shabnam 1: Love Shayari आपको शबनम के बूंदोंकी याद दिलायेगी

shabnam par shayari : आपने अनुभव किया होगा जब भी shabnam की बूंदे किसी पौधे के पत्तों पर जम जाती है, तो वो बड़ी ही खूबसूरत दिखाई देती है. shabnam की बूंदों को एक चमक प्राप्त होती है. और वह चमक उन्हें सूरज की किरणें प्रदान करती है. 

shabnam की बूंदों को आपने अक्सर सर्दी के मौसम में देखा होगा. जब भी शबनम की बूंदे इन सूरज की किरणों में चमक उठती हैं, तो उनकी चमक किसी प्रेमी को अपनी महबूबा की आंखों की चमक जैसी दिखाई देती है. आपका मन उन शबनम की बूंदों को जैसे संभाल कर रखना चाहता है.

अपने दिल में संजोकर रखना चाहता है.  shabnam meaning   हवा में मिली हुई भाप, जो रात की सर्दी के कारण जमकर पत्तों पर कणों के रूप में गिरती है. या शबनम को हम आसान शब्दों में ओस की बूंदे भी कह सकते हैं. वो शबनम की बूंदे उन पौधों के स्वरूप को जैसे बदल ही देती है.

घास के पत्तों को एक और नया रंग चढ़ा देती है. उन शबनम की बूंदों की वजह से उन घास के पत्तों को भी एक नई संजीवनी मिल जाती है. छोटे-छोटे पत्तों को भी शबनम की बूंदों की वजह से एक नई सी चमक मिलती है. उनमें जैसे नई जान भर देती है.

यूं तो शबनम की बूंदों का निर्माण प्रकृति करती है. लेकिन उनकी चमक की इंसान सराहना करता है. प्रकृति की हर चीज बहुत सराहनीय होती है. हम अपने आसपास हर रोज पेड़, पौधे, फूल जो कुछ देखते हैं, ये हमारे प्रकृति का ही तो एक रूप होते हैं.

उनकी बनावट प्रकृति ने हमारे कामों को आसान करने के लिए ही बनाई होती है. जैसे पेड़, पौधों का हमारे जीवन में महत्व है. वैसे ही इन शबनम की बूंदों पर बहुत से छोटे-छोटे जीव आश्रित होते हैं. और ऐसे ही प्रकृति अपना जीवन चक्र शुरू रखती है. उसी प्रकार शबनम हमारे जीवन को भी एक नया आयाम देती है. 

साथ ही आपने शबनम के बारे में आई हुई कई बातों को भी सुना होगा जैसे कि  shola aur shabnam यानी कि प्रकृति कभी शबनम का रूप धारण कर लेती है. तो कभी-कभी वही शोला बन कर भी उम्र सकती है.

साथ ही  shabnam singh और shabnam dhillon या फिर  shabnam gupta , shabnam shaikh  , shabnam mausi  ऐसे कई तरह के शबनम की नामों की चर्चा आपने हर कही सुनी ही होगी.

उनकी वो हसीन मुस्कान, आपको शबनम की बूंदों की याद दिलाती है..

जब प्रेमी अपनी प्रेमिका के बारे में सोच विचार करता है, तो वो उसकी किसी ने किसी से तुलना करने की कोशिश करता है. और इसमें वह उसकी तुलना शबनम की बूंदों से भी पाता है. वह जब भी अपने दिलबर की मुस्कान को देखता है. या फिर महसूस करता है, तो शबनम के बूंदों की याद ही आती है.

जो रात की ठंड से जमती हुए सुबह पेड़ पौधों के पत्तों पर पानी के स्वरूप में जम जाती है. और इन्हीं शबनमी बूंदों की वजह से प्रेमी भी अपनी महबूबा के प्यार में और भी डूब जाना चाहता है. वो इससे पहले भी उन शबनमी बूंदों को देखकर मुस्कुराता था.

लेकिन उसने जब से अपनी माशूका की मुस्कुराने की अदा देखी है, तबसे वो उन शबनम की बूंदों की मुस्कुराहट भी भूल गया है. उसकी मुस्कान देखकर तो, जैसे वो अपना दिल ही उसकी हाथ में थमा बैठा है. उसे तो ऐसे लगता है, जैसे उसके दिल में एक बहुत बड़ा कोई भूचाल आ गया हो.

अपने महबूब की इतनी हसीन मुस्कान की वजह से उसके प्यार के गहरे समंदर में भी जैसे बहुत बड़ी हलचल सी मच गई हो. और उस हलचल की वजह से वो अपने दिल को जैसे संभाल ही नहीं पा रहा है.

अपने महबूब की इस कोमल मुस्कान की वजह से वह अपने दिल पर जरा भी काबू नहीं कर पा रहा है. उसे तो लग रहा है कि शायद उसके दिलबर कि ये मुस्कान कहीं उसकी जान ना ले ले.

आप ही हो इन चमकते शबनम की बूंदों की हंसी..

अब तो उनके प्यार में डूबा हुआ यह आशिक बस उन्हीं की याद में खोया रहता है. जैसे उसके इश्क के समंदर में उसके दिल की कश्ती जैसे इधर उधर डोल रही हो. वह अपने महबूब की बाहों में जाने के लिए जैसे मचल रही हो. उसे तो अब हर जगह अपने महबूब की आंखें ही नजर आती है.

