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Tehzeeb Hafi Shayari In Hindi: Best 10+ Collection

Tehzeeb Hafi Shayari In Hindi: अस्सलामु अलैकुम दोस्तों! आज हम आपको बड़े ही जाने-माने और होनहार शहर के बारे में जानकारी देना चाहते हैं. दोस्तों जब कोई शायरी जंगल, पेड़-पौधे एवम प्राकृतिक सुंदरता से जुड़ी हो. तो उनमें पाकिस्तान के तहज़ीब हाफी इनका नाम बड़े अदब के साथ आता है. तहजीब हाफी साहब नए दौर के नौजवान शायरों में गिने जाते हैं. उनका असली नाम ‘तहजीब उल हसन कलमी’ है. और सारी दुनिया में उनकी Tehzeeb Hafi Shayari बहुत ही प्रसिद्ध है.

Table of Content

  1. Tehzeeb Hafi Shayari Lyrics – तहजीब हाफी शायरी लिरिक्स
  2. Tehzeeb Hafi Shayari Images – तहजीब हाफी शायरी इमेजेस
  3. Tehzeeb Hafi Shayari Status Download – तहजीब हाफी शायरी स्टेटस डाउनलोड
  4. Tehzeeb Hafi Shayari – तहजीब हाफी शायरी
  5. Tehzeeb Hafi Shayari In Hindi – तहजीब हाफी शायरी इन हिंदी
  6. Conclusion

तो चलिए दोस्तों, बिना किसी देरी के आज की तहजीब हाफी शायरी, तहज़ीब हाफी शायरी इन हिंदी को सुने. हमें यकीन है कि आजकी यह Tehzeeb Hafi Shayari In Urdu, Tehzeeb Hafi Shayari आपको जरूर पसंद आएंगे.




Tehzeeb Hafi Shayari Full Video
Source: Vimeo/Shayari Sukun

Tehzeeb Hafi Shayari Lyrics – तहजीब हाफी शायरी लिरिक्स

Tehzeeb Hafi Shayari
Tehzeeb Hafi Shayari
1)

तेरा चुप रहना मिरे ज़ेहन में क्या बैठ गया
इतनी आवाज़ें तुझे दी कि गला बैठ गया..

यूं नहीं है कि फ़क़त मैं ही उसे चाहता हूं
जो भी उस पेड़ की छांव में गया बैठ गया..

tera chup rehna mire zehan mein kya baith gaya
itni awaze tujhe di ki gala baith gaya..


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yu nahin hai ki faqat main hi use chahta hun
jo bhi use ped ki chhav mai gaya baith gaya..

2)

यह ज्योग्राफियां, फ़लसफा,
साइकोलॉजी, साइंस, रियाजी वगैरह

ये सब जानना भी अहम है
मगर उसके घर का पता जानते हो..?

ye geography ya, falsafa,
psychology, science, riyazi vagera



yah sab janna bhi aham hai
magar uske ghar ka pata jante ho..?

Tehzeeb Hafi Shayari Lyrics की मदद से तहजीब हाफी साहब आशिकों को अपने महबूब के बारे में जानकारी रखने की सलाह देना चाहते हैं. और महबूब की दीवानगी की हद बताना चाहते हैं.

Tehzeeb Hafi Shayari Images – तहजीब हाफी शायरी इमेजेस

Tehzeeb Hafi Shayari Images
Tehzeeb Hafi Shayari Images
3)

रात के तीन बजने को है
यार ये कैसा महबूब है?

जो गले भी नहीं लग रहा और
घर भी नहीं जा रहा..!

raat ke teen bajane ko hai
yaar yah kaisa mahbub hai?

jo gale bhi nahin lag raha aur
ghar bhi nahin ja raha..



4)

तुम्हें पता तो चले बेजुबान चीज का दुख
मैं अब चराग की लौ ही नहीं बनाऊंगा..

मैं दुश्मनों से जंग अगर जीत भी जाऊं
तो उनकी औरतें कैदी नहीं बनाऊंगा..

tumhen pata to chale bezubaan chij ka dukh
mein ab chirag ki lau hi nahin banaunga..

main dushmanon se jung agar jeet bhi jaaun
to unki auraten kaidi nahin banaunga..

Tehzeeb Hafi Shayari Images की मदद से तहजीब हाफी साहब आशिक के मेहबूब की विशेषताएं बताना चाहते हैं. ताकि किस प्रकार वो उसके पास होते हुए भी उसका नहीं हो पा रहा है.

