Tehzeeb -1: Love Shayari अपने यार के साथ तहजीब से पेश आओगे

tehzeeb shayari: आप तो अपने दिलबर से मोहब्बत करते हुए भी उनसे हमेशा तहजीब से पेश आते हैं. उनसे कभी भी, किसी भी वक्त, कोई दुराचार या दूर्व्यवहार नहीं करते हो. भले ही प्यार में आपका उन पर पूरा अधिकार हो, फिर भी आप अपने उस अधिकार को उनपर हर बार जताना नहीं चाहते.

और यही बात बताती है कि आप एक नेक दिल, tehzeeb भरे दिलवाले अच्छे इंसान हो. और आपके दिलबर से मिलने के बाद आपके दिल में यह tehzeeb भरा आलम और भी मजबूत हो चुका है. और आप यह भी मानते हो की प्यार में भी एक दूसरे का सम्मान करना, एक दूसरे से tehzeeb से पेश आना यह सब आपके महबूब ने ही आपको सिखाया है.

और इसी तरह अपने यार के साथ साथ सभी लोगों से भी आप तहजीब से ही पेश आते हो. और इसी बात में आपकी जीत है. अगर आप तहजीब का अर्थ नहीं जानते हैं तो हम आपको बताना चाहेंगे. tehzeeb meaning किसी भी इंसान का सभ्यता भरा व्यवहार या फिर उसका शिष्टाचार. या फिर तहज़ीब को दूसरे शब्दों में कहा जाए तो यह किसी जगह की संस्कृति हो सकती है. या फिर आदमी की तमीज़ या फिर इसे हम शऊर भी कह सकते हैं.

तुझसे मिलने के बाद भी, एक तहजीब से दिल को समझाना पड़ता है..

आप अपने यार से प्यार करते हो तो इस बात का आपको कोई गुरूर नहीं है. आप उनसे प्यार में किसी भी तरह का दुराचार नहीं करना चाहते हो. उनसे हमेशा आप एक सभ्यता से ही पेश आते हो. फिर चाहे वह आपके कोई जरूरत की चीज मांगने पड़े. या फिर आपको कोई चीज देनी हो.

और इसी तरह शिष्टाचार से पेश आने की वजह से ही तो आपकी यार भी आपसे हमेशा खुश रहती है. वह भी आपको दुनिया की हर वह चीज देना चाहती है, जो आपके दिल में हो. इसी वजह से आप भी उन्हें अपने उसूलों से, अपने हालातों से हमेशा रूबरू कराते रहते हैं. उन्हें अपने दिल की चाहे वह मजबूरियां हो, चाहे परेशानियां हो बताते रहते हैं. और आपकी सभी ताकद एवं मर्यादाओ को आपकी महबूबा भी अच्छी तरह से जानती हैं.

वह भी आपके दिल के हर जज्बात को समझती है. तभी तो आप उन्हें हर बार मिलने के बाद, उन्हें हर बार रोज नया पाने के बाद भी खुद को संभाल लेते हो. आपके दिल में उनके लिए कई सारे जज्बात उमड़ कर आते हैं, फिर भी आप उन पर काबू कर लेते हो. और हमारी इस शायरी में यहीं सारी चीजें एक महबूब अपने दिलरुबा से कहना चाहता है.

जब आप tahzeeb से बुलाओ, तभी हम आपसे मिलने आएंगे..

आप उनसे तहे दिल से प्यार करते हैं, लेकिन आप उसे चोरी छुपे जाहिर नहीं करना चाहते हो. क्योंकि आप जानते हैं कि प्यार चोरी छुपे किए जाने वाली बात ही नहीं होती है. प्यार तो पूरी दुनिया को शौक से बताते हुए किए जाने वाली बात है, सच कहा ना दोस्तों? और इसी के चलते हैं आप अपने दिलबर का भी पूरी शिद्दत से सम्मान भी करते हो. और उन्हें दुनिया को बताते हुए प्यार करना चाहते हो.

और इसी वजह से आपके दिल में बस यही खयाल है कि आपकी महबूबा आपको बड़े सभ्यता से अपने पास बुलाए. और जब वह आपको बुलाए तो आप भी उन्हें एक नजाकत से, शऊर से अपनी बाहों में ले. ताकि आपको किसी भी बात पर कोई बदनामी ना सहनी पड़े.

ये तहज़ीब ही तो सीखा गई है हमें, शायराना अंदाज..

आप जब से अपनी महबूबा से मुकम्मल तरीके से प्यार कर बैठे, तभी से आपने जीने के लिए जरूरतमंद तहजीब सीख ली है. और अब आपको यह अच्छी तरह से पता चल चुका है कि बगैर तहे दिल की आपको कोई भी बात रास नहीं आ सकती. सामने वाला अगर कोई चीज आपको देना भी चाहे, तो आपको अदब के साथ देगा, तभी आप उसे मंजूर करेंगे.

tahzib shayari image
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और यह गहराई वाली बातें आपको किसी ने सिखाई नहीं है. आपने इन्हें अपने आजतक के तजुर्बे से ही सीखा है. हर एक बात को आपने जांच परख कर अपने अंदर समा लिया है. और इसी वजह से आपको न जाने कई गलतियां करनी पड़ी थी. लेकिन वह गलतियां भी, तो आदमी को पुरानी ही बातें कुछ नए अंदाज में करने का रास्ता बताती है.

और इसी वजह से आपमें अब इतनी तो तमीज़ जरूर आ चुकी है, कि आप अपने तजुर्बे को अपनी कलम से शायराना अंदाज दे सको. और अब तो यहीं क़लम आपको शायर से गजलकार बना गयी है.

tehzeeb shayari in hindi urdu

मेरी तहजीब क्या,
बतलाऊ मैं तुझको.. 

हर बार संभलना पड़ता है, 
तुझे पाने के लिए मुझको..

meri tehzeeb kya 
batlaau main tujhko.. 
har bar sambhalna padta hai 
tujhe paane ke liye mujhko.. 

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tehzeeb love shayari in urdu english thoughts, poetry, status

मसला तहजीब का है की.. 
मैं बदनाम ना हो जाऊँ,

जब तु पुकारे नजाकत से फिर
तहजीब के साथ मैं दौड़ता चला आऊँ..

masla tehzeeb ka hai ki 
mai badnam na ho jaaun.. 
jab tu pukare nazakat se fir
tehzeeb ke sath mein
daudta chala aaoon..


best love shayari collection in english urdu |  whatsapp facebook status

उम्रभर मैं भूल करता रहा..
एक बार नहीं सौ बार करता रहा.. 

जब आयी तहजीब मुझमें,
शायर से सिधा गज़लकार बन गया..


umr bhar mai bhool karta raha..
ek bar nahin sau baar karta raha.. 
jab aai tehzeeb mujhme,
shayar se sidha gazalkaar ban gaya.. 

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