tu rakh..

9)

फकीर महलों के ख़्वाब नहीं देखा करते

उनके नसीब में तो बस खैरात लिखी होती हैं..

-Vrushali

faqeer mahlon ke khwab nahin dekha karte..
unke nashe mein to bas khairat likhi hoti hai..

Gam Wala Shayari को सुनकर आशिक अपने दिल को ही हिदायत देना चाहता है. और प्यार में फकीर होने की बात को फिर से उजागर करना चाहता है.

Gam Shayari Hindi – गम शायरी हिंदी

10)

दर्द ने दिया है जो आलम
खुद ही जिंदगी सिता हूं..

ओ बेवफा, तुमने जो दिए
गम के आंसू पीता हूं..

-Gauri

dard ne diya hai jo aalam
khud hi jindagi sita hun..
o bewafa, tumne jo diye
gam ke aansu pita hun..

11)

गम से लड़ते-लड़ते
हम जीना भूल गए..

तुम्हारा हाथ जो मिला
हम गम को भूल गए..

-Vrushali

gam se ladte-ladte
ham jina bhul gaye..
tumhara hath jo mila
ham gam ko bhul gaye..

12)

कैसे बताऊं ओ बेवफा सनम
तेरे बिन ना रहा जाता है..

अब यह गम जिंदगी का
मुझसे ना सहा जाता है..

-Santosh

kaise bataun o bewafa sanam
tere bin na raha jata hai..
ab yah gam jindagi ka
mujhse na saha jata hai..

13)

हाथों में जब तुम्हारा हाथ होता है..

गम का मौसम हमसे दूर होता है..

-Vrushali

hathon mein jab tumhara hath hota hai..
gam ka mausam humse dur hota hai..

14)

दिया है तूने जो मुझे उस
दर्द को ही बांट रहा हूं..

जिंदगी बड़ी मुश्किल से
गम सहते हुए काट रहा हूं..

-Kavya

diya hai tune jo mujhe us
dard ko hi baant raha hun..
jindagi badi mushkil se
gam sahte hue kaat raha hun..

15)

तुम्हारी मुस्कान देखकर
मैं हर गम भूल जाता हूं..

खुशियों की राह पर बस
मैं तुम्हारा साथ चाहता हूं..

-Vrushali

tumhari muskan dekhkar
main har gam bhul jata hoon..
khushiyon ki raah par bas
main tumhara sath chahta hun..

16)

तेरी जुदाई का गम पीने लगा हूं..

टुकड़ों में ही मैं अब जीने लगा हूं..

-Gauri

teri judai ka gam peene laga hun..
tukdon mein hi main ab jeene laga hun..

17)

तेरा रास्ता गुजरा हैं जिस मिट्टी से
उसे तेरी माशूका ने छुआ तक नहीं..

तूने मांगा हैं जिसे अपनी हर दुआ में
उस बेरहम ने तुझे देखा तक नहीं...

-Vrushali

tera rasta gujraa hai jis mitti se
use teri masuka ne chhua tak nahin..
tune manga hai jise apni har dua mein
use beraham ne tujhe dekha tak nahin…

18)

इंतकाम के इस दौर में तूने
का तिल से मोहब्बत कर ली..

अंजाम जानते हुए भी तूने
मौ त से दिल्लगी कर ली..

-Vrushali

inteqaam ke is daur mein tune
ka til se mohabbat kar li..
anjam jante hue bhi tune
ma ut se dillagi kar li..

Gam Shayari Hindi की मदद से आशिक खुद के इंतकाम की तैयारी जैसे खुद ही कर रहा है. क्योंकि प्यार का अंजाम जुदाई है, इसे जानते हुए भी वो चाहत करने जा रहा है.

Gam Bhari Shayari Photo – गम भरी शायरी फोटो

19)

साथ मिलकर हम सहेंगे
सारी खुशियां और सारे गम..

हर कदम पर साथ निभायेंगे
मिलकर आगे बढ़ेंगे हम..

-Vrushali

sath milkar ham sahenge
sari khushiyan aur sare gam..
har kadam per sath nibhayenge
milkar aage badhenge ham..