हर चेहरे में अपने यार का ही चेहरा बसा हुआ दिखाई देता है. तो ऐसे में शबनम की बूंदों का क्या कहना. शबनम की बूंदे तो पहले से ही प्रकृति की चमक से भरी हुई होती है. उनका तो आशिक के दिलबर से मेल खाना लाजमी है.

वो जब भी सुबह की किरणों में इन पौधों के पत्तों पर जमी हुई शबनम की बूूंदों को देखता है, तो उसके मन में भी अपने महबूब की याद आना लाजमी है. उन बूंदों में भी अपने महबूब का चेहरा ही देखता रहता है. जैसे शबनम की बूंदे भी उसके साथी की तरह ही मुस्कुरा रही हो. उसके प्यार में तड़प रही हो.

वह तो इन हरी-भरी फिजाओं में भी अपने दिलबर का रूप समाया हुआ महसूस करता है. उसे यह एहसास होता है कि जैसे ही मैं फूलों में, बहारों में, इन फिजाओं में शबनम की वजह से जो चमक छाई हुई है. कुछ इस कदर ही इन प्रकृति के सभी रूपों में उसके महबूब की वजह से एक नई महक भी आई हुई है.

फूल और पत्तियों पर जमी शबनम की बूंदों की तरह ही रखूंगा मैं तुम्हें…

आपके महबूब के आने से आपकी जिंदगी में बहुत से नए बदलाव आए हैं. जैसे की आपको लग रहा है कि फिजाएं बदल गई है. फूलों में एक नई महक आ गई है. पंछियों की चहचहाहट आपको प्यारी सी लगने लगी है. पूरी प्रकृति, पूरी धरती जैसे फिर से एक बार सजती है.

ठीक उसी तरह से आपके दिल में भी एक नई बहार आ गई है. आपकी जिंदगी में एक नई उमंग छा गई है. और इस उमंग को, इस उत्साह को आप यूं ही हमेशा संजो कर रखना चाहते हैं. अपने दिल में इसे यूं ही छुपा कर रखना चाहते हैं. और इसी भावना के साथ आप अपने दिलबर को अपने दिल में बिठाने की तमन्ना रखते हो.

आपको तो ऐसा लगता है जैसे आप महबूब ही आपके जिंदगी की ख्वाहिश है. वह है तो आपका वजूद है. वह है तो आपके सारे उसूल है. जिस तरह से सुबह के सूरज की किरणों की वजह से  शबनम की बूंदे ओस की बूंदे पौधों पर  जम जाती है. उसी तरह आप अपने दिलबर को अपने दिल में छुपा कर रखना चाहते हो.

उसकी सारी ख्वाहिशों को अपने सर आंखों पर रखना चाहते हो.  वो कहे तो आप उसके लिए चांद तारे भी तोड़ कर ला सकते हो. आप उन्हें दुनिया की सारी खुशियां देना चाहते हो. ताकि उसे किसी भी चीज की कोई कमी ना रहे. लेकिन वह भी तो आपके प्यार में बस आपका साथ ही चाहता है. उसे और किसी चीज की कोई परवाह नहीं है.


इन रोमांटिक शायरियां को Mr. Milind Khanderao (mallie) इनकी आवाज़ में सुनकर 🎧 आप चमकती हुई शबनम की बूंदे भी भूल जाएंगे ! ▶ PLAY NOW ▶

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shabnam ke boond ki shayari in hindi

शबनम की बूंद जैसी है,
कोमलता आपकी मुस्कुराहट में..

हलचल सी मचा देती है,
इस गहरे इश्क़-ए-सागर में..

shabnam ki boond jaisi hai 
komalta aapki muskurahat mein..
hulchul si macha deti hai 
is gahare ishq e sagar mein…

shabnam-1-love-shayari-hindi-poetry-on-dew-1

shabnam shayari status poetry thoughts in hindi urdu

नज़र आए आपका ही चेहरा,
इन शबनम की बूंदों में..

फिजाएं गूंज उठी है,
आपकी ही महक में..

nazar aaye aapka hi chehrain 
shabnam ki boondon mein..
fizaye goonj uthi hai 
aapki hi mahak mein…


shayari on shabnam whatsapp facebook status

जिस तरह संभालकर रखते है
पत्ते शबनम की बूंद को..

उससे ज्यादा महफूज़ और खास 
रखना चाहते है हम आपको…

jis tarah sambhal kar
rakhte hain patte 
shabnam ki boond ko..
usse jyada mahfuz aur
khaas rakhna chahte
hain ham aapko…

shabnam-1-love-shayari-hindi-poetry-on-dew-2

इन शबनम की बूंदों की तरह चमकती हुई, हमारी लव शायरियों को सुनकर, अगर आपको अपने महबूब की आंखों का ख्याल आया हो, तो नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करते हुए हमें जरूर बताना फ्रेंड्स!


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2 thoughts on “shabnam 1: Love Shayari आपको शबनम के बूंदोंकी याद दिलायेगी”

  1. वाह वा, क्या आवाज पायी है मिलिंद जी आपने.👌👌👌
    सचमुच बिता कल याद आ गया👍👍

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