ibadat 1: दिलकश Love Shayari पढ़कर करें अपने प्यार की इबादत

ibadat : आप जब भी अपने दिलबर को याद करते हो तो एक तरीके से आप उसकी ibadat ही तो करते हो. ibadat शब्द का अर्थ होता है किसी देवी देवता के सामने जल, फूल आदि चढ़ाकर या उसके सामने कुछ प्रसाद अर्पण करते हुए की जाने वाली पूजा या उपासना. वैसे तो हर धर्म में अलग-अलग तरीकों से अपने इष्ट देवी-देवताओं की ibadat या उपासना करने की प्रथा होती है.

इबादत हमने की
इक गुनाह हमने किया

मुफलिसी थी दर-असल
लेकिन इश्क बेपनाह किया

– Sindhuja

ibadat humne ki
ek gunah humne kiya
muflisi thi dar-asal
lekin ishq bepanah kiya


इस लव शायरी को Santosh Salve इनकी आवाज़ में सुनकर आप भी अपने प्यार की इबादत करोगे!

आप भी अपने महबूब से हर वक्त बस प्यार ही करना चाहते हो, ये भी तो ibadat ही है. आप अपने दिलबर को अपनी पलकों पर बिठाना चाहते हो और उसके पवित्रता की ibadat ही करना चाहते हो. आपकी महबूबा भी आपके इस इबादत को नकारना नहीं चाहती. क्योंकि वो भी आपसे बेइंतहा मोहब्बत करती है. वो भी सपनों में बस आपकी ही इबादत करती है. हमेशा आपको ही याद करती है.

मोहब्बत में अपने चहेते, यार को हर वक्त याद करना भी एक पूजा ही तो होती है, इबादत ही होती है. चाहे उसे आप सुख में याद कर रहे हो या दुख में! आप उसी सामने ना होते हुए भी, अपने दिल की आंखों से उसकी इबादत करते हो. ये बात आपके यार के लिए बहुत ही आश्वासक होती है.विश्वास के लायक होती है. वो भी आपकी इस इबादत की हर बार तारीफ करती है. आपका सम्मान करती है.

आपके बगैर की गई मोहब्बत कैसे रास आएगी हमें..

आप अपने यार से अपने दिलो जान से मोहब्बत करते हो. उसे पल भर के लिए भी अकेला नहीं छोड़ना चाहते. उससे जरा भी दूर नहीं होना चाहते. क्योंकि उस से जरासी भी दूरी आपसे सही नहीं जाती. आप रात दिन बस उसकी ही ख्यालों में खोए हुए होते हो. हर वक्त बस उसे ही याद करते हो. आपके लिए यही उसकी इबादत होती है. लेकिन अगर उसके बिना आपको जिंदगी गुजारने पड़े तो क्या होगा?

इसे सोचकर भी आपके रोंगटे खड़े हो जाते हैं. उसके बिना आप की मोहब्बत आप की इबादत जैसे जल के बिना मछली होगी. धड़कन बिना जान होगी. एक तरीके से कहीं तो खुदा के बिना, ईश्वर के बिना की हुई उसकी पूजा, उसकी इबादत ही होगी. और ऐसी मोहब्बत ऐसी, इबादत आपको कतई मंजूर नहीं है. क्योंकि आप उसके बिना जिंदगी गुजारना ही नहीं चाहते.

उसकी ibadat करते हुए अगर भगवान को भी भूल जाऊं तो गम नहीं..

आप अपने दिलबर के अपने यार के प्यार में कुछ इस कदर डूब जाते हो कि आपको ना दिन का पता होता है, ना रात ढलने का पता होता है. आप तो उसके लिए दुनिया भुलाने के लिए तैयार होते हो. उसकी याद उसके ख्यालों में खोना अब बस यही आपका काम है. आपने यही इरादा कर लिया है की उसकी ख्यालों की बिना आप किसी का ख्याल भी अपने मन में ना आने देंगे.

आपके महबूब के खयालों में डूबकर, उसकी यादों में खोकर, आप अपने प्यार की कुछ इस कदर इबादत करना चाहते हैं. की फिर चाहे आप अपने देवी-देवताओं की इबादत करना भी क्यों ना भूल जाएं? आपको अपने दिलबर की पसंद के आगे और कुछ भी पसंद नहीं. आपका जीना तो बस उसके लिए ही जीना है. और आपका मरना भी उसके लिए ही है. आप अपने दिल की, अपनी जान की फिक्र किए बिना ही बस उनकी ही इबादत करना चाहते हो.

हर वक्त बस उसे ही याद करने से खुदा भी नाराज होकर मुझसे बोला..

आप अपने दिलबर से इतना प्यार करते हो कि दुनिया का कोई शख्स शायद ही किसी से प्यार करता हो. आप उसकी चाहत में इस कदर डूबता हो की आप उसके प्यार में खुद अपना नाम तक भूल गए हो. आपको दुनिया की ना कोई चिंता है, और ना ही किसी की कोई फिक्र है. आपको अपने महबूब के बिना और कोई चाह भी नहीं है. एक बस वही तो आपकी चाहत है. अपने महबूब के लिए आपका प्यार देखकर शायद खुदा भी नाराज होकर आपसे कभी पूछेगा. की उसके पहले आप अपने महबूब की याद या ख़्याल कर रहे हो.