20)

जाओ बेवफा सनम अब हमने
तेरे बिन रहना सीख लिया है..

इस दिल ने तन्हाई का
गम सहना सीख लिया है..

-Santosh

jaao bewafa sanam ab humne
tere bin rehna sikh liya hai..
is dil ne tanhai ka
gam sehna sikh liya hai..

21)

तुम्हारी खुशियों का खयाल
मैं खुद से भी ज्यादा रखूंगा..

हर ख्वाईश पूरी होगी तुम्हारी
हर गम तुम्हारा मैं सहूंगा..

-Vrushali

tumhari khushiyon ka khayal
main khud se bhi jyada rakhunga..
har khwaish puri hogi tumhari
har gam tumhara main sahunga..

22)

उम्र भर गम का ही साथी हूं
अब यकीन कैसे दिलाऊं तुझे..

तुझ बिन इस जिंदगी की हालत
क्या है कैसे मैं बताऊं तुझे..

-Kavya

umra bhar gam ka hi sathi hun
ab yakin kaise dilaau tujhe..
tujh bin is jindagi ki halat
kya hai kaise main bataun tujhe…

23)

जिंदगी तुम्हारी छांव में
मुझे दिलचस्प लगने लगी..

तेरे साथ गम हो या खुशी
सब खूबसूरत लगने लगी..

-Vrushali

jindagi tumhari chhav mein
mujhe dilchasp lagne lagi..
tere sath gam ho ya khushi
sab khubsurat lagne lagi..

24)

तेरे सिवा इस जालिम
दुनिया में बेसहारा हूं मैं..

दर-दर भटक रहा
गम का मारा हूं मैं..

-Gauri

tere siva is zalim
duniya mein besahara hoon main..
dar-dar bhatak raha
gam ka mara hun main..

25)

तुम्हारी ये नाराज़गी ही मेरे
गम की वजह बनती हैं..

वरना खुशी तो बस तेरी
एक मुस्कान से भी होती हैं..

-Vrushali

tumhari ye narazagi hi mere
gam ki vajah banti hain..
varna khushi to bus teri
ek muskan se bhi hoti hai..

26)

ये दिल खुदा का घर हैं
यूं किसी को इजाजत न दो..

तोड़कर चला जाए कोई
तो उसे खुदा का वास्ता ना दो..

-Vrushali

yeh dil khuda ka ghar hai
you kisi ko ijaajat na do..
todkar chala jaaye koi
to use khuda ka wasta na do..

27)

एक अरमाँ बरसों से दिल में पलता रहा
एक सवाल लबों पर मेरे सदा मचलता रहा..

अब भी गुज़रता हुँ मैं उसी राहगुज़र से
साल बदलते रहे, उम्र का सूरज ढलता रहा..

-Moeen

ek armaan barson se dil mein palta raha
ek sawal labon per mere sada machalta raha..
ab bhi gujarta hun main usi rahgujar se
sal badalte rahe, umra ka suraj dhalta raha..

Gam Bhari Shayari Photo की मदद से आशिक अपने दिल के अरमानों की दास्तान बताना चाहता है. लेकिन वह अपने गुजरते हुए वक्त को और आने वाले कल को बदल नहीं पाएगा.

Gam Shayari – गम शायरी

Gam Shayari
Gam Shayari
28)

तूने भी दिए गम प्यार में
एक तू ही तो था सच्चा सनम..

कितने जुल्म किए इस दुनिया ने
मुझ पर क्या बताऊं जानम..

-Santosh

tune bhi diye gam pyar mein
ek tu hi to tha saccha sanam..
kitne zulm kiye is duniya ne
mujh par kya bataun jaanam..

29)

तेरी खुशी का राज़ अब मुझे पता हैं..

इसलिए गम का रास्ता लापता हैं..

-Vrushali

teri khushi ka raaj ab mujhe pata hai..
isliye gam ka rasta lapata hai..

30)

हैरान हूं यही सोच कर
उसके बिन कैसे रहूंगा..

बेवफाई में मिले गम
अब मैं कैसे सहूंगा..