Tehzeeb Hafi Shayari Status Download – तहजीब हाफी शायरी स्टेटस डाउनलोड

Tehzeeb Hafi Shayari Lyrics
Tehzeeb Hafi Shayari Status Download
5)

इतना मीठा था वो गुस्से भरा लहजा मत पूछ
उसने जिस जिस को भी जाने का कहा बैठ गया..

अपना लड़ना भी मोहब्बत है तुम्हें इल्म नहीं
चीख़ती तुम रही और मेरा गला बैठ गया..

itna meetha tha vo gusse bhara lehja mat poochh
usne jis jis ko bhi jaane ka kaha baith gaya..



apna ladna bhi mohabbat hai tumhen ilm nahin
chikhti tum rahi aur mera gala baith gaya..

6)

गली से कोई भी गुजरे तो चौंक उठता हूं
नए मकान में खिड़की नहीं बनाऊंगा..

फरेब देकर तेरा शरीर जीत लूं लेकिन
मैं पेड़ काट के कश्ती नहीं बनाऊंगा..

gali se koi bhi gujre to chaunk uthata hun
naye makan mein khidki nahin banaunga..

fareb dekar tera sharir jeet lun lekin
main ped kat ke kashti nahin banaunga..

Tehzeeb Hafi Shayari Status Download को सुनकर कोई भी आशिक अपने महबूब को आवाज देना चाहेगा. लेकिन फिर भी उसकी मोहब्बत का फरेब वह कभी भी भूलना नहीं चाहेगा.



Tehzeeb Hafi Shayari – तहजीब हाफी शायरी

Tehzeeb Hafi Shayari
Tehzeeb Hafi Shayari
7)

सच बताएं तो तेरी मोहब्बत ने
खुद पर तवज्जो दिलाई हमारी..

तू हमें चूमता था तो घर जाकर
हम देर तक आईना देखते थे..!

sach batayen to teri mohabbat ne
khud per tavajjo dilai hamari..

tu hamen chumta tha to ghar jakar
ham der tak aaina dekhte the..!

8)

सारा दिन रेत के घर बनते हुए
और गिरते हुए बीत जाता..

शाम होते ही हम दूरबीनों में
अपनी छतों से खुदा देखते थे..

sara din ret ke ghar bante huye
aur girte huye beet jata..

sham hote hi ham durbinon mein
apni chhaton se khuda dekhte the..



Tehzeeb Hafi Shayari की मदद से आशिक के दिल का आलम तहजीब हाफी साहब बताते हैं. कई बार महबूब ने अपने चुमे हुए हाथ को आशिक घंटों तक घर जाकर देखता रहता है.

Tehzeeb Hafi Shayari In Hindi – तहजीब हाफी शायरी इन हिंदी

Tehzeeb Hafi Shayari In Hindi
Tehzeeb Hafi Shayari In Hindi
9)

मैं फूल हूं तो फिर,
तेरे बालों में क्यों नहीं हूं..

तू तीर है तो मेरे,
कलेजे के पार हो..!

main phool hoon to fir,
tere balon mein kyon nahin hun..

tu teer hai to mere,
kaleje ke paar ho..!

10)

तुम क्या जानो उस दरिया पर क्या गुजरी
तुमने तो बस पानी भरना छोड़ दिया..

बस कानों पर हाथ रख लेते थोड़ी देर और
फिर उस आवाज ने पीछा छोड़ दिया..

tum kya jano us dariya per kya gujari
tumne to bus pani bharna chhod diya..



bus kano per hath rakh lete thodi der aur
fir use awaaz ne picha chhod diya..

Tehzeeb Hafi Shayari In Hindi को सुनकर आशिक को अपने महबूब के बालों का फूल होने की इच्छा हो रही है. क्योंकि उसका दिलबर तो किसी तीर की तरह उसके दिल में ही गढ़ चुका है.

11)

एक और शख्स छोड़कर
चला गया, तो क्या हुआ..

हमारे साथ कौन सा
यह पहली मर्तबा हुआ..!

ek aur shaks chhodkar
chala gaya, to kya hua..
hamare saath kaun sa
yeh pahle martba hua..!

12)

ख्वाबों को आंखों से मिन्हा करती है
नींद हमेशा मुझसे धोखा करती है..

उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है
मिल जाए तो बात वगैरा करती है..

khwabon ko aankhon se meenha karti hai
nind hamesha mujhse dhokha karti hai..
use ladki se bus ab itna rishta hai
mil jaaye to baat vagaira karti hai..

13)

तुझे किस किस जगह पर अपने अंदर से निकाले..