ये बात साबित करती है कि आपका प्यार कभी कम नहीं हो सकता. और आपके प्यार को कोई जीत भी नहीं सकता. यही बात आपके प्यार के प्रति आपके समर्पण को और अपने दिल की कहानी को बिना कहे ही आपके साथी को बता देती है. इस बात से शायद आपका खुदा भी एक बार आपसे नाराज हो जाए. लेकिन आपका प्यार आपसे कभी नाराज नहीं होगा. वो आप पर हमेशा ऐसे ही कुर्बान रहेगा. आपकी ऐसे ही इबादत करता रहेगा.


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बगैर आपके कुछ ऐसे
होगी मेरी मोहब्बत..

जैसे खुदा के बिना इबादत

bagair aapke kuch aise
hogi meri mohabbat..
jaise khuda ke bina ibadat


इबादत shayari status in hindi urdu

आपके ही ख़यालो में
डूबता हूं कुछ ऐसे..

इबादत करना भी
भूल जाता हूं खुदा से…

aapke hi khayalon me
dubta hu kuch aise..
ibaadat karna bhi
bhul jata hu khuda se…


shayari on khuda ki ibadat in urdu

नाराज़ है खुदा मेरी
इबादत देखकर,

पूछता है.. मै पाँच वक्त
और वो हर वक्त ??

naraz hai khuda meri
ibadat dekhkar,
puchhta hai..
mai paanch waqt
aur vo har waqt ??

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अपने ख्यालों में भी महबूब की मोहब्बत को नाराज नहीं करना चाहोगे

जिस तरह से आप अपने महबूब से चाहत करते हो और उसमें अपनी Mohabbat shayari लिखते हो. आप का दिलबर आपकी इन सभी Khayal shayari को अपना ही मानते हुए पूरे दिल से सुनता है. आपके Mohabbat shayari को सुनकर भी कभी आपको खुद से अलग नहीं करना चाहता है.

और साथ ही वो आपकी naraz shayari को भी अपना मानते हुए उसे सुनने के लिए हर वक्त पसंद करता है. वह आपकी और आपके दिल की इबादत की तहे दिल से कद्र करता है और आपकी Khayal shayari को भी अपना मानता है. क्योंकि आपको पता है कि आपका दिलबर आपकी Mohabbat shayari हो या फिर naraz shayari हो उसे किसी भी तरह से अपने दिल से दूर नहीं करेगा. और इसी वजह से अब आप खुद भी इस तरह के Khayal shayari ज्यादातर सुनाने का जज्बा रखते हो.

जब से आप के महबूब ने आपकी Mohabbat shayari को सुनकर आपको उसकी पसंद का एहसास कराया है. इन सबसे आपको अब अपनी पुरानी लिखी हुई naraz shayari भी कोई मायने नहीं रखती है. और इसी वजह से आप आप अपनी सभी लिखी हुई Khayal shayari को भी भूलते हुए अब अपने दिलबर के लिए बस Mohabbat shayari का ही इंतजाम करना चाहते हो.

जिस तरह से वह आपके naraz shayari को भी अपने दिल के पास मानता है. उसी तरह से आप हर वक्त उसकी Khayal shayari में भी उसका जिक्र करते हुए यह बात सुनने के लिए राजी करते हो. आपके दिलबर ने आपकी Mohabbat shayari को रुसवा ना करते हुए आपके Khayal shayari का भी जिस तरह से जिक्र किया है. उससे अब आपको यकीन हो गया है कि वह बस आपसे ही प्यार करती है.

आपका महबूब आपकी लिखी हुई Mohabbat shayari को अपने दिल से लगा कर रखना चाहता है. जैसे वह आपको खुद कह रहा हूं कि आप उसकी naraz shayari को ही अपने पास रखते हुए अपने दिल की हालात उसे Khayal shayari में कहते जाओ. और जब तक वह अपनी किसी भी बात को आपकी Mohabbat shayari में बयां करने के लिए ना कहे.

तब तक आप अपनी Khayal shayari को ही उसके लिए बने हुए आपके जज्बात उस तक पहुंचाना चाहते हो. जब आपकी naraz shayari और आपकी Mohabbat shayari में आप एक तरह से अपने यार की बातों को बयां करना चाहोगे. उसे पता है कि तभी आप अपने दिल की naraz shayari की और Khayal shayari मदद से यादों को उसमें अपने जज्बात पूरी तरह से डाल सकोगे.


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2 thoughts on “ibadat 1: दिलकश Love Shayari पढ़कर करें अपने प्यार की इबादत”

  1. बहोत बेहतरीन शायरियां👌
    ऐसीही नई शायरियों की अपेक्षा💐

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