-Kavya

hairan hun yahi soch kar
uske bin kaise rahunga..
bewafai mein mile gam
ab main kaise sahunga..

31)

गम से मुलाकात करा दी
तूने ओ जुल्मी यारा मेरी..

एक दीदार की ही तो
चाहत रखता था मैं तेरी..

-Gauri

gam se mulaqat kara di
tune o julmi yara meri..
ek didar ki hi to
chahat rakhta tha main teri..

32)

चाहत में भले ही गम मिले चाहे
मगर तुझे अपना माना था मैंने..

तेरे साथ ही तो सारी जिंदगी
गुजारने का सपना देखा था मैंने..

-Santosh

chahat mein bhale hi gam mile chahe
magar tujhe apna mana tha maine..
tere sath hi to sari zindagi
gujarne ka sapna dekha tha maine..

33)

गम में डूबा हुआ छोड़ गई
तुम मुझे खुदाई के बिन..

बताओ बेवफा, कैसे काटूंगा
अब ये तन्हाई भरे दिन..

-Kavya

gam mein duba hua chhod gai
tum mujhe khudai ke bin..
batao bewafa, kaise kaatunga
ab ye tanhai bhare din..

34)

कोई ना सोया है यहां,
साथ जमाना जाग रहा है..

गम में डूबा हुआ जैसे
सारा जहां लग रहा है..

-Gauri

koi na soya hai yahan,
sath jamana jaag raha hai..
gam mein duba hua jaise
sara jahan lag raha hai..

35)

तेरे बाद ठहर गई रातें, सूरज निकलता नहीं
सब ख़ुशीया हैं पास मगर दिल बहलता नहीं..

तुझ से बिछड़ कर रूठ गई नींदें भी
एक दिवाना सोता नहीं, करवटें बदलता नहीं..

-Moeen

tere baad theher gai raaten, suraj nikalta nahin
sab khushiyan hi pass magar dil bahalta nahin..
tujhse bichhad kar ruth gai ninde bhi
ek deewana sota nahin, karvate badalta nahin..

36)

थाम कर हाथ मेरा ज़िंदगी को ख्वाब कर दो
छू कर लबों से पानी इसे तुम शराब कर दो..

अगर तुम्हें पास हैं ज़माने की रिवायतों का
जाते जाते मुझे ज़िंदगी का गुमनाम बाब कर दो..

-Moeen

tham kar hath mera jindagi ko khwab kar do
chhu kar labon se pani ise tum sharab kar do..
agar tumhen pass hai jamane ki riwayaton kaa
jaate jaate mujhe jindagi ka gumnaam baab kar do..

Gam Shayari की मदद से आशिक को अपनी जिंदगी से प्यार का सबक ही मिल गया है. यहाँ बाब का मतलब सबक, पाठ हैं. और अब वह अपनी खुशियों को जैसे खो चुका है.

Gam Ki Shayari – गम की शायरी

37)

चाहत का तुझसे मैं जाना
एक दिन बदला जरूर लूंगा..

बेवफाई के गम में सही
मगर खुद को डूबो दूंगा..

-Santosh

chahat ka tujhse main jana
ek din badla jarur lunga..
bewafai ke gam mein sahi
magar khud ko dubo dunga..

38)

खुशियों को तुझ पर जानम
न्योछावर करने का इरादा है..

क्या करूं जिंदगी में मगर
गम की तादाद बड़ी ज्यादा है..

-Kavya

khushiyon ko tujh per janam
nyochhavar karne ka irada hai..
kya karun jindagi mein magar
gam ki taadad badi jyada hai..

39)

गम देकर तू मुझसे
जब से जुदा हो गई..

जिंदगी ही जैसे मेरी
आज खफा हो गई..

-Gauri

gam dekar tu mujhse
jab se juda ho gayi..
jindagi hi jaise meri
aaj khafa ho gayi..

40)

मिलता नहीं जब चाहा हुआ
आंखें वो नम कर देता है..

चाहत का सफर हर किसी को
हमेशा गम क्यों देता है..?

-Santosh

milta nahin jab chaha hua
aankhen vo nam kar deta hai..
chahat ka safar har kisi ko
hamesha gam kyon deta hai..?

41)

ढूंढो अपने सपनों में
शायद वो वही होगा..

मोहब्बत में गम ना मिला
ऐसा कोई नहीं होगा..

-Kavya

dhundho apne sapnon mein
shayad vo vahi hoga..
mohabbat mein gam na mila
aisa koi nahin hoga..

42)

याद करता रहता हूं
तेरी प्यार भरी बातें..

कैसे कटेगी अब मेरी
गम से भरी ये रातें...

-Gauri

yad karta rahta hun
teri pyar bhari baaten..
kaise kategi ab meri
gam se bhari ye raaten..

43)

क्यों यकीन ना किया
उसने चाहत में मेरी..

दर्द ही दर्द लिख दिया है
उसने किस्मत में मेरी..

-Santosh

kyon yakin na kiya
usne chahat mein meri..
dard hi dard likh diya hai
usne kismat mein meri..

44)

बिना सोचे समझे इश्क में
गम देता रहा है मुझे..

यार मेरा सपनों में भी
क्यों सता रहा है मुझे..

-Kavya

bina soche samjhe ishq mein
gam deta raha hai mujhe..
yaar mera sapnon me bhi
kyon sata raha hai mujhe..

45)

पूछो कोई उसके दिल से
क्या प्यार मैंने ना किया..

फिर क्यों चाहत का सिला
उसने मुझे गम में दिया..

-Gauri

puchho koi uske dil se
kya pyar maine na kiya..
fir kyon chahat ka sila
usne mujhe gam mein diya..

46)

सच्ची मोहब्बत को ही
अपनी याद करता रहूंगा..

इस गम के सिवा अब
यारों मैं कहां जाऊंगा..

-Kavya

sacchi mohabbat ko hi
apni yad karta rahunga..
is gam ke siva ab
yaaro main kaha jaunga..

47)

कभी हम से चाहत में तिजारत ना हो सकी
बहोत चाहा मगर उन से अदावत ना हो सकी..

पहुँचे थे बाद मुद्दतों के उन की चौखट पर
निगाहें झुक गई लबों से शिकायत ना हो सकी..

*अदावत : दुश्मनी

-Moeen

kabhi humse chahat mein tijaarat na ho saki
bahut chaha magar unse adawat na ho saki..
pahunche the bad muddaton ke unki chokhat per
nigahen jhuk gayi logon se shikayat na ho saki..

48)

उस हरजाई से मेरी सदीयों पुरानी दोस्ती थी
मेरी बरबादी में शामील जिस की ख़ुशी थी..

चाँदनी थी मेरे आँगन में, कल की बात हैं
शायद टूटते तारे की वो एक रौशनी थी..

-Moeen

use harjai se meri sadiyo purani dosti thi
meri barbadi mein shamil jiski khushi thi..
chandni thi mere aangan mein, kal ki baat hai
shayad tutate tare ki vah ek roshni thi..

Gam Ki Shayari की मदद से आशिक अपने बेवफा साथी से शिकायत करना तो चाहता है. लेकिन वह उससे बेवफाई के बारे में कुछ भी कह नहीं पाता है. यहां पर अदावत का मतलब दुश्मनी से है.

Conclusion

Gam Shayari की मदद से आशिक अपने दिल की दर्द भरी दास्तां ही सब को बताना चाहता है. लेकिन वह बस इसे अपने बेरहम दिलबर को ही बता नहीं पाता है. और जिंदगी भर उसे इसी बात का मलाल रहता है. हमारी इन Gam Shayari को सुनकर अगर आप भी अपने दिल का दर्द याद कर पाओ. तो हमें comment box में comments करते हुए जरूर बताये.

गम भरी शायरी पर लिखी गयी हमारी ये पोस्ट भी आपको अच्छी लगेगी

  1. Gam Ki Shayari -1: Collection Of Dard Bhare Sher
  2. Akelepan Ki Shayari: The Best 45+ अकेलेपन की शायरी
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