हम इस तस्वीर में भी तुझसे मिलके आ रहे हैं..

tujhe kis kis jagah per apne andar se nikale
ham is tasvir mein bhi tujh se milkar aa rahe hain..

14)

ख़ाक ही ख़ाक थी और
ख़ाक भी क्या कुछ नहीं था..

मैं जब आया तो मेरे घर की
जगह कुछ नहीं था..

khak hi khak thi aur
khak bhi kya kuchh nahin tha..
main jab aaya to mere ghar ki
jagah kuchh nahin tha..

15)

क्या करूं तुझसे ख़यानत नहीं कर सकता मैं
वरना उस आंख में मेरे लिए क्या कुछ नहीं था..

ये भी सच है मुझे कभी उसने कुछ ना कहा
ये भी सच है कि उस औरत से छुपा कुछ नहीं था..

kya karun tujhse khanayat nahin kar sakta main
varna us aankh mein mere liye kya kuchh nahin tha..
yah bhi sach hai mujhe kabhi usne kuchh na kaha
yah bhi sach hai ki use aurat se chhupa kuchh nahin tha..

16)

तुझे भी अपने साथ रखता और
उसे भी अपना दीवाना बना लेता..

अगर मैं चाहता तो दिल में
कोई चोर दरवाजा बना लेता..

tujhe bhi apne sath rakhta aur
use bhi apna deewana banaa leta..
agar main chahta to dil mein
koi chor darvaja banaa leta..

17)

धूप पड़े उस पर तो तुम बादल बन जाना
अब वह मिलने आए तो उसको घर ठहराना.

तुमको दूर से देखते देखते गुजर रही है
मर जाना पर किसी गरीब के काम ना आना..

dhup pade use par to tum badal ban jana
ab vah milane aaye to usko ghar thehrnaa..
tumko dur se dekhte dekhte gujar rahi hai
mar jana aur kisi garib ke kam na aana..

18)

वो फूल और किसी शाख पर नहीं खिलता
वो जुल्फ सिर्फ मेरे हाथ से सँवरनी है..

तमाम नाखुदा साहिल से दूर हो जाए
समुंदरों से अकेले में बात करनी है..

vo phool aur kisi shakh per nahin khilta
vah julf sirf mere hath se sawarni hai..
tamam nakhuda sahil se dur ho jaaye
samundar se akele mein baat karni hai..

19)

उसी जगह पर जहां कई रास्ते मिलेंगे
पलट के आए तो सबसे पहले तुझे मिलेंगे..

अगर कभी तेरे नाम पे जंग हो गई
तो हम ऐसे बुजदिल भी पहले सफ़ में खड़े मिलेंगे..

usi jagah per jahan kai raste milenge
palat ke aaye to sabse pahle tujhe milenge..
agar kabhi tere naam per jung ho gai
to ham aise bujhdil bhi pahle saf me khade milenge..

20)

ये किस तरह का ताल्लुक है आपका मेरे साथ
मुझे ही छोड़ के जाने का मशवरा मेरे साथ..

यही कहीं हमें रस्तों ने बद्दुआ दी थी
मगर मैं भुल गया और कौन था मेरे साथ..

ye kis tarah ka talluk hai aapka mere sath
mujhe hi chhod jaane ka mashwara mere sath..
yahi kahin hamen rasto ne baddua di thi
magar main bhul gaya aur kaun tha mere sath..



Ehsaas by Ketki इनकी आवाज में तहज़ीब हाफी जी की शायरीओं को सुनकर उनकी सराहना करना चाहोगे!

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Conclusion

दोस्तों तहजीब हाफी साहब की कलम का जादू आप पर भी जरूर बिखेर गया होगा. उनकी लिखावट का Best Collection ही हम आपके लिए लेकर आए हैं. हमें यकीन है कि आपको ये तहज़ीब हाफी शायरी बहुत पसंद आई होगी. हमारी इन Tehzeeb Hafi Shayari In Hindi को सुनकर अगर आपके दिल का भी आलम बदल गया हो. तो हमें comment section में comment करते हुए जरूर बताये.

अगर आपको चाहिये कि अपने Twitter हैन्डल पर शायरी सुकून अपडेट्स मिले, तो हमें शायरी सुकून अकाउन्ट पर Follow जरूर करें.

2 Comments

  1. Very good👍
    दिल की दुआ बस दिलमे रह जाती है
    जब कोई लड़की सीने से गुजर जाती है
    बड़ा ही दर्द होता मेरे दिलको
    जब नजरे मिलाकर दिल से गुजर जाती है